खबरीलाल डेस्क
उत्तर प्रदेश (खबरीलाल विशेष संवाददाता): पवित्र श्रावण मास के शुभारंभ के साथ ही पूरे उत्तर प्रदेश में शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। हरिद्वार और ऋषिकेश से गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम यात्रा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। पश्चिमी यूपी से लेकर राजधानी लखनऊ तक, राज्य तंत्र पूरी तरह से मुस्तैद है। 'खबरीलाल न्यूज़ नेटवर्क' की इस विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट में जानिए कि कैसे सरकार और पुलिस प्रशासन ने मुजफ्फरनगर, लखनऊ और बरेली समेत पूरे प्रदेश में सुरक्षा का एक अभेद्य किला तैयार किया है।Read also:-मेरठ क्राइम डायरी: शक, विवाद और गुमशुदगी... पत्नी के फोन में एक आपत्तिजनक वीडियो ने कैसे उजाड़ दिया हंसता-खेलता परिवार?
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मुजफ्फरनगर बना सुरक्षा का मुख्य केंद्र: ATS की हुई विशेष तैनाती

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विशेषकर मुजफ्फरनगर और बिजनौर का इलाका, कांवड़ यात्रा का सबसे प्रमुख मार्ग माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुजफ्फरनगर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। गुरुवार को मुजफ्फरनगर में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने अपने आवास पर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया।
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उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि इस बार सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोई चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी संभावित आतंकी खतरे या असामाजिक घटनाओं को जड़ से खत्म करने के लिए जिले में एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) के कमांडोज़ को तैनात कर दिया गया है। एटीएस की यह तैनाती उन संवेदनशील मार्गों पर की गई है, जहां से लाखों की संख्या में कांवड़िए गुजरते हैं।
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कांवड़ियों की सेवा परम सौभाग्य: मंत्री कपिल देव अग्रवाल

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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने शिवभक्तों के उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा, "हम सबके लिए यह बड़े सौभाग्य का विषय है। भगवान भोलेनाथ की कांवड़ यात्रा को लेकर भक्तों में असीम उल्लास है। एक-एक नौजवान भक्त 250 से 300 लीटर जल लेकर मीलों की कठिन पदयात्रा करता है, जो बेहद अद्भुत और चुनौतीपूर्ण है।"
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उन्होंने सरकार की व्यवस्थाओं का ब्यौरा देते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और मेरठ सहित पूरा प्रदेश कांवड़ियों की सेवा के लिए पलकें बिछाए बैठा है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री के निर्देश पर कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करा रही है। उनके लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन, साफ पेयजल, ठहरने के सुरक्षित शिविर और 24 घंटे निर्बाध बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
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'असामाजिक तत्वों के मंसूबों को कुचल दिया जाएगा'

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पिछली कांवड़ यात्राओं में छिटपुट घटनाओं का जिक्र करते हुए मंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पिछले वर्ष कुछ लोगों ने उत्पात मचाने का प्रयास किया था, जिसे सरकार ने सख्ती से नियंत्रित किया। इस बार मुख्यमंत्री स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। डीजीपी और मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी प्रत्येक जनपद की समीक्षा कर रहे हैं। पुलिस पूरी तरह से सतर्क है और यदि किसी भी असामाजिक तत्व ने इस पावन यात्रा में व्यवधान डालने की हिमाकत की, तो उसके नापाक मंसूबों को तुरंत कुचल दिया जाएगा।
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राजधानी लखनऊ में सावन को लेकर अभेद्य सुरक्षा तंत्र

