नई दिल्ली — वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 4 अक्टूबर, 2025 को गुजरात के गांधीनगर में “आपकी पूँजी, आपका अधिकार” (Your Money, Your Right) नामक तीन-महीने की राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की है। इस पहल का लक्ष्य उन अनक्लेम्ड वित्तीय संपत्तियों को उनके असली मालिकों तक वापस पहुंचाना है जो बैंक, बीमा कंपनियाँ, म्यूचुअल फंड्स, शेयर कंपनियाँ और अन्य नियामक संस्थाओं के पास पड़ी हैं। आर्थिक मंत्रालय का आँकलन है कि भारत में लगभग ₹1.84 लाख करोड़ की ऐसी संपत्ति सुरक्षित रखी हुई है।
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मुख्य बिंदु और पहलु:-
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अनक्लेम्ड संपत्ति का स्वरूप
\r\nनिर्मला सीतारमण ने कहा कि ये न होकर कागज पर दर्ज राशियाँ हैं, बल्कि मौलिक बचत हैं — जैसे कि बैंक जमा, बीमा दावे, ग्रेच्युटी, पेंशन, शेयर लाभांश, म्यूचुअल फंड बकाया आदि।
\r\n\r\n\r\nनिर्मला सीतारमण ने कहा कि ये न होकर कागज पर दर्ज राशियाँ हैं, बल्कि मौलिक बचत हैं — जैसे कि बैंक जमा, बीमा दावे, ग्रेच्युटी, पेंशन, शेयर लाभांश, म्यूचुअल फंड बकाया आदि।
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वित्त मंत्रालय ने यह भी बताया है कि
\r\nअगस्त 2025 तक, बैंक में ₹75,000 करोड़ से अधिक जमा राशि अनक्लेम्ड के रूप में संचालित थीं।
\r\n\r\n\r\nअगस्त 2025 तक, बैंक में ₹75,000 करोड़ से अधिक जमा राशि अनक्लेम्ड के रूप में संचालित थीं।
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- अनक्लेम्ड बीमा दावे: लगभग ₹13,800 करोड़ \r\n
- म्यूचुअल फंड बकाया: लगभग ₹3,000 करोड़ \r\n
- बकाया डिविडेंड्स: ₹9,000 करोड़ से अधिक \r\n
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“आपकी पूँजी, आपका अधिकार” अभियान — कैसे चलेगा
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- अवधि: अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक तीन महीने की अवधि। \r\n
- संभाग: यह अभियान प्रत्येक जिले में आयोजित किया जाएगा। डिजिटल डेमोंस्ट्रेशन, हेल्पडेस्क और स्थानीय सहायता केंद्रों से लोगों को मार्गदर्शन मिलेगा। \r\n
- समूह सहभागिता: इस अभियान को वित्त मंत्रालय (DFS), RBI, SEBI, IRDAI, PFRDA, IEPFA समेत सभी वित्तीय संस्थानों की भागीदारी से संचालित किया जाएगा। \r\n
- डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म: UDGAM नामक पोर्टल का उपयोग अनक्लेम्ड जमा की जानकारी देखने और दावा करने के लिए किया जाएगा। \r\n
- दावे प्रक्रिया: नागरिकों को प्रासंगिक दस्तावेज (पहचान पत्र, पैन, बैंक विवरण आदि) प्रस्तुत करके दावे करने की अनुमति होगी। \r\n
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सरकारी बयान और भरोसा
\r\nसीतारमण ने स्पष्ट किया कि ये राशि पूरी तरह सुरक्षित है और सरकार इसे केवल अस्थायी संरक्षक (custodian) की तरह रखे हुए है। जब कोई योग्य दावा प्रस्तुत करेगा, राशि तुरंत दी जाएगी।
\r\n\r\n\r\nसीतारमण ने स्पष्ट किया कि ये राशि पूरी तरह सुरक्षित है और सरकार इसे केवल अस्थायी संरक्षक (custodian) की तरह रखे हुए है। जब कोई योग्य दावा प्रस्तुत करेगा, राशि तुरंत दी जाएगी।
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- उन्होंने कहा, “Awareness, Access और Action” — ये तीन स्तंभ होंगे इस अभियान के। (जानकारी बढ़ाना, पहुँच आसान बनाना, और दावा की प्रक्रिया को क्रियान्वित करना) \r\n
- DFS (वित्तीय सेवाएँ विभाग) सचिव म. नागराजू ने जानकारी दी कि विभिन्न नियामकों के पास जमा राशि और अन्य बकाया को मानकीकृत तरीके से ट्रांसफर किया गया है। \r\n
- राज्य वित्त मंत्रियों और स्थानीय बैंक अधिकारियों को भी लोगों को जागरूक करने और दामों प्रक्रिया को सुगम बनाने का निर्देश दिया गया है। \r\n
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अपेक्षित चुनौतियाँ व सावधानियाँ
