शकील अहमद
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पुलिस ने साधुओं की वेशभूषा में घूमकर लोगों को कथित तौर पर डराने और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह धार्मिक वेशभूषा और साधु के रूप का फायदा उठाकर भोली-भाली जनता को अपने जाल में फंसाता था। आरोप है कि लोगों के मन में भय पैदा करने के लिए मृत्यु दंड और मौत से जुड़े डर का इस्तेमाल किया जाता था और इसके बाद उनके जेवरात व अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ किया जाता था।READ ALSO:-बिजनौर के पुराना धामपुर में अग्नितांडव: कपड़े के गोदाम में भड़की भीषण आग, आसमान में छाए धुएं के काले गुबार, मची भारी अफरा-तफरी
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पुलिस की कार्रवाई के बाद इस कथित अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े दो आरोपी साधुओं को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों के पास से सोने की दो अंगूठियां, धातु की चेन और मंगलसूत्र समेत अन्य सामान बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस की यह कार्रवाई नजीबाबाद थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे सामने आए मामले से जुड़ी बताई जा रही है।
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साधु का भेष, बातों में डर और फिर लूट का आरोप
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बताया जा रहा है कि आरोपी साधु का भेष धारण करके लोगों के बीच पहुंचते थे। धार्मिक वेशभूषा के कारण आम लोग उन पर आसानी से भरोसा कर लेते थे। इसी भरोसे का कथित तौर पर फायदा उठाकर लोगों को अपनी बातों में उलझाया जाता था।
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आरोप है कि गिरोह के सदस्य लोगों को तरह-तरह की बातें बताकर भयभीत करते थे। खास तौर पर मौत और मृत्यु दंड का खौफ दिखाकर पीड़ितों को मानसिक रूप से दबाव में लेने की कोशिश की जाती थी। इसके बाद उनसे सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान ले लिया जाता था।
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पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने किन-किन स्थानों पर इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया और इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं।
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बिजनौर पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा
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मामले में बिजनौर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो कथित आरोपी साधुओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से दो सोने की अंगूठियां, धातु की चेन और मंगलसूत्र बरामद हुए हैं।
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बरामदगी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये आभूषण किन लोगों से लूटे गए थे। साथ ही आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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पुलिस के लिए यह बरामदगी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे कथित लूट के नेटवर्क के बारे में सुराग मिलने की संभावना है। बरामद सामान की पहचान और उसके वास्तविक मालिकों का पता लगाने की प्रक्रिया भी जांच का हिस्सा हो सकती है।
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उत्तराखंड से जुड़े बताए जा रहे आरोपी
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पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी साधु उत्तराखंड के निवासी बताए जा रहे हैं। आरोपियों के उत्तराखंड से होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस इस मामले को अंतरराज्यीय गिरोह से जोड़कर जांच कर रही है।
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यदि जांच में अंतरराज्यीय नेटवर्क की पुष्टि होती है, तो पुलिस के सामने इस गिरोह के दूसरे राज्यों में सक्रिय सदस्यों तक पहुंचने की चुनौती भी होगी। इसके लिए आरोपियों से पूछताछ, उनके संपर्कों और पूर्व गतिविधियों की जानकारी जुटाना अहम माना जा रहा है।
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नजीबाबाद हाईवे किनारे का मामला
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यह पूरा मामला थाना नजीबाबाद क्षेत्र में हाईवे किनारे का बताया जा रहा है। हाईवे और उसके आसपास लगातार अलग-अलग क्षेत्रों से लोगों का आवागमन होता रहता है। ऐसे में धार्मिक वेशभूषा में मौजूद लोगों पर आम तौर पर आसानी से संदेह नहीं किया जाता।
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पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर सकती है कि आरोपियों ने हाईवे और आसपास के इलाकों को अपनी गतिविधियों के लिए क्यों चुना। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इनके निशाने पर पहले से तय लोग होते थे या रास्ते में मिलने वाले लोगों को ही कथित तौर पर शिकार बनाया जाता था।
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गिरोह के दूसरे सदस्यों की तलाश पर नजर
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दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस कथित गिरोह में कुल कितने लोग शामिल हैं। पुलिस पूछताछ के जरिए आरोपियों के संपर्कों और संभावित सहयोगियों की जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकती है।
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जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि बरामद आभूषण किन घटनाओं से जुड़े हैं और क्या आरोपियों के खिलाफ दूसरे थाना क्षेत्रों या राज्यों में भी शिकायतें दर्ज हैं। यदि पुराने मामलों से कोई कनेक्शन सामने आता है तो पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
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धार्मिक वेशभूषा की आड़ में अपराध पर बड़ा सवाल
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इस घटना ने धार्मिक वेशभूषा और आम लोगों के भरोसे के कथित दुरुपयोग को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस का खुलासा सही साबित होने पर यह मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि अपराधी किस तरह पहचान और वेशभूषा का इस्तेमाल करके लोगों का विश्वास हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।
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हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ रही है।
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बिजनौर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि पूछताछ में और क्या खुलासे सामने आते हैं। खासकर यह कि कथित गिरोह ने कितनी वारदातें कीं, इनके पीछे कौन लोग हैं और बरामद जेवरात किन मामलों से जुड़े हैं।