उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में रविवार शाम उस वक्त तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब गोवंश के अवशेष मिलने और पुलिस द्वारा कथित तौर पर बिना कार्रवाई के मामले को दबाने का मामला सामने आया। घटना से गुस्साए बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में कंकरखेड़ा थाने पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। जब थाने में संतोषजनक कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिला, तो कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

जंगेठी के जंगल में मिले थे अवशेष विहिप नेता मनोज त्यागी और नमन अग्रवाल ने बताया कि जंगेठी के जंगल में स्थित किसान भूपेंद्र के खेत में छह गोवंश के अवशेष बरामद हुए थे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि रविवार सुबह पुलिस ने मौके से अवशेष तो बरामद कर लिए, लेकिन बिना किसी एफआईआर दर्ज किए उन्हें गुपचुप तरीके से दबवा दिया गया। इस बात की भनक लगते ही कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया और वे तुरंत थाने पहुंच गए। कार्यकर्ताओं की मांग थी कि इस मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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थाने में बात न बनने पर लगाया जाम थाने के भीतर काफी देर तक पुलिस अधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और बातचीत चलती रही। हालांकि, जब पुलिस की ओर से तुरंत एफआईआर दर्ज करने का स्पष्ट भरोसा नहीं मिला, तो कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। वे नारेबाजी करते हुए थाने से बाहर निकल आए और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। अचानक सड़क जाम होने से कंकरखेड़ा क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई किलोमीटर तक वाहन फंस गए। रास्ते में फंसे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सीओ के आश्वासन के बाद खुला जाम स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीओ दौराला (शिव ठाकुर) ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी शिकायत को गंभीरता से सुना। सीओ ने तीन से पांच दिन के भीतर गोकशी के आरोपियों को गिरफ्तार करने का ठोस आश्वासन दिया। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं से कथित अभद्रता के मामले की भी जांच कराने की बात कही गई। अधिकारियों के इस भरोसे के बाद काफी मशक्कत के बाद कार्यकर्ता शांत हुए और सड़क से जाम हटाया गया, जिसके बाद यातायात सुचारु हो सका।

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