ख़बरीलाल न्यूज़ डेस्क, बिजनौर (06 अप्रैल 2026): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में प्रशासनिक अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं की मनमानी अब और नहीं चलेगी। सोमवार को बिजनौर के विकास भवन सभागार में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब जिले की कमान संभालने वाले आला अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। अवसर था जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा - DISHA) की अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का। इस हाई-वोल्टेज बैठक में तीन-तीन सांसदों की मौजूदगी ने माहौल को पूरी तरह से गरमा दिया।READ ALSO:-बिजनौर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार: 9 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऐतिहासिक दौरा, करोड़ों की परियोजनाओं की देंगे सौगात
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नगीना लोकसभा क्षेत्र के तेजतर्रार सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद की अध्यक्षता, तथा बिजनौर सांसद चन्दन चौहान व मुरादाबाद सांसद श्रीमती रुचि वीरा की सह-अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का पोस्टमार्टम किया गया। बैठक की शुरुआत से पूर्व जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर ने सभी माननीय सांसदों का पुष्प गुच्छ देकर औपचारिक स्वागत किया। वहीं, सांसद चंद्रशेखर आजाद और परियोजना निदेशक दिनकर भारती ने विकास भवन परिसर स्थित डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nआज 06 अप्रैल, 2026 को विकास भवन सभागार में मा0 सांसद, नगीना लोकसभा क्षेत्र श्री चन्द्रशेखर की अध्यक्षता में दिशा समिति की बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न योजनाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष रूप से आमजन तक पहुँचाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। pic.twitter.com/qUxtOJFfZH
\r\n— DM / DEO Bijnor UP (@dmbijnor) April 6, 2026
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ख़बरीलाल की इस विशेष ग्राउंड रिपोर्ट में आइए विस्तार से जानते हैं कि इस अहम बैठक में किन सुलगते मुद्दों पर चर्चा हुई और अधिकारियों को क्या कड़े निर्देश दिए गए।
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बैठक के प्रमुख बिंदु (Key Highlights)
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- \r\n जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकियों के निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी।\r\n \r\n
- \r\n प्राइवेट स्कूलों द्वारा एक ही दुकान से किताबें-यूनिफॉर्म खरीदने की बाध्यता पर रोक के निर्देश।\r\n \r\n
- \r\n प्राइवेट नर्सिंग होम में आयुष्मान कार्ड के नाम पर हो रही मरीजों की लूट पर सीएमओ को सख्त हिदायत।\r\n \r\n
- \r\n ग्रामीण क्षेत्रों में जानलेवा बन चुके गुलदार (तेंदुए) के आतंक से निपटने के लिए पिंजरे और लाइटों की व्यवस्था।\r\n \r\n
- \r\n सड़कों के निर्माण में पारदर्शिता लाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) से मांगा गया विस्तृत ब्योरा।\r\n \r\n
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सांसद चंद्रशेखर आजाद का कड़ा प्रहार: "लापरवाही बर्दाश्त नहीं"
\r\n\r\nनगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बैठक के शुरुआत में ही अपने इरादे साफ कर दिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि 'दिशा' समिति की बैठक का मकसद केवल कागजी कोरम पूरा करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शासकीय योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता और निष्ठा के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति (Last Mile Delivery) तक पहुंचे।
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जल जीवन मिशन में ठेकेदारों की मनमानी पर उठे सवाल: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'जल जीवन मिशन' (हर घर नल से जल) की धीमी प्रगति पर सांसद चंद्रशेखर ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता पर भारी असंतोष व्यक्त करते हुए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में पूर्ण और अपूर्ण परियोजनाओं की एक बिंदुवार सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए ताकि उनकी जमीनी जांच हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी वाटर बॉडी या पानी की टंकी ग्राम सभा को सौंपी (Handover) जाए, उस प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधि की मौजूदगी अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न बचे।
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शिक्षा व्यवस्था: प्राइवेट स्कूलों की तानाशाही पर लगेगी लगाम शिक्षा के मुद्दे पर सांसद ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि 'शिक्षा का अधिकार' (RTE) योजना के तहत गरीब बच्चों का दाखिला पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। सबसे अहम मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों को किसी विशेष या 'चिन्हित बुक सेलर' से ही किताबें, यूनिफॉर्म और जूते-मोजे खरीदने के लिए जो बाध्य किया जाता है, उस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगनी चाहिए। यदि कोई स्कूल ऐसा करता पाया जाए, तो उस पर सख्त कार्रवाई हो। इसके अलावा, स्कूलों में मिड-डे मील (MDM) बनाने वाले रसोइयों का मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजने का भी निर्देश दिया गया।
