खबरीलाल डेस्क
हाल ही में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश के टैक्सी और ऑटो चालकों के लिए एक क्रांतिकारी पहल की शुरुआत की है। देश में ड्राइवरों को शोषण से बचाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से भारत टैक्सी (Bharat Taxi) को लॉन्च किया गया है। यह देश का पहला ड्राइवर-स्वामित्व वाला (Driver-owned) सहकारी मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है। ओला और उबर जैसी दिग्गज कंपनियों को टक्कर देने वाली यह सर्विस न केवल ड्राइवरों से भारी-भरकम कमीशन वसूलना बंद करेगी, बल्कि उन्हें अपनी कंपनी का मालिक भी बनाएगी।Read also:-साइबर फ्रॉड पर सरकार की 'डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक': 1 मार्च से लागू होगा 'सिम बाइंडिंग' का नियम, फोन में SIM नहीं तो बंद हो जाएगा WhatsApp-Telegram
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भारत टैक्सी क्या है और यह कैसे काम करती है?

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भारत टैक्सी कोई साधारण कैब एग्रीगेटर कंपनी नहीं है, बल्कि यह देश की पांच प्रमुख सहकारी संस्थाओं द्वारा मिलकर बनाया गया एक को-ऑपरेटिव मॉडल है। अमित शाह ने इस सेवा के ड्राइवरों, जिन्हें 'सारथी' नाम दिया गया है, के साथ बातचीत करते हुए बताया कि कोई भी ड्राइवर मात्र ₹500 का शेयर खरीदकर इस कंपनी का पार्टनर या सह-मालिक (Co-owner) बन सकता है।
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इस योजना के तहत ड्राइवरों को प्राइवेट कंपनियों की तरह 25-30% कमीशन नहीं देना होगा। इसके बजाय, उन्हें पारदर्शी तरीके से अपनी मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा। ऐप का इस्तेमाल करने के लिए चालकों को केवल एक मामूली दैनिक शुल्क (लगभग 30 रुपये) देना होगा।
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मुनाफे का 80% हिस्सा सीधे चालकों के खाते में

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इस पूरी योजना का सबसे बड़ा आकर्षण इसका प्रॉफिट-शेयरिंग यानी मुनाफा बांटने का मॉडल है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि भारत टैक्सी अपने कुल मुनाफे का 20% हिस्सा कंपनी के खाते में पूंजी (Capital) के रूप में जमा करेगी, जबकि शेष 80% मुनाफा ड्राइवरों द्वारा तय की गई किलोमीटर की दूरी के आधार पर सीधे उनके बैंक खातों में वापस कर दिया जाएगा।
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शुरुआती तीन साल कंपनी के विस्तार और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में लगाए जाएंगे, जिसके बाद यह 80% मुनाफे का फॉर्मूला पूरी तरह से लागू हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, कंपनी ड्राइवरों के लिए एक 'न्यूनतम आधार किराया' (Minimum Base Rate) भी तय करेगी ताकि उनकी तय आय हमेशा सुरक्षित रहे।
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महिला सशक्तिकरण: 'सारथी दीदी' पहल

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इस सहकारी पहल में महिला चालकों को विशेष सम्मान और अवसर देने के लिए 'सारथी दीदी' (Sarathi Didi) का कॉन्सेप्ट पेश किया गया है। यह योजना महिला ड्राइवरों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ महिला यात्रियों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करती है।
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भारत टैक्सी ऐप में जल्द ही एक नया फीचर जोड़ा जाएगा, जिसके तहत यदि कोई महिला यात्री अकेले यात्रा (Solo trip) कर रही है, तो ऐप स्वचालित रूप से उस बुकिंग को प्राथमिकता के आधार पर 'सारथी दीदी' को असाइन करेगा। इससे महिलाओं के लिए रात-बिरात कैब बुक करना और भी ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा।
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अन्य कैब कंपनियों से कैसे अलग है भारत टैक्सी?

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वर्तमान में कई राइड-हेलिंग ऐप्स चालकों का भारी कमीशन काटकर अपना मुनाफा बढ़ाती हैं। लेकिन भारत टैक्सी अमूल (Amul) के को-ऑपरेटिव मॉडल की तर्ज पर काम करती है, जहां मेहनत करने वाला ही मालिक होता है।
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    कोई भारी कमीशन नहीं: इसमें सर्ज प्राइसिंग और मनमाने कमीशन का खेल नहीं है।
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    बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में जगह: जैसे-जैसे सारथियों की संख्या बढ़ेगी, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में उनके लिए सीटें आरक्षित होंगी। ड्राइवर अपने हितों की रक्षा स्वयं करेंगे।
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    पारदर्शी किराया: यात्रियों को स्पष्ट और उचित किराया चुकाना होगा, जिसे स्थानीय परिवहन प्राधिकरण द्वारा मान्यता प्राप्त है।
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    सुरक्षा: दिल्ली पुलिस और अन्य संस्थाओं के सहयोग से जगह-जगह स्पेशल बूथ और इमरजेंसी कॉल सेंटर बनाए गए हैं।
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भारत टैक्सी मोबिलिटी सेक्टर में एक बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव है। ₹500 के छोटे से निवेश से शुरू होकर, यह योजना कैब ड्राइवरों को कॉर्पोरेट कंपनियों की गुलामी से निकालकर एक सम्मानजनक और प्रॉफिट-शेयरिंग मॉडल का हिस्सा बनाती है। शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) और गुजरात में लॉन्च की गई यह सर्विस अगले तीन सालों में देश के हर नगर निगम तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि 'सारथी' और 'सारथी दीदी' के भरोसे पर चलने वाली यह कैब सर्विस भविष्य में भारत की सड़कों पर कितना बड़ा बदलाव ला पाती है।