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पश्चिमी यूपी के साथ-साथ राजधानी लखनऊ में भी श्रावण मास को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। लखनऊ के संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने बताया कि श्रावण मास को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए लखनऊ पुलिस ने एक मल्टी-लेयर सुरक्षा ग्रिड तैयार किया है।
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शिवालयों और कांवड़ मार्गों पर कड़ी पहरेदारी: लखनऊ शहर के अति-प्राचीन और प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों, जैसे मनकामेश्वर मंदिर, बुद्धेश्वर महादेव, नागेश्वर महादेव, महाकालेश्वर, श्री ओंकारेश्वर और चंद्रिका देवी मंदिर सहित सभी संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल (PAC) तैनात किया गया है। मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की कतारबद्ध आवाजाही के लिए मजबूत स्टील बैरिकेडिंग की गई है ताकि भगदड़ जैसी कोई स्थिति उत्पन्न न हो।
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महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस: महिला कांवड़ियों और महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सादे कपड़ों में महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही मनचलों पर नकेल कसने के लिए 'एंटी रोमियो स्क्वॉड' और 'पिंक मोबाइल' वैन की विशेष ड्यूटी लगाई गई है, जो मंदिरों के आसपास लगातार गश्त कर रही हैं।
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नदी घाटों पर SDRF और खुफिया तंत्र (LIU) की नज़र: कांवड़ यात्रा मार्गों, नदी घाटों और जलाशयों पर किसी भी अप्रिय घटना या डूबने के हादसों को रोकने के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की प्रशिक्षित टीमें गोताखोरों के साथ तैनात की गई हैं। इसके अलावा, भीड़भाड़ वाले इलाकों में असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) के जवान सादे कपड़ों में मुस्तैद हैं। पूरे शहर और कांवड़ मार्गों पर 24 घंटे हाई-रेज़ोल्यूशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है, जिसका सीधा कनेक्शन पुलिस कंट्रोल रूम से है।
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सोशल मीडिया और ट्रैफिक डायवर्जन: जेसीपी बबलू कुमार ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ 'आईटी एक्ट' के तहत त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आम जनता की सुविधा और कांवड़ियों के सुगम मार्ग के लिए लखनऊ के प्रमुख चौराहों जैसे बुद्धेश्वर चौराहा, मनकामेश्वर मंदिर ढाल, डालीगंज चौराहा, हनुमान सेतु, पाल तिराहा, दुबग्गा और सीतापुर रोड पर व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन (Route Diversion) लागू कर दिया गया है।
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बरेली में मुख्य सचिव और डीजीपी का बड़ा एक्शन: मंडलीय समीक्षा

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सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए शासन के शीर्ष अधिकारी भी ग्राउंड ज़ीरो पर उतर चुके हैं। गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण बरेली पहुंचे। यहां सर्किट हाउस में एक उच्चस्तरीय और मैराथन समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
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इस महत्वपूर्ण बैठक में बरेली और मुरादाबाद मंडल के आला अधिकारी शामिल हुए। खबरीलाल के स्थानीय संवाददाताओं के अनुसार, इस बैठक में मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत आने वाले कांवड़ के अहम मार्गों, विशेषकर बिजनौर, अमरोहा और संभल की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। बैठक में बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, रामपुर और संभल के जिलाधिकारी (DM) तथा पुलिस अधीक्षक (SP) मौजूद रहे।
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लापरवाही पर होगा सीधा एक्शन: जिला प्रशासन ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (PPT) और विस्तृत बुकलेट के माध्यम से सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, संवेदनशील स्थानों की ड्रोन से निगरानी, साफ-सफाई, चिकित्सा सेवाओं और बिजली आपूर्ति के इंतजामों का ब्यौरा आला अधिकारियों के सामने रखा। डीजीपी और मुख्य सचिव ने सख्त निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में किसी भी स्तर पर कोई भी लापरवाही सीधे तौर पर दंडनीय होगी।
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डीजीपी राजीव कृष्ण ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि बरेली और मुरादाबाद मंडल के सभी 9 जिलों में महिला कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए 'नो-कम्प्रोमाइज़' नीति अपनाई गई है। ध्वनि प्रदूषण और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीजे (DJ) की आवाज़ को तय डेसिबल सीमा में नियंत्रित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, कांवड़ यात्रा के तय रूटों पर पड़ने वाली शराब और मांस की दुकानों को पूर्ण रूप से बंद रखने या पर्दे से ढकने के सख्त आदेश जारी किए गए हैं।
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श्रावण मास का यह पावन पर्व असीम आस्था का प्रतीक है। जिस प्रकार से मुजफ्फरनगर से लेकर लखनऊ और बरेली तक यूपी प्रशासन ने अपनी पूरी मशीनरी झोंक दी है, वह दर्शाता है कि राज्य सरकार इस बड़े आयोजन को बिना किसी विघ्न के संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 'खबरीलाल न्यूज़ नेटवर्क' सभी श्रद्धालुओं से प्रशासन के नियमों का पालन करने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी यात्रा पूरी करने की अपील करता है।
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