\r\nकई लोगों को पता नहीं होगा कि उनके नाम से ऐसी संपत्ति है — पुराने बैंक खाते, बदलती पते, नाम परिवर्तन आदि जटिलताएँ हो सकती हैं।
\r\n\r\n\r\nकई लोगों को पता नहीं होगा कि उनके नाम से ऐसी संपत्ति है — पुराने बैंक खाते, बदलती पते, नाम परिवर्तन आदि जटिलताएँ हो सकती हैं।
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- KYC और पहचान दस्तावेज़ की समस्या — किसी व्यक्ति की पहचान और दस्तावेजों में मिलान करना चुनौती हो सकता है। \r\n
- समयबद्ध निपटान — दावा प्रक्रिया में देरी होने की संभावना और शिकायतें बढ़ सकती हैं। \r\n
- नियामक और वित्तीय संस्थानों की भूमिका — बैंक, बीमा कंपनियाँ, फंड हाउस आदि को दावे निपटाने में त्वरितता दिखानी होगी। \r\n
- डिजिटल पहुँच की समस्या — ग्रामीण और डिजिटल नासमझ क्षेत्रों में लोगों को पोर्टल, ऑनलाइन प्रक्रिया समझने में कठिनाई हो सकती है। \r\n
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FAQ — आम सवाल और जवाब
\r\n\r\nQ1: मैं कैसे जानूं कि मेरे नाम पर अनक्लेम्ड राशि है?
\r\nA: UDGAM पोर्टल या संबंधित बैंक / फाइनेंशियल संस्थान की वेबसाइट पर चेक करें।
\r\nQ2: दावा करने के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए होंगे?
\r\nA: पहचान प्रमाण (आधार / पैन), बैंक विवरण, बीमा पॉलिसी/म्यूचुअल फंड विवरण आदि।
\r\nQ3: क्या यह प्रक्रिया सभी राज्यों और जिलों में होगी?
\r\nA: हाँ, अभियान को भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में October–December 2025 तक लागू किया जाएगा।
\r\nQ4: यदि मैंने दावे कर दिए, तो राशि कब मिलेगी?
\r\nA: प्रमाणित दावा प्रस्तुत करने पर राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शीघ्रता से पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
\r\nQ5: अगर नाम बदल गया हो या दस्तावेज अलग हों तो?
\r\nA: ऐसे मामलों में प्रमाणित दस्तावेज (नाम परिवर्तन दस्तावेज़) प्रस्तुत कर दावे किए जा सकते हैं।
\r\n\r\n\r\nA: UDGAM पोर्टल या संबंधित बैंक / फाइनेंशियल संस्थान की वेबसाइट पर चेक करें।
\r\nQ2: दावा करने के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए होंगे?
\r\nA: पहचान प्रमाण (आधार / पैन), बैंक विवरण, बीमा पॉलिसी/म्यूचुअल फंड विवरण आदि।
\r\nQ3: क्या यह प्रक्रिया सभी राज्यों और जिलों में होगी?
\r\nA: हाँ, अभियान को भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में October–December 2025 तक लागू किया जाएगा।
\r\nQ4: यदि मैंने दावे कर दिए, तो राशि कब मिलेगी?
\r\nA: प्रमाणित दावा प्रस्तुत करने पर राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शीघ्रता से पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
\r\nQ5: अगर नाम बदल गया हो या दस्तावेज अलग हों तो?
\r\nA: ऐसे मामलों में प्रमाणित दस्तावेज (नाम परिवर्तन दस्तावेज़) प्रस्तुत कर दावे किए जा सकते हैं।
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निष्कर्ष
\r\n“आपकी पूँजी, आपका अधिकार” अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे करोड़ों लोगों को उनकी अनक्लेम्ड वित्तीय संपत्ति वापस पाने का अवसर मिलेगा। यह न केवल आर्थिक न्याय का सवाल है, बल्कि यह सरकार की नागरिक-केंद्रित पहल और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा है। यदि आपके नाम पर कभी बैंक खाते, बीमा पॉलिसी या म्यूचुअल फंड लागू थे — आज से एक कदम उठाएँ, अपना दावा करें और अपने पैसे को वापस पाएं।
\r\n“आपकी पूँजी, आपका अधिकार” अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे करोड़ों लोगों को उनकी अनक्लेम्ड वित्तीय संपत्ति वापस पाने का अवसर मिलेगा। यह न केवल आर्थिक न्याय का सवाल है, बल्कि यह सरकार की नागरिक-केंद्रित पहल और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा है। यदि आपके नाम पर कभी बैंक खाते, बीमा पॉलिसी या म्यूचुअल फंड लागू थे — आज से एक कदम उठाएँ, अपना दावा करें और अपने पैसे को वापस पाएं।