नई दिल्ली: डिजिटल क्रांति के इस दौर में सूचना जितनी तेजी से फैलती है, उससे कहीं ज्यादा रफ्तार से भ्रम और झूठ अपना पैर पसार रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ जिसने देश की करोड़ों महिलाओं के बीच खुशी की लहर दौड़ा दी, लेकिन हकीकत में यह खुशी नहीं, बल्कि एक बड़ा धोखा थी। दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के लिए आधार कार्ड पर मुफ्त स्कूटी योजना (Free Scooty Scheme on Aadhaar Card) की शुरुआत की है।READ ALSO:-मेरठ में ‘धर्मयुद्ध’ या ‘जायदाद’ का खेल? हिंदू संगठन की धमकी से मंडप कैंसिल, 13 फरवरी की शादी टली— युवती बोली, "चाचा को मेरी खुशी नहीं, प्रॉपर्टी चाहिए"
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इस वीडियो में पीएम मोदी की आवाज और चेहरा बिल्कुल असली लग रहा है, लेकिन केंद्र सरकार की फैक्ट चेक यूनिट (PIB Fact Check) ने इस दावे की धज्जियां उड़ा दी हैं। यह वीडियो न केवल फर्जी है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का एक खतरनाक उदाहरण भी है।
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आज के इस विस्तृत समाचार रिपोर्ट में हम न केवल इस वायरल वीडियो का सच बताएंगे, बल्कि यह भी समझेंगे कि कैसे AI तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को ठगा जा रहा है, और आप असली और नकली सरकारी योजनाओं में कैसे फर्क कर सकते हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nइंस्टाग्राम हैंडल ‘rounakkumartalks’ द्वारा साझा किए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के AI-जनित वीडियो के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार आधार कार्ड पर महिलाओं को मुफ्त स्कूटी प्रदान करेगी।
\r\n— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) February 12, 2026
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\r\n#PIBFactCheck
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\r\n❌ यह वीडियो एवं दावा #फर्जी है
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\r\n✅ केंद्र सरकार द्वारा… pic.twitter.com/rWMPtFXpm5
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वायरल वीडियो का दावा: क्या दिख रहा है स्क्रीन पर?
\r\n\r\nसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर एक वीडियो जंगल की आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक जनसभा को संबोधित करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो का ऑडियो कुछ ऐसा है जिसमें पीएम मोदी कथित तौर पर कह रहे हैं कि सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक नई योजना शुरू की है, जिसके तहत सिर्फ आधार कार्ड दिखाने पर महिलाओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी।
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यह वीडियो विशेष रूप से एक इंस्टाग्राम हैंडल
\r\n\r\nrounakkumartalks द्वारा साझा किया गया था, जिसके बाद इसे हजारों लोगों ने री-शेयर किया। वीडियो में दावा किया गया है:\r\n\r\n
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- \r\n यह योजना सभी महिलाओं के लिए है।\r\n \r\n
- \r\n लाभ लेने के लिए केवल आधार कार्ड की आवश्यकता है।\r\n \r\n
- \r\n आवेदन की प्रक्रिया तुरंत शुरू हो गई है।\r\n \r\n
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इस वीडियो को देखकर आम जनता, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं इसे सच मान बैठीं और साइबर कैफे या सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने लगीं। लेकिन सच्चाई यह है कि आधार कार्ड पर मुफ्त स्कूटी योजना नाम की कोई भी स्कीम केंद्र सरकार के बस्ते में नहीं है।
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पीआईबी (PIB) ने खोली पोल: "यह वीडियो पूरी तरह फर्जी है"
\r\n\r\nजैसे ही यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, पत्र सूचना कार्यालय (Press Information Bureau - PIB) की फैक्ट चेक यूनिट हरकत में आ गई। PIB ने इस वीडियो की तकनीकी जांच की और गुरुवार को अपना फैसला सुनाया।
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PIB ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियो का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए उस पर बड़े अक्षरों में 'FAKE' (फर्जी) की मुहर लगाई।
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PIB ने स्पष्ट किया:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"सोशल मीडिया पर एक AI-जनित (AI-Generated) वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधार कार्ड के आधार पर महिलाओं को मुफ्त स्कूटी दे रहे हैं। यह दावा पूरी तरह फर्जी है। भारत सरकार द्वारा ऐसी कोई योजना नहीं चलाई जा रही है।"\r\n
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AI और डीपफेक का खतरनाक खेल
