ग्रेटर नोएडा (Greater Noida News): नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) से उड़ान भरने का सपना देख रहे लोगों के लिए यमुना प्राधिकरण (YEIDA) ने एक और बड़ी सौगात दी है। अब एयरपोर्ट तक का सफर न केवल आसान होगा, बल्कि पूरी तरह प्रदूषणमुक्त और लग्जरी भी होगा। यमुना प्राधिकरण बोर्ड ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए प्रदूषणमुक्त हाइड्रोजन बस सेवा (Hydrogen Bus Service) चलाने के प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी है।READ ALSO:-आजम खान के परिवार पर एक और 'वज्रपात': बेटे अब्दुल्ला आजम को 7 साल की कैद; फर्जी पासपोर्ट मामले में कोर्ट ने सुनाया सख्त फैसला
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यह परियोजना अपने आप में बेहद अनोखी है क्योंकि ये हाईटेक बसें पेट्रोल या डीजल से नहीं, बल्कि गंदे पानी (Waste Water) से तैयार किए गए ग्रीन फ्यूल पर दौड़ेंगी। एनटीपीसी (NTPC) और यमुना प्राधिकरण के बीच हुए इस समझौते को भविष्य के ट्रांसपोर्ट का गेम-चेंजर माना जा रहा है।
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गंदे पानी से कैसे चलेंगी बसें? जानें विज्ञान
\r\n\r\nइस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका ईंधन है। आम तौर पर गाड़ियां पेट्रोल-डीजल से चलती हैं जो प्रदूषण फैलाते हैं, लेकिन ये बसें हाइड्रोजन फ्यूल पर चलेंगी।
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- \r\n ईंधन का स्रोत: यह हाइड्रोजन ग्रेटर नोएडा स्थित एनटीपीसी (NTPC) के प्लांट में तैयार किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n प्रक्रिया: एनटीपीसी शहर के ट्रीटेड 'गंदे पानी' (Sewage Water) को रिफाइन करके इलेक्ट्रोलाइसिस प्रक्रिया के जरिए उससे ग्रीन हाइड्रोजन बनाएगा।\r\n \r\n
- \r\n आउटपुट: जब ये बसें सड़क पर चलेंगी, तो इनके साइलेंसर से काला धुआं नहीं, बल्कि सिर्फ पानी की भाप (Water Vapor) निकलेगी। यानी सफर 100% प्रदूषणमुक्त होगा।\r\n \r\n
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एक बार भरने पर 600 किमी की नॉन-स्टॉप रेंज
\r\n\r\nयमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, ये बसें तकनीक के मामले में दुनिया की बेहतरीन बसों को टक्कर देंगी।
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- \r\n रेंज: एक बार हाइड्रोजन टैंक फुल होने पर यह बस बिना रुके 600 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेगी।\r\n \r\n
- \r\n लग्जरी सुविद्धा: ये बसें पूरी तरह वातानुकूलित (Fully AC) और 'इंटरसिटी मॉडल' पर आधारित होंगी।\r\n \r\n
- \r\n क्षमता: प्रत्येक बस में 45 यात्रियों के बैठने की लग्जरी व्यवस्था होगी। सफर इतना शांत (Silent) होगा कि इंजन का शोर भी अंदर नहीं आएगा।\r\n \r\n
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एनटीपीसी और प्राधिकरण की भूमिका तय
\r\n\r\nइस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए जिम्मेदारियां भी बांट दी गई हैं।
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- \r\n NTPC का काम: हाइड्रोजन ईंधन का उत्पादन करना, बसों में ईंधन भरना और बसों का तकनीकी रखरखाव (Maintenance) करना एनटीपीसी की जिम्मेदारी होगी।\r\n \r\n
- \r\n यमुना प्राधिकरण का काम: बसों का संचालन (Operation), रूट तय करना और ड्राइवरों की व्यवस्था करना यमुना प्राधिकरण के जिम्मे होगा।\r\n \r\n
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जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को लगेंगे पंख
\r\n\r\nनोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) को देश का सबसे आधुनिक एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। यहां कनेक्टिविटी के लिए पहले से ही यमुना एक्सप्रेस-वे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे और फरीदाबाद-नोएडा कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। अब हाइड्रोजन बसों के जुड़ने से यह पूरा इलाका 'इको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट जोन' बन जाएगा।
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सीईओ ने कहा- यह भविष्य का मास्टरप्लान
\r\n\r\nयमुना प्राधिकरण के सीईओ ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यहां यात्रियों की संख्या लाखों में होगी। ऐसे में अगर अभी से ग्रीन ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था नहीं की गई, तो प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन सकता है। यह बस सेवा न केवल यात्रियों को वर्ल्ड-क्लास अनुभव देगी, बल्कि यमुना सिटी (Yamuna City) को 'इको-फ्रेंडली कैपिटल' के रूप में स्थापित करेगी।
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गंदे पानी से ईंधन बनाकर बसें चलाना सुनने में किसी चमत्कार से कम नहीं लगता, लेकिन यमुना प्राधिकरण और एनटीपीसी इसे हकीकत बनाने जा रहे हैं। यह कदम न केवल पर्यावरण बचाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में ग्लोबल पहचान भी दिलाएगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.