खबरीलाल डेस्क
मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा (Meta) अब विज्ञापन के अलावा सीधे यूजर्स से कमाई करने की तैयारी में है। इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सएप के लिए नए 'प्लस' वर्जन रोलआउट किए जा रहे हैं। क्या हैं इसके खास फीचर्स और भारत में कब होगा लॉन्च? पढ़ें विस्तार से।
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बीते एक दशक से भी ज्यादा समय से हम सभी फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम (Instagram) और वॉट्सएप (WhatsApp) का इस्तेमाल बिल्कुल मुफ्त में करते आ रहे हैं। लेकिन, अब सोशल मीडिया की दुनिया का यह बिजनेस मॉडल पूरी तरह से बदलने जा रहा है। एलन मस्क (Elon Musk) के 'एक्स' (X) की तर्ज पर अब मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) की कंपनी मेटा (Meta) ने भी अपने यूजर्स के लिए डायरेक्ट पेड सब्सक्रिप्शन (Paid Subscription) मॉडल का ऐलान कर दिया है।READ ALSO:-Meerut News: मेरठ में 1 जून से चरमरा सकती है बिजली व्यवस्था, संविदा कर्मचारियों ने दी कार्य बहिष्कार की बड़ी चेतावनी
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मेटा ने आधिकारिक तौर पर अपने तीनों प्रमुख प्लेटफॉर्म्स—इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सएप के लिए नए 'प्लस' (Plus) वर्जन रोलआउट करने की घोषणा की है। इस नए प्लान को लेने वाले यूजर्स को कुछ ऐसे स्पेशल और सीक्रेट टूल्स (Special Tools) मिलेंगे, जो सामान्य या फ्री यूजर्स के पास नहीं होंगे। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह नया 'प्लस' प्लान पहले से मौजूद 'मेटा वेरिफाइड' (Meta Verified - ब्लू टिक वाला प्लान) की जगह नहीं लेगा, बल्कि यह पूरी तरह से एक अलग और अतिरिक्त सर्विस होगी।
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इंस्टाग्राम प्लस (Instagram Plus) और फेसबुक प्लस (Facebook Plus) में क्या मिलेगा खास?

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मेटा ने इन दोनों प्लेटफॉर्म्स के प्लस वर्जन को विशेष रूप से यूजर्स के 'सोशल एक्सप्रेशन' (Social Expression) और क्रिएटर्स की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है। अगर आप भी इंस्टाग्राम के दीवाने हैं, तो ये 5 एक्सक्लूसिव फीचर्स आपके सोशल मीडिया गेम को पूरी तरह बदल देंगे:
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1. चोरी-छिपे देख सकेंगे दूसरों की स्टोरी (Ghost Viewer Mode): यह यकीनन सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला फीचर होने वाला है। प्लस यूजर्स अब किसी भी व्यक्ति की इंस्टाग्राम या फेसबुक स्टोरी देख सकेंगे और सामने वाले को इसकी भनक तक नहीं लगेगी। उनका नाम देखने वालों (Viewers) की लिस्ट में नहीं आएगा। इसके साथ ही, आप अपनी स्टोरी को देखने वालों के नाम भी एडवांस तरीके से सर्च कर सकेंगे।
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2. पसंदीदा लोगों की मल्टीपल 'क्लोज फ्रेंड्स' लिस्ट (Multiple Close Friends Lists): वर्तमान में हम सिर्फ एक ही 'क्लोज फ्रेंड्स' लिस्ट बना सकते हैं। लेकिन प्लस प्लान के साथ आपको कई अलग-अलग लिस्ट (जैसे- स्कूल फ्रेंड्स, ऑफिस कलीग्स, फैमिली आदि) बनाने की आजादी मिलेगी। आप तय कर पाएंगे कि आपका कौन सा फोटो या रील (Reel) किस विशिष्ट समूह को दिखेगा।
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3. 24 घंटे के बाद भी नहीं गायब होगी स्टोरी (Extended Story Duration & Spotlight): अब आपकी स्टोरी 24 घंटे की मोहताज नहीं रहेगी। प्लस यूजर्स अपनी पसंदीदा स्टोरी को 24 घंटे से ज्यादा समय तक लाइव रख पाएंगे। साथ ही, हफ्ते में एक बार अपनी किसी भी बेहतरीन स्टोरी को 'स्पॉटलाइट' (Spotlight) कर सकेंगे, जिससे उसे आपके फॉलोअर्स के बीच ज्यादा से ज्यादा रीच (Reach) और व्यूज मिल सकें।
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4. बिना दूसरों को परेशान किए साइलेंट प्रोफाइल अपडेट: अक्सर जब हम प्रोफाइल पिक्चर बदलते हैं या कोई पुरानी पोस्ट हाइलाइट्स में डालते हैं, तो सभी दोस्तों के पास नोटिफिकेशन चला जाता है। नए फीचर के जरिए आप बिना किसी शोर-शराबे (Notification) के अपनी प्रोफाइल में बदलाव कर सकेंगे।
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5. प्रोफाइल सजावट के प्रीमियम तरीके (Advanced Customization): प्लस यूजर्स को प्रोफाइल को आकर्षक बनाने के लिए कई वीआईपी (VIP) टूल्स मिलेंगे। इनमें खास तरह के स्टाइलिश फॉन्ट (Fonts), स्क्रीन पर एनिमेटेड रूप से तैरने वाले 'सुपर हार्ट' (Super Heart) रिएक्शन और अपनी पसंद के मुताबिक मोबाइल स्क्रीन पर दिखने वाले एप आइकॉन (App Icon) बदलने की सुविधा शामिल है।
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वॉट्सएप प्लस (WhatsApp Plus): मैसेजिंग का नया अवतार