\r\n\r\nयह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री या किसी बड़े सेलिब्रिटी का चेहरा और आवाज इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह किया गया हो। आधार कार्ड पर मुफ्त स्कूटी योजना का यह वायरल वीडियो 'डीपफेक' (Deepfake) टेक्नोलॉजी का एक क्लासिक उदाहरण है।
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डीपफेक क्या है? डीपफेक एक ऐसी तकनीक है जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग का उपयोग करके किसी व्यक्ति के चेहरे को किसी दूसरे के शरीर पर लगा दिया जाता है, या फिर किसी की आवाज (Voice Cloning) को हूबहू कॉपी कर लिया जाता है।
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इस वायरल वीडियो में भी यही हुआ है:
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- \r\n वीडियो: पीएम मोदी का कोई पुराना भाषण का वीडियो लिया गया।\r\n \r\n
- \r\n ऑडियो: AI वॉइस क्लोनिंग टूल की मदद से पीएम मोदी की आवाज में एक स्क्रिप्ट बुलवाई गई।\r\n \r\n
- \r\n लिप-सिंक (Lip-Sync): होठों की हरकतों को ऑडियो के साथ मैच करने के लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया।\r\n \r\n
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विशेषज्ञों का कहना है कि 2026 में AI टूल्स इतने सस्ते और सुलभ हो गए हैं कि कोई भी थोड़ी सी जानकारी के साथ ऐसे वीडियो बना सकता है। यही कारण है कि आधार कार्ड पर मुफ्त स्कूटी योजना जैसे दावे अब टेक्स्ट मैसेज से आगे बढ़कर वीडियो फॉर्मेट में आ गए हैं, जिन पर लोग आसानी से भरोसा कर लेते हैं।
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साइबर ठगों का नया हथियार
\r\n\r\nसुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ऐसे फर्जी वीडियो केवल गलत जानकारी फैलाने के लिए नहीं, बल्कि ठगी के लिए भी बनाए जाते हैं। आधार कार्ड पर मुफ्त स्कूटी योजना का झांसा देकर साइबर अपराधी निम्नलिखित तरीकों से लोगों को शिकार बनाते हैं:
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- \r\n फर्जी रजिस्ट्रेशन लिंक: वीडियो के साथ अक्सर एक लिंक दिया जाता है, जिस पर क्लिक करने को कहा जाता है। यह लिंक आपको एक फर्जी वेबसाइट पर ले जाता है जो दिखने में सरकारी वेबसाइट जैसी लगती है।\r\n \r\n
- \r\n डाटा चोरी: जैसे ही आप वहां अपना नाम, आधार नंबर, पता और बैंक डिटेल्स भरते हैं, आपका सारा डाटा हैकर्स के पास चला जाता है।\r\n \r\n
- \r\n प्रोसेसिंग फीस के नाम पर वसूली: कई बार फॉर्म भरने के बाद कहा जाता है कि रजिस्ट्रेशन फीस या डिलीवरी चार्ज के तौर पर 400-500 रुपये ऑनलाइन जमा करें। स्कूटी के लालच में लोग ये पैसे दे देते हैं।\r\n \r\n
- \r\n मैलवेयर अटैक: लिंक पर क्लिक करते ही आपके फोन में जासूसी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो सकता है, जो आपके बैंकिंग पासवर्ड चुरा सकता है।\r\n \r\n
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इसलिए, सरकार बार-बार चेतावनी दे रही है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे लुभावने वादों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
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असली और नकली योजना की पहचान कैसे करें?
\r\n\r\nआम जनता के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब वीडियो में प्रधानमंत्री खुद बोल रहे हों, तो उस पर शक कैसे करें? आधार कार्ड पर मुफ्त स्कूटी योजना जैसी फेक न्यूज से बचने के लिए आप इन तरीकों को अपना सकते हैं:
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- \r\n आधिकारिक वेबसाइट चेक करें: केंद्र सरकार की किसी भी योजना की जानकारी किसी इंस्टाग्राम रील या व्हाट्सएप फॉरवर्ड पर नहीं, बल्कि आधिकारिक वेबसाइट पर आती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के लिए केवल http://myscheme.gov.in पर भरोसा करें। यह पोर्टल केंद्र और राज्य सरकारों की सभी योजनाओं का एनसाइक्लोपीडिया है।\r\n \r\n
- \r\n डोमेन नेम (Domain Name) देखें: सरकारी वेबसाइटों के अंत में हमेशा\r\n
.gov.inया.nic.inहोता है। अगर कोई वेबसाइट.com,.xyz,.orgया.netपर खत्म हो रही है और सरकारी योजना का दावा कर रही है, तो वह 100% फर्जी है। \r\n - \r\n लिप-सिंक और आवाज में अंतर: AI वीडियो में अक्सर होठों की हरकत और शब्दों के उच्चारण में थोड़ा सा अंतर (Lag) होता है। अगर आप ध्यान से देखेंगे, तो पाएंगे कि चेहरे के हाव-भाव आवाज से मेल नहीं खा रहे हैं। इसे 'Uncanny Valley' इफेक्ट कहा जाता है।\r\n \r\n
- \r\n मुख्यधारा की मीडिया: अगर पीएम मोदी ऐसी कोई बड़ी घोषणा (जैसे आधार कार्ड पर मुफ्त स्कूटी योजना) करते हैं, तो यह देश के हर बड़े न्यूज चैनल और अखबार की हेडलाइन होगी। अगर आपको यह खबर टीवी पर नहीं दिख रही, तो समझ लीजिए यह फेक है।\r\n \r\n
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केंद्र सरकार की महिलाओं के लिए वास्तविक योजनाएं
\r\n\r\nजहां एक तरफ आधार कार्ड पर मुफ्त स्कूटी योजना पूरी तरह फर्जी है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई वास्तविक योजनाएं चला रही है। यह जानना जरूरी है ताकि आप सही योजना का लाभ उठा सकें:
