नई दिल्ली/चेन्नई: दक्षिण भारत के दो प्रमुख शहरों हैदराबाद और चेन्नई के बीच जल्द ही बुलेट ट्रेन चलने का सपना साकार होने वाला है। दक्षिण मध्य रेलवे ने हैदराबाद-चेन्नई हाई-स्पीड रेल परियोजना की अंतिम रिपोर्ट तमिलनाडु सरकार को सौंप दी है, जो दोनों शहरों के बीच यात्रा में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। वर्तमान में, ट्रेन से 12 घंटे का लंबा सफर इस नई हाई-स्पीड लाइन से घटकर मात्र 2.20 घंटे रह जाएगा।READ ALSO:-सावधान: क्या सिर्फ 'आधार कार्ड' देने से जुड़ जाएगा वोटर लिस्ट में नाम? चुनाव आयोग ने दूर किया कन्फ्यूजन, जान लें नए नियम
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यह परियोजना दक्षिण में नियोजित दो हाई-स्पीड रूटों में से एक है, दूसरा हैदराबाद-बैंगलोर कॉरिडोर है। परियोजना का विस्तृत विवरण सरकारी परामर्श फर्म राइट्स लिमिटेड (RITES) द्वारा किए गए सर्वेक्षणों के आधार पर तैयार किया गया है।
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हैदराबाद चेन्नई बुलेट ट्रेन रूट और स्टेशन
\r\n\r\nयह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर यात्रियों को कम समय में यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा और व्यापार को गति देगा। परियोजना को अंतिम रूप देने से पहले तमिलनाडु सरकार के अनुरोध पर कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
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- \r\n महत्वपूर्ण स्टेशन: पूर्व योजना में बदलाव करते हुए, तिरुपति में एक स्टेशन जोड़ा गया है।\r\n \r\n
- \r\n तमिलनाडु में स्टेशन: तमिलनाडु राज्य में कुल दो स्टेशन प्रस्तावित हैं: चेन्नई सेंट्रल और चेन्नई रिंग रोड स्टेशन।\r\n \r\n
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रेलवे ने राज्य सरकार से व्यापार और परिवहन की सुविधा के लिए प्रत्येक स्टेशन के आसपास लगभग 50 एकड़ जमीन जल्द से जल्द अधिग्रहित करने का अनुरोध किया है।
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| \r\n परियोजना का विवरण \r\n | \r\n \r\n वर्तमान समय (ट्रेन) \r\n | \r\n \r\n बुलेट ट्रेन समय \r\n | \r\n
| \r\n हैदराबाद-चेन्नई \r\n | \r\n \r\n लगभग 12 घंटे \r\n | \r\n \r\n 2.20 घंटे \r\n | \r\n
| \r\n शामिल स्टेशन \r\n | \r\n \r\n चेन्नई सेंट्रल, चेन्नई रिंग रोड, तिरुपति \r\n | \r\n \r\n समय की बचत और सुविधा \r\n | \r\n
परियोजना की खास बातें और भूमि अधिग्रहण
\r\n\r\nयह हैदराबाद चेन्नई बुलेट ट्रेन परियोजना कई तकनीकी और पर्यावरणीय चुनौतियों को पार करके तैयार की जाएगी।
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- \r\n सुरंग निर्माण: इस हाई-स्पीड नेटवर्क में तमिलनाडु में लगभग 12 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण शामिल होगा।\r\n \r\n
- \r\n भूमि आवश्यकता: रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस परियोजना के लिए कुल 223.44 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस मार्ग के लिए कोई वन भूमि नहीं ली जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n अन्य बाधाएं: इस मार्ग को लगभग 65 सड़कों और 21 उच्च-तनाव वाली बिजली लाइनों से होकर गुजारा जाएगा, जिसके लिए विशेष इंजीनियरिंग समाधानों की आवश्यकता होगी।\r\n \r\n
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सरकार से त्वरित मंजूरी की अपील
\r\n\r\nचेन्नई यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (CUMTA) ने कहा है कि सरकार द्वारा व्यापक परियोजना रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के एक महीने के भीतर वह अंतिम निर्णय लेगी। रेलवे ने राज्य सरकार से भूमि अधिग्रहण में देरी से बचने के लिए जल्द से जल्द स्थलों को अंतिम रूप देने को कहा है। मंजूरी मिलते ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा।
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यह हैदराबाद चेन्नई बुलेट ट्रेन कॉरिडोर दक्षिण भारत के कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है। यह न केवल यात्रा को सुविधाजनक बनाएगा बल्कि समय की भी भारी बचत होगी।
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दक्षिण मध्य रेलवे ने हैदराबाद-चेन्नई बुलेट ट्रेन परियोजना की अंतिम रिपोर्ट तमिलनाडु सरकार को सौंप दी है, जिससे इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह बुलेट ट्रेन 12 घंटे की मौजूदा यात्रा को घटाकर सिर्फ 2.20 घंटे कर देगी और तिरुपति जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरेगी। भूमि अधिग्रहण को अंतिम रूप देने के बाद, यह परियोजना दक्षिणी भारत के परिवहन और व्यापार में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने के लिए तैयार है।