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सांसद रुची वीरा का रौद्र रूप: गुलदार के खौफ और अस्पतालों की लूट पर भड़कीं
\r\n\r\nमुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती रुचि वीरा ने बिजनौर के देहात क्षेत्रों की सबसे बड़ी समस्या को मजबूती से उठाया। बिजनौर में बीते कुछ समय से गुलदार (तेंदुए) का आतंक चरम पर है और कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
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वन विभाग को अल्टीमेटम: सांसद रुची वीरा ने वन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि आम जनमानस की जान-माल की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों और गुलदार प्रभावित गांवों के प्रवेश मार्गों पर तत्काल हाई-मास्ट लाइटें (प्रकाश व्यवस्था) लगाने और खूंखार जानवरों को पकड़ने के लिए पर्याप्त संख्या में पिंजरे लगाने के निर्देश दिए।
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आयुष्मान कार्ड के नाम पर प्राइवेट अस्पतालों की लूट: स्वास्थ्य विभाग की धज्जियां उड़ाते हुए सांसद ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि प्राइवेट नर्सिंग होम और अस्पतालों में 'आयुष्मान भारत योजना' के कार्ड धारकों का जमकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। उन्होंने सीएमओ को विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान लाभार्थियों को केवल उनकी आवश्यकता के अनुसार ही टेस्ट और दवाइयां दें। बेवजह महंगे अल्ट्रासाउंड, लेब जांच और फालतू दवाइयां लिखकर मरीजों को लूटने वाले अस्पताल संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
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शादियों के लिए गैस सिलेंडर और आवास योजना: पूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए श्रीमती वीरा ने कहा कि शादियों के सीजन में आम जनता को गैस की किल्लत न हो, इसके लिए शादियों के अवसर पर कमर्शियल सिलेंडरों का एक कोटा निर्धारित किया जाए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थियों को समय पर किश्तें जारी करने और मनरेगा के तहत ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया।
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सांसद चंदन चौहान की लोक निर्माण विभाग (PWD) को दो टूक
\r\n\r\nबैठक में बिजनौर लोकसभा के सांसद चन्दन चौहान ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान निर्मित, निर्माणाधीन और प्रस्तावित सभी सड़कों की पारदर्शी सूची उपलब्ध कराई जाए।
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उन्होंने एक महत्वपूर्ण बिंदु जोड़ते हुए कहा कि सूची में यह भी स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए कि किस सड़क का शिलान्यास या लोकार्पण किस जनप्रतिनिधि द्वारा किया गया है। इसका उद्देश्य विकास कार्यों में पारदर्शिता लाना और जनता को यह बताना है कि उनके क्षेत्र का विकास किस मद से हो रहा है।
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जिलाधिकारी जसजीत कौर का सख्त आश्वासन: "अक्षरशः होगा अनुपालन"
\r\n\r\nसभी जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए ज्वलंत मुद्दों और कड़े दिशा-निर्देशों के बाद, बिजनौर की जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर ने मोर्चा संभाला। उन्होंने सभी माननीय सांसदों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिए गए हर एक निर्देश का 'अक्षरशः अनुपालन' (Strict Compliance) सुनिश्चित कराया जाएगा।
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जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद मुख्य विकास अधिकारी (CDO) रणविजय सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अंशिका दीक्षित, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुणाल रस्तोगी और सभी विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर और समयबद्ध तरीके से निस्तारण करें। विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और यदि किसी भी विभाग में लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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चांदपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक स्वामी ओमवेश की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुई इस बैठक का सफल संचालन जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) जयकरण यादव द्वारा किया गया। कुल मिलाकर, 'दिशा' की यह बैठक बिजनौर के प्रशासनिक अमले के लिए एक कड़ा संदेश लेकर आई है कि अब वातानुकूलित कमरों में बैठकर काम करने का समय खत्म हो चुका है, अधिकारियों को धरातल पर उतरकर जनता को जवाब देना ही होगा।