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भारत में वॉट्सएप सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला मैसेजिंग एप है। 'वॉट्सएप प्लस' मुख्य रूप से पर्सनलाइजेशन (Personalization) पर केंद्रित है।
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    क्या होगा नया: इसमें यूजर्स को अपनी पसंद की एप थीम्स (App Themes) बदलने, खास चैट्स के लिए कस्टम रिंगटोन्स सेट करने, तीन से ज्यादा चैट्स को पिन (Additional Pinned Chats) करने, चैट लिस्ट को कस्टमाइज करने और प्रीमियम एनिमेटेड स्टिकर्स जैसे बेहतरीन फीचर्स मिलेंगे।
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मेटा एआई (Meta AI) और क्रिएटर्स के लिए खास प्लान्स व कीमतें

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मेटा सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है; वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस में भी सबसे आगे रहना चाहता है। कंपनी ने एआई, बिजनेस और क्रिएटर्स के लिए अलग-अलग टियर (Tiers) में प्लान पेश किए हैं:
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A. मेटा एआई यूजर्स के लिए प्लान (Meta AI Plans)

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सामान्य सवालों और चैट के लिए मेटा एआई (Meta AI) सभी के लिए मुफ्त रहेगा, लेकिन एडवांस कामों के लिए दो पेड टियर होंगे:
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    मेटा वन प्लस (Meta One Plus): इसकी कीमत लगभग $7.99 (करीब 770 रुपये) प्रति महीना रखी गई है। इसमें एआई के एडवांस फीचर्स मिलेंगे।
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    मेटा वन प्रीमियम (Meta One Premium): इसकी कीमत $19.99 (करीब 1,900 रुपये) प्रति महीना होगी। यह प्लान प्रोग्रामर्स, रिसर्चर्स और क्रिएटर्स के लिए है, जिसमें 'डीपर रीजनिंग' (Deeper Reasoning) और हाई-क्वालिटी वीडियो/इमेज जनरेशन की क्षमता अनलॉक की जाएगी।
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B. क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए एडवांस प्लान

