खबरीलाल डेस्क
भारत में मानसून अब अपने पूरे रौद्र रूप में आ चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 जुलाई के लिए देश के मौसम को लेकर एक बेहद गंभीर और बड़ा अलर्ट जारी किया है। देश के 11 प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, ओलावृष्टि और 90 किलोमीटर प्रति घंटे की भयानक रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। अगर आप कल घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए पढ़ना बेहद जरूरी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन राज्यों में मौसम कैसा रहने वाला है और आपको क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
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क्यों अचानक बदला मौसम का मिजाज? जानें इसके पीछे का विज्ञान

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​मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की इस अचानक तेज हुई आक्रामकता के पीछे दो प्रमुख भौगोलिक और मौसमी कारण हैं:
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    बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area): उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक बेहद मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure System) बन गया है। यह सिस्टम समुद्र से भारी मात्रा में नमी खींचकर मैदानी इलाकों की तरफ धकेल रहा है।
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    चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation): इसके साथ ही, पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एक शक्तिशाली चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र (Cyclonic Circulation) सक्रिय हो गया है।
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इन दोनों सिस्टम के आपस में टकराने और एक साथ काम करने की वजह से देश के मध्य और उत्तर भारत में अगले 4 से 5 दिनों तक मूसलाधार बारिश होने की संभावना बन गई है।
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राज्यवार मौसम का विस्तृत हाल: कहाँ बरसेगा सबसे ज्यादा कहर?

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​मौसम विभाग ने देश को अलग-अलग जोन में बांटकर चेतावनियां जारी की हैं। आइए देखते हैं आपके राज्य का क्या हाल है:
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1. उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर (NCR): तूफान और जलभराव का खतरा

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​राजधानी दिल्ली में 4 जुलाई को मौसम बेहद खराब रहने का अनुमान है। यहाँ भारी बारिश के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। निचले इलाकों में जलभराव की भारी समस्या हो सकती है।
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वहीं, देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। यूपी के मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर समेत कई जिलों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आने की चेतावनी है। इतनी तेज हवाओं में पेड़ उखड़ने और बिजली के खंभे गिरने का खतरा बना रहता है।
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​2. बिहार और झारखंड: आसमानी बिजली (वज्रपात) का खौफ

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​पूर्वी भारत में, विशेषकर बिहार और झारखंड में, मानसून पूरी तरह से मेहरबान तो है, लेकिन यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
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    बिहार: पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार और भागलपुर में भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होगी।
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  • \r\n
    झारखंड: रांची, बोकारो, देवघर, गिरिडीह और दुमका में 90 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं के साथ भयंकर बारिश की चेतावनी दी गई है। इन दोनों राज्यों के लोगों को आसमानी बिजली (Lightning) गिरने से विशेष तौर पर सावधान रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
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​3. पहाड़ी राज्य (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर): भूस्खलन (Landslide) का खौफनाक अलर्ट

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​पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश सीधे तौर पर तबाही का कारण बन सकती है। लगातार बारिश से पहाड़ दरकने (Landslide) और फ्लैश फ्लड का खतरा मंडरा रहा है।
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    उत्तराखंड: देवभूमि के नैनीताल, चंपावत, हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग और पौड़ी गढ़वाल में भारी बारिश और आंधी की भयानक चेतावनी है। चारधाम यात्रियों को मौसम देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
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    हिमाचल प्रदेश: 4 से 6 जुलाई तक सोलन, सिरमौर, कुल्लू, चंबा, शिमला और मंडी में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।
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    जम्मू-कश्मीर: उधमपुर, सांबा, कठुआ, गांदरबल, राजौरी, मीरपुर, पुंछ, डोडा और जम्मू में भारी बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर आ सकते हैं। हाईवे ब्लॉक होने की पूरी संभावना है।
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4. मध्य और पश्चिम भारत (मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब)