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- \r\n लखपति दीदी योजना (Lakhpati Didi Yojana): इसके तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे सालाना 1 लाख रुपये से अधिक कमा सकें।\r\n \r\n
- \r\n पीएम उज्ज्वला योजना (PM Ujjwala Yojana): इसके तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है।\r\n \r\n
- \r\n पीएम मातृ वंदना योजना (PM Matru Vandana Yojana): गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता दी जाती है।\r\n \r\n
- \r\n सुकन्या समृद्धि योजना: बेटियों की पढ़ाई और शादी के लिए बचत योजना।\r\n \r\n
- \r\n ड्रोन दीदी योजना: महिलाओं को कृषि कार्यों के लिए ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग और ड्रोन दिए जा रहे हैं (न कि स्कूटी)।\r\n \r\n
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पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे इन वास्तविक योजनाओं के लिए अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) या ब्लॉक ऑफिस में संपर्क करें।
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सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की जिम्मेदारी
\r\n\r\nइस पूरे प्रकरण में इंस्टाग्राम हैंडल
\r\n\r\nrounakkumartalks का नाम सामने आया है। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और पेज एडमिन्स को कंटेंट शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए।\r\n\r\n
भारत के आईटी नियमों (IT Rules) के तहत, गलत जानकारी या डीपफेक कंटेंट बनाना और फैलाना एक दंडनीय अपराध है। सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को भी निर्देश दिया है कि वे ऐसे कंटेंट को तुरंत हटाएं और इसे बनाने वाले अकाउंट्स को ब्लॉक करें। यदि आप अनजाने में भी आधार कार्ड पर मुफ्त स्कूटी योजना जैसी फेक न्यूज शेयर करते हैं, तो आप कानूनी मुश्किल में पड़ सकते हैं।
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पीआईबी फैक्ट चेक से कैसे संपर्क करें?
\r\n\r\nसरकार ने नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए एक सीधा चैनल बनाया है। अगर आपको वाट्सऐप, फेसबुक या टेलीग्राम पर कोई ऐसा मैसेज मिले जो सरकारी योजना, नौकरी या घोषणा से जुड़ा हो और आपको उस पर शक हो, तो आप उसकी पुष्टि करवा सकते हैं।
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- \r\n WhatsApp नंबर: +91 8799711259\r\n \r\n
- \r\n ईमेल: pibfactcheck@gmail.com\r\n \r\n
- \r\n ट्विटर (X): @PIBFactCheck\r\n \r\n
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आप संदिग्ध खबर का स्क्रीनशॉट या लिंक इन माध्यमों पर भेजें। PIB की टीम इसकी जांच करेगी और आपको बताएगी कि खबर सच है या झूठ।
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मनोवैज्ञानिक पहलू: लोग क्यों फंसते हैं?
\r\n\r\nसाइबर मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि ठग हमेशा लोगों की 'जरूरत' और 'लालच' को निशाना बनाते हैं। भारत में महंगाई और बेरोजगारी के बीच 'मुफ्त' (Free) शब्द का आकर्षण बहुत ज्यादा है। जब आधार कार्ड पर मुफ्त स्कूटी योजना जैसा मैसेज आता है, तो व्यक्ति का तार्किक दिमाग बंद हो जाता है और वह इमोशनल होकर उस पर क्लिक कर देता है।
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इसके अलावा, 'फोमो' (FOMO - Fear Of Missing Out) भी एक कारण है। लोगों को लगता है कि "कहीं यह ऑफर खत्म न हो जाए," इसलिए वे बिना जांचे-परखे आवेदन करने की होड़ में लग जाते हैं।
\r\n\r\nनिष्कर्ष: सतर्कता ही बचाव है
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आधार कार्ड पर मुफ्त स्कूटी योजना का वायरल वीडियो एक चेतावनी है कि तकनीक के दौर में 'जो दिखता है, वह हमेशा सच नहीं होता।' सरकार ने साफ कर दिया है कि ऐसी कोई योजना नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी की आवाज और चेहरे का इस्तेमाल करके बनाया गया यह वीडियो केवल एक छलावा है।
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एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते, यह हमारा कर्तव्य है कि हम ऐसी खबरों को फॉरवर्ड करने से पहले रुकें, सोचें और चेक करें। याद रखें, आपकी थोड़ी सी सतर्कता आपको और आपके परिवार को बड़ी आर्थिक हानि और मानसिक परेशानी से बचा सकती है। सही जानकारी के लिए हमेशा
\r\n\r\nmyscheme.gov.in पर जाएं और अफवाहों की कड़ी को वहीं तोड़ दें।\r\n\r\n
PIB की आधिकारिक प्रेस रिलीज और चेतावनी वीडियो यहाँ देखें)सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि पीएम मोदी आधार कार्ड पर मुफ्त स्कूटी योजना चला रहे हैं। PIB ने इसे AI-जनित फेक न्यूज बताया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई योजना नहीं है। लोग myscheme.gov.in पर ही सही जानकारी देखें।
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