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जो लोग सोशल मीडिया से अपना बिजनेस चला रहे हैं, उनके लिए दो बेहद पावरफुल प्लान इसी हफ्ते टेस्ट किए जाएंगे:
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प्लान का नाम
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अनुमानित कीमत (प्रति माह)
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मुख्य फीचर्स (Key Features)
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मेटा वन एसेंशियल (Essential)
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$14.99 (करीब ₹1,450)
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वेरिफाइड बैज (Blue Tick), फर्जी अकाउंट (Impersonation) से सुरक्षा, और एक एन्हांस्ड लिंकशीट (सभी सोशल लिंक एक जगह)।
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मेटा वन एडवांस (Advance)
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$49.99 (करीब ₹4,800)
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एसेंशियल के सभी फायदे + फेसबुक फीड में फीचर होना, सर्च रिजल्ट में टॉप पर दिखना, रील्स पर बड़ा 'फॉलो' बटन, एनालिटिक्स टूल्स, शेड्यूलिंग, और ओरिजिनल कंटेंट कॉपी होने पर नोटिफिकेशन (क्रेडिट मांगने के लिए)।
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आखिर क्यों बदल रहा है सोशल मीडिया का बिजनेस मॉडल?

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सालों तक हमने बिना एक रुपया दिए इन प्लेटफॉर्म्स का आनंद लिया है। ऐसा इसलिए था क्योंकि मेटा जैसी कंपनियां हमारे डेटा (Data) और स्क्रीन टाइम का इस्तेमाल करके विज्ञापनदाताओं (Advertisers) से अरबों डॉलर कमाती थीं। लेकिन अब बाजार की हवा बदल चुकी है। इसके मुख्य रूप से तीन बड़े कारण हैं:
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    यूजर्स का चरम पर पहुंचना (Market Saturation): पूरी दुनिया में स्मार्टफोन और इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लगभग सभी लोग फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आ चुके हैं। नए यूजर्स के जुड़ने की रफ्तार अब बहुत धीमी हो गई है, जिससे विज्ञापनों से होने वाली कमाई की ग्रोथ (Growth) रुक गई है।
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    सख्त प्राइवेसी नियम (Strict Privacy Rules): एप्पल (Apple) के iOS अपडेट और यूरोप समेत दुनिया भर में कड़े प्राइवेसी कानूनों के बाद, मेटा के लिए यूजर्स को ट्रैक करके उन्हें 'टारगेटेड विज्ञापन' दिखाना बहुत मुश्किल हो गया है। इससे कंपनी की एड-रेवेन्यू (Ad Revenue) पर भारी चोट लगी है।
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    डायरेक्ट रेवेन्यू स्ट्रीम: इन सभी चुनौतियों से निपटने के लिए मेटा अब एक्स (X - पूर्व में ट्विटर) की तरह सीधे यूजर्स से पैसे लेकर कमाई का एक सुरक्षित और स्थायी जरिया बना रही है।
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भारत में कब होगा लॉन्च? (Impact in India)

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मेटा ने इन नए 'प्लस' सब्सक्रिप्शन प्लान्स को वैश्विक स्तर पर रोलआउट करने की घोषणा तो कर दी है, लेकिन भारत में इसकी लॉन्चिंग की सटीक तारीख का ऐलान अभी नहीं किया गया है। भारत, मेटा के लिए दुनिया का सबसे बड़ा यूजर बेस (User Base) वाला बाजार है। यहां करोड़ों लोग इन एप्स का रोज इस्तेमाल करते हैं।
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चूंकि भारतीय बाजार प्राइस-सेंसिटिव (कीमतों के प्रति संवेदनशील) है, इसलिए कंपनी आमतौर पर यहां किसी भी बड़े फीचर को एक साथ न लाकर, 'फेज्ड मैनर' (Phased Rollout) में लॉन्च करती है। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय बाजार के लिए मेटा इन प्लान्स की कीमतों में कुछ बदलाव या भारी छूट (Discount) भी दे सकती है। देखना दिलचस्प होगा कि जब यह प्लान भारत में पूरी तरह लागू होगा, तो कितने भारतीय अपनी जेब ढीली कर इन वीआईपी फीचर्स को खरीदना पसंद करेंगे।