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    महाराष्ट्र: पालघर, ठाणे, रत्नागिरी, कोल्हापुर, सतारा, नागपुर, यवतमाल और गोंदिया में मूसलाधार बारिश जनजीवन अस्त-व्यस्त कर सकती है। तटीय इलाकों में समुद्र से दूर रहने की चेतावनी है।
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    मध्य प्रदेश: शिवपुरी, सागर, खंडवा, दमोह, होशंगाबाद, रायसेन, मंदसौर, नीमच, कटनी, विदिशा और आगर-मालवा में भी भारी बारिश और तेज तूफान की चेतावनी जारी की गई है।
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    पंजाब और राजस्थान के कई जिलों में भी तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश की संभावना है, जो किसानों के लिए राहत की खबर तो है, लेकिन तेज हवाएं फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।
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​एक नज़र में: IMD का 4 जुलाई का वेदर चार्ट

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राज्य
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मुख्य प्रभावित जिले / क्षेत्र
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संभावित खतरा / हवा की गति
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दिल्ली-NCR
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पूरी दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम
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भारी बारिश, 60-70 km/h हवाएं, जलभराव
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उत्तर प्रदेश
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मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, वाराणसी
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80-90 km/h आंधी, पेड़/खंभे गिरने का खतरा
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झारखंड
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रांची, बोकारो, देवघर
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90 km/h तेज हवाएं, भारी बारिश, बिजली गिरना
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उत्तराखंड
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नैनीताल, देहरादून, हरिद्वार
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भूस्खलन (Landslide), फ्लैश फ्लड, भारी बारिश
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बिहार
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पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर
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वज्रपात (बिजली गिरना) और मूसलाधार बारिश
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IMD और आपदा प्रबंधन की एडवाइजरी: क्या करें और क्या न करें?

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​जब हवाओं की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँचने वाली हो और मूसलाधार बारिश का अलर्ट हो, तो सुरक्षा ही बचाव का एकमात्र उपाय है। प्रशासन ने नागरिकों के लिए कुछ सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं:
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क्या करें (Do's):

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    मौसम के अपडेट लेते रहें: घर से निकलने से पहले रेडियो, टीवी या मोबाइल पर मौसम का ताज़ा हाल जरूर चेक करें।
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  • \r\n
    सुरक्षित स्थानों पर रहें: आंधी और बिजली चमकने के दौरान पक्के घरों या इमारतों के अंदर ही रहें।
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    इमरजेंसी किट तैयार रखें: पावर कट की संभावना को देखते हुए टॉर्च, बैटरी, पावर बैंक, पीने का पानी और फर्स्ट-एड किट तैयार रखें।
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    किसानों के लिए सलाह: खेतों में कटी हुई फसल पड़ी हो तो उसे सुरक्षित स्थानों पर तिरपाल से ढक दें।
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क्या न करें (Don'ts):

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    पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें: 90 किमी/घंटे की आंधी में पुराने पेड़ और जर्जर बिजली के खंभे सबसे पहले गिरते हैं। इनके नीचे भूलकर भी खड़े न हों।
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    इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कम करें: बिजली कड़कने के दौरान प्लग में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर) का इस्तेमाल न करें।
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    पहाड़ी इलाकों की यात्रा से बचें: उत्तराखंड और हिमाचल में जब तक बहुत जरूरी न हो, सफर करने से बचें। लैंडस्लाइड के कारण रास्ते बंद हो सकते हैं।
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    नदियों और नालों से दूर रहें: अचानक पानी का जलस्तर (Flash flood) बढ़ सकता है, इसलिए नदी-नालों के किनारे बिल्कुल न जाएं।
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4 जुलाई का दिन मौसम के लिहाज से देश के एक बड़े हिस्से के लिए बेहद संवेदनशील रहने वाला है। मानसून की यह सक्रियता जहां एक तरफ गर्मी से पूरी तरह राहत दिलाएगी और खेती के लिए अमृत साबित होगी, वहीं दूसरी तरफ शहरी इलाकों में जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन जैसी आपदाएं लेकर आ सकती है। IMD का अलर्ट हल्के में लेने लायक नहीं है। 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का तूफान भारी तबाही मचा सकता है। इसलिए सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और मौसम विभाग की हर चेतावनी का गंभीरता से पालन करें।
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