खबरीलाल डेस्क

गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में पुलिस विभाग के लिए दुखद खबर सामने आई है। सिटी पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात इंस्पेक्टर वनराज मंझरिया की मौत रेबीज संक्रमण के कारण हो गई। हैरानी की बात यह है कि यह संक्रमण उन्हें किसी जानवर के काटने से नहीं, बल्कि उनके ही पालतू कुत्ते के नाखून से लगी खरोंच से हुआ।

\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

यह घटना चौंकाने वाली इसलिए है क्योंकि उन्हें अपने ही पालतू जर्मन शेफर्ड कुत्ते के नाखून से हल्की सी खरोंच लगी थी। कुत्ते को नियमित तौर पर वैक्सीनेशन होता था इसलिए उन्होंने इंजेक्शन लगवाने की ज़रूरत नहीं समझी। लेकिन यही लापरवाही उनकी ज़िंदगी की सबसे बड़ी गलती साबित हुई।

\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

कुत्ते का नाखून लगने के कुछ दिन बाद उन्हें पानी से डर लगने लगा (हाइड्रोफोबिया) जैसे लक्षण दिखे। आखिरी समय में हालात इतने गंभीर हो गए कि उन्हें बिस्तर से बांधकर रखना पड़ा क्योंकि रेबीज का असर इंसान को मानसिक रूप से असामान्य बना देता है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि मामूली खरोंच पर भी तुरंत रेबीज वैक्सीन लगवाना चाहिए।

\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मामूली चोट समझकर कर दिया नजरअंदाज

\r\n\r\n

करीब पांच दिन पहले, वनराज मंझरिया अपने घर पर थे। इसी दौरान उनके पालतू कुत्ते का नाखून उनके हाथ में लग गया और हल्की सी खरोंच आ गई। इंस्पेक्टर ने सोचा कि यह मामूली चोट है और कुत्ता भी वैक्सीनेटेड है, इसलिए कोई खतरा नहीं है।

\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

उन्होंने डॉक्टर से संपर्क नहीं किया और न ही रेबीज वैक्सीन लगवाई। कुछ दिनों बाद उन्हें बुखार, बेचैनी और गले में दिक्कत होने लगी। इसके बाद अचानक उनके अंदर हाइड्रोफोबिया (पानी से डरने की बीमारी) के लक्षण दिखने लगे। वे पानी देखने और पीने से घबराने लगे। परिवार ने उन्हें तुरंत केडी हॉस्पिटल, अहमदाबाद में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें रेबीज से संक्रमित बताया।

\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अस्पताल में पांच दिन की जद्दोजहद

\r\n\r\n

हॉस्पिटल में भर्ती रहने के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। डॉक्टरों के अनुसार, वायरस ने उनके नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर लिया था। रेबीज के चलते वे पानी पीने से डरने लगे, थूक ज्यादा आने लगा और सांस लेने में कठिनाई होने लगी। हालत इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें बिस्तर से बांधकर रखना पड़ा क्योंकि वायरस के कारण वे मानसिक रूप से असामान्य हो रहे थे। पांच दिन तक चले इलाज के बाद अंततः उनकी मौत हो गई।

\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

डॉक्टरों और विशेषज्ञों के बयान

\r\n\r\n

केडी हॉस्पिटल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने मीडिया से बातचीत में कहा:

\r\n\r\n
\r\n

“रेबीज एक खतरनाक वायरस है। एक बार लक्षण दिखना शुरू हो जाएं तो मरीज को बचाना लगभग नामुमकिन हो जाता है। इंस्पेक्टर मंझरिया के केस में सबसे बड़ी गलती यह रही कि उन्होंने शुरुआत में टीका नहीं लगवाया।”

\r\n
\r\n\r\n

सिविल हॉस्पिटल, अहमदाबाद के एक संक्रामक रोग विशेषज्ञ ने बताया:

\r\n\r\n
\r\n

 “लोग अक्सर यह सोचते हैं कि अगर जानवर वैक्सीनेटेड है तो खतरा नहीं होगा। लेकिन यह गलतफहमी है। नाखून, खरोंच या हल्की चोट से भी वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। इसलिए तुरंत पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस (PEP) वैक्सीन लगवाना चाहिए।”

\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

रेबीज और हाइड्रोफोबिया : जानिए कैसे असर करता है

\r\n\r\n
    \r\n
  • रेबीज वायरस मुख्य रूप से जानवरों की लार, काटने या नाखून से फैलता है।
  • \r\n
  • यह ब्रेन और नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है।
  • \r\n
  • इसके लक्षणों में तेज बुखार, बेचैनी, भ्रम, आक्रामक व्यवहार, ज्यादा थूक आना और सबसे खास पानी से डरना (हाइड्रोफोबिया) शामिल है।
  • \r\n
  • हाइड्रोफोबिया इसलिए होता है क्योंकि पानी गले में जाते ही मसल्स में ऐंठन होने लगती है।
  • \r\n
  • एक बार यह स्थिति आ जाने पर मौत लगभग तय होती है क्योंकि इसका कोई इलाज नहीं है।
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस विभाग और परिवार में शोक

\r\n\r\n

इंस्पेक्टर वनराज मंझरिया की मौत की खबर से अहमदाबाद पुलिस विभाग और उनका परिवार सदमे में है। उनके साथी अफसरों का कहना है कि यह घटना सबके लिए सीख है कि मामूली सी चोट को भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।

\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

कुत्ता काटे या नाखून लगे तो इन बातों का रखें ध्यान

\r\n\r\n
    \r\n
  • अगर कुत्ता काटे, खरोंच दे या नाखून लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • \r\n
  • चाहे पालतू जानवर वैक्सीनेटेड हो, फिर भी इंसान को वैक्सीन लगवाना जरूरी है।
  • \r\n
  • खून न निकले तो भी खतरा रहता है।
  • \r\n
  •  देरी करना जानलेवा साबित हो सकता है।
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

छोटी सी खरोच ले सकती है जान

\r\n\r\n

इंस्पेक्टर वनराज मंझरिया का मामला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि हम सबके लिए एक चेतावनी है। छोटी सी खरोंच ने उनकी जान ले ली क्योंकि उन्होंने इसे हल्के में लिया।

\r\n\r\n

इसलिए याद रखिए, रेबीज में लापरवाही की कोई जगह नहीं है। चाहे चोट कितनी भी मामूली क्यों न लगे, तुरंत इलाज करवाएं और रेबीज का इंजेक्शन जरूर लगवाएं।

\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

 

\r\n\r\n