नई दिल्ली: मध्य प्रदेश और राजस्थान में जहरीले कफ सिरप से हुई 24 से अधिक बच्चों की दर्दनाक मौत ने पूरे देश के स्वास्थ्य सिस्टम को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर संकट के बीच, डॉक्टरों की सबसे बड़ी संस्था, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए दवाइयों की अनियंत्रित बिक्री के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी चेतावनी जारी की है।READ ALSO:-24 मासूमों की जान लेने वाला 'मौत का सिरप'; कंपनी का डायरेक्टर गिरफ्तार, जांच में खुलासा- दवा में था 486 गुना ज़्यादा ज़हर!
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मेडिकल स्टोर्स को सीधी चेतावनी
\r\n\r\nIMA की अध्यक्ष डॉ. सरिता सिंह और सचिव डॉ. संजय सक्सेना द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में मेडिकल स्टोर संचालकों को सीधे तौर पर चेताया गया है। IMA ने स्पष्ट कहा है कि बिना डॉक्टर के वैध पर्चे (Prescription) के किसी भी दवा, विशेषकर एंटीबायोटिक्स और शेड्यूल-एच दवाओं की बिक्री तत्काल प्रभाव से बंद की जानी चाहिए। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि जो भी इस नियम का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई के लिए सरकार से सिफारिश की जाएगी।
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सरकार और प्रशासन से IMA की तीन बड़ी मांगें:
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- \r\n नकली दवाओं पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' हो: IMA ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration) से मांग की ہے कि वे बाजार में बिक रही नकली, मिलावटी और घटिया दवाओं के खिलाफ एक 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाएं और एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएं।\r\n \r\n
- \r\n नियम तोड़ने वालों पर हो सख्त एक्शन: एसोसिएशन ने कहा कि केवल चेतावनी देना काफी नहीं है। जो मेडिकल स्टोर मालिक बिना पर्ची के दवा बेचते पकड़े जाएं, उनका लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n जागरूकता अभियान चलाया जाए: आम जनता को नकली दवाओं और बिना पर्ची दवा खरीदने के खतरों के बारे में जागरूक करने के लिए एक व्यापक अभियान चलाने की भी मांग की गई है।\r\n \r\n
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आम जनता के लिए IMA का 'सेफ्टी मंत्र'
\r\n\r\nIMA ने केवल दुकानदारों और सरकार को ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों को भी अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जिम्मेदार होने की अपील की है।
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- \r\n बिल है तो सबूत है: दवा खरीदते समय हमेशा पक्का बिल मांगें। यह दवा के असली होने का एक बड़ा सबूत है।\r\n \r\n
- \r\n 'गूगल डॉक्टर' से बचें: अपनी बीमारी के लिए केवल क्वालिफाइड डॉक्टर या सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से ही सलाह लें। इंटरनेट से पढ़कर खुद अपना इलाज न करें।\r\n \r\n
- \r\n पर्ची का पालन करें: डॉक्टर ने जितने दिन की दवा लिखी है, कोर्स पूरा करें। अपनी मर्जी से दवा बंद न करें या शुरू न करें।\r\n \r\n
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डॉ. संजय सक्सेना ने बच्चों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, "यह एक राष्ट्रीय त्रासदी है और इसे दोबारा होने से रोकने के लिए दवा विक्रेताओं, डॉक्टरों, सरकार और जनता को मिलकर काम करना होगा। मरीजों की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।"
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