शकील अहमद
शकील अहमद ब्यूरो चीफ बिजनौरI बिजनौर, शनिवार: बिजनौर का जिला महिला अस्पताल गुरुवार को उस वक्त अखाड़े में तब्दील हो गया, जब एक महिला डॉक्टर और एक आशा कार्यकर्ता के बीच विवाद इतना बढ़ा कि बात हाथापाई और थप्पड़ों तक पहुंच गई। घटना का एक वीडियो आज, यानी शनिवार को सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।READ ALSO:-बिजनौर में खूनी रिश्ते तार-तार: जमीन और शक के ज़हर ने ले ली जान: बड़े भाई ने बेरहमी से घोंटा छोटे भाई का गला
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विवाद एक गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड कराने को लेकर शुरू हुआ। आशा कार्यकर्ता ने डॉक्टर पर रिश्वत मांगने और मोबाइल तोड़ने का आरोप लगाया है, जबकि डॉक्टर ने आशा पर लाइन तोड़कर जबरदस्ती करने और पहले हाथ उठाने का आरोप लगाया है। घटना के बाद से अस्पताल में तनाव का माहौल है और सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को धरना-प्रदर्शन भी किया।
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 गुस्साई आशाओं ने अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर जमकर नारेबाजी की।

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क्या है वायरल वीडियो में?
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शनिवार को सामने आए 49 सेकेंड के वीडियो ने पूरे मामले को और गरमा दिया है। वीडियो में साफ दिख रहा है:
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    एक डॉक्टर और कुछ महिलाओं के बीच तीखी बहस हो रही है।
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    इसी दौरान एक आशा कार्यकर्ता घटना का वीडियो बना रही होती है, तभी डॉक्टर गुस्से में उसका मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक देती हैं।
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    इसके तुरंत बाद, आशा कार्यकर्ता डॉक्टर को एक जोरदार थप्पड़ जड़ देती है।
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    जवाब में डॉक्टर भी आशा कार्यकर्ता पर ताबड़तोड़ कई थप्पड़ बरसा देती हैं।
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    मौके पर मौजूद अन्य महिलाएं और स्टाफ दोनों को अलग करने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।
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आशा कार्यकर्ता का पक्ष: '₹200 मांगे, विरोध करने पर मोबाइल तोड़ा'
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मंडावली की आशा कार्यकर्ता सरिता के अनुसार, वह दो गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कई दिनों से अस्पताल के चक्कर काट रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया, "गुरुवार को जब मैं महिलाओं को लेकर अल्ट्रासाउंड रूम में गई तो डॉक्टर ज्योति बालियान और स्टाफ ने फिर से पर्ची बनवाने को कहा। मैंने जब सवाल किया कि 4 दिन पुरानी पर्ची होने के बावजूद मुझे रोज क्यों लौटाया जा रहा है, तो डॉक्टर ने मुझसे 200 रुपए की मांग की।"
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 लोग बीच-बचाव करते रहे, लेकिन दोनों एक दूसरे को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थीं।

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सरिता ने आगे बताया, "जब मैंने कहा कि यहां इलाज मुफ्त है तो पैसे क्यों मांगे जा रहे हैं? इस पर दूसरी आशा ज्योति ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। यह देखकर डॉक्टर बाहर आईं, वीडियो डिलीट करने को कहा और मना करने पर मेरा फोन छीनकर तोड़ दिया और मेरे साथ मारपीट की।"
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डॉक्टर का पक्ष: 'लाइन तोड़कर बना रही थी दबाव, पहले उसने हाथ उठाया'
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वहीं, सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर ज्योति बालियान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है, "मैं लाइन में लगे मरीजों का अल्ट्रासाउंड कर रही थी, तभी आशा सरिता जबरन अंदर घुस आईं और अपने मरीज का अल्ट्रासाउंड पहले करने का दबाव बनाने लगीं। मैंने उन्हें नियम से चलने और अपनी बारी का इंतजार करने को कहा क्योंकि उनका केस इमरजेंसी नहीं था।"
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डॉक्टर ने कहा, "इससे नाराज होकर वह बदतमीजी करने लगी और एक मरीज, जिसके शरीर पर ठीक से कपड़े नहीं थे, उसका भी वीडियो बनाने लगी। मैंने बाहर जाकर उसे मरीज की निजता का हवाला देकर वीडियो बनाने से मना किया। इसी छीना-झपटी में उसका मोबाइल नीचे गिर गया। इसके बाद आशा ने मुझे पहले थप्पड़ मारा, जिसके जवाब में मैंने भी अपना बचाव किया।" डॉक्टर ने रिश्वत के आरोप को झूठा बताते हुए कहा कि आशाएं खुद ही लाइन तोड़ने के लिए पैसे ऑफर करती हैं।
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घटना के बाद बढ़ा तनाव, जांच शुरू
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इस घटना के बाद अस्पताल में माहौल तनावपूर्ण है।
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    आशाओं का प्रदर्शन: शुक्रवार को सैकड़ों नाराज आशा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के बाहर इकट्ठा होकर नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन किया।
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    डॉक्टर ने मांगी सुरक्षा: डॉ. ज्योति बालियान ने खुद पर और स्टाफ पर हमले की आशंका जताते हुए सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने पुलिस और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को लिखित शिकायत दी है।
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दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है। पुलिस अब वायरल वीडियो और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।