मेरठ। मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से सांसद और प्रसिद्ध अभिनेता अरुण गोविल ने कहा है कि विकसित राष्ट्र बनने के लिए आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए 'हर घर स्वदेशी' के नारे को साकार करने के लिए हमें स्वदेशी के बदले हुए अर्थ को समझना होगा।READ ALSO:-'बिल्डर बाबा' सचिन दत्ता फिर गिरफ्तार, एक फ्लैट पर कई बैंकों से लिया करोड़ों का लोन, 8 दिन में छिनी थी महामंडलेश्वर की पदवी
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सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए, गोविल ने 'हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी' अभियान की विस्तृत रणनीति साझा की और बताया कि इस राष्ट्रीय अभियान को तीन माह के भीतर किस तरह सफल बनाया जाएगा। इस मौके पर उनके साथ राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर और अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद रहे।
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बदल गया स्वदेशी का अर्थ: 'चरखा' से 'iPhone' तक
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अरुण गोविल ने कहा कि एक समय था, जब स्वदेशी का जिक्र होते ही लोगों के दिमाग में केवल चरखा की तस्वीर आती थी, लेकिन अब अर्थ पूरी तरह से बदल गया है।
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उन्होंने वर्तमान भारत की उपलब्धि बताते हुए कहा, "आज भारत से बड़ी संख्या में आईफोन (iPhone) अमेरिका एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं। एक समय था, जब आईफोन विदेशों में बनता था। अब वह भारत में भी बन रहा है। यह भारत की बहुत बड़ी उपलब्धि और स्वदेशी का सबसे बड़ा उदाहरण है।"
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सांसद ने देश के प्रत्येक नागरिक से संकल्प लेने का आह्वान किया कि हम अपने देश में बनी चीजें खरीदें, ताकि हमारा पैसा देश में ही रहे। इससे देश की निर्माण क्षमता बढ़ेगी और भारत कभी किसी पर निर्भर नहीं रहेगा।
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25 दिसंबर तक चलेगा 'हर घर स्वदेशी' महाअभियान
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अरुण गोविल ने बताया कि यह महाअभियान 25 सितंबर को शुरू हो चुका है और 25 दिसंबर तक चलेगा। उन्होंने अभियान से जुड़ी प्रगति और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी:
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चरण (तिथि)
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मुख्य गतिविधि
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प्रगति/उद्देश्य
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25 सितंबर से जारी
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प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की कार्यशालाएं
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36 में से 34 प्रदेशों में कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न। 1033 जिलों में से 938 में जिला स्तरीय कार्यशालाएं पूरी।
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3 से 15 अक्टूबर
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प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अभियान का लॉन्च
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प्रदेश स्तर पर प्रेसवार्ता आयोजित की जा रही हैं।
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3 से 15 अक्टूबर
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विधानसभा स्तर पर GST बचत महोत्सव और आत्मनिर्भर भारत सम्मेलन
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स्थानीय स्तर पर लोगों को स्वदेशी के लाभ समझाना।
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9 से 18 अक्टूबर
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स्वदेशी मेला
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स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना।
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16 से 30 अक्टूबर
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जिला स्तर पर महिला एवं युवा सम्मेलन
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महिलाओं और युवाओं को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित करना।
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15 अक्टूबर से 15 नवंबर
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मंडल स्तरीय सम्मेलन
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पार्टी कार्यकर्ताओं को अभियान की रणनीति समझाना।
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1 से 30 नवंबर
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स्वदेशी रील्स, भाषण, क्विज एवं निबंध प्रतियोगिताएं
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कॉलेज और युवा वर्ग को रचनात्मक तरीके से जोड़ना।
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1 से 15 नवंबर
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छोटे व्यवसाय, उद्योग और कॉलेज स्तर पर स्वदेशी संकल्प सेमिनार
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स्थानीय व्यापार और शैक्षणिक संस्थानों को अभियान से जोड़ना।
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16 से 30 नवंबर
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मंडल स्तरीय महिला व युवा सम्मेलन
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अभियान की जमीनी पकड़ मजबूत करना।
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1 से 25 दिसंबर
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प्रदेश स्तर पर घर-घर संपर्क अभियान
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लोगों को समझाकर उनके घरों पर स्टीकर लगाए जाएंगे।
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1 से 25 दिसंबर
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आत्मनिर्भर भारत संकल्प पदयात्रा
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'गर्व से कहो यह स्वदेशी है' नारे के साथ स्टिकर वितरण करना।
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1 से 15 दिसंबर
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स्ट्रीट वेंडर, छोटे दुकानदार और स्थानीय कारीगर सम्मेलन
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स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्रोत्साहित करना।
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'मेक इन इंडिया' को मिली नई पहचान
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गोविल ने कहा कि अब देश में केवल आईटीआई के छात्रों को भी सोलर एनर्जी, ग्रीन एनर्जी और एआई (AI) जैसी आधुनिक शिक्षा मिल पाएगी, जो दिखाता है कि सरकार केवल पुरानी नीतियों पर नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीक पर भी ध्यान दे रही है। उनका मानना है कि इस अभियान के सफल होने पर भारत जल्द ही विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा होगा।
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