Meerut Sect-5 Communal Tension: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के परतापुर थाना क्षेत्र स्थित शताब्दी नगर सेक्टर-5 में इन दिनों भारी तनाव का माहौल है। एक छेड़छाड़ के मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को स्थानीय निवासियों ने 'एकतरफा' करार देते हुए मोर्चा खोल दिया है। आक्रोश इतना बढ़ गया है कि कॉलोनी के दर्जनों परिवारों ने अपने घरों के बाहर 'मकान बिकाऊ है' और 'पलायन' के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। मंगलवार से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा, जिसमें स्थानीय निवासियों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।READ ALSO:-बिजनौर: गृहक्लेश ने उजाड़ने की दहलीज पर पहुँचाया घर! पति-पत्नी ने एक साथ खाया जहरीला पदार्थ, हालत बेहद नाजुक
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क्या है पूरा विवाद? विवाद की शुरुआत बीते सोमवार को हुई, जब दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति ने कॉलोनी के ही एक युवक पर अपनी बेटी के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया। शिकायत मिलते ही परतापुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को हिरासत में लेकर उसका चालान कर दिया। 
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स्थानीय निवासियों और युवक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बिना मामले की तह तक जाए एकतरफा कार्रवाई की है। कॉलोनीवासियों का दावा है कि जिस व्यक्ति ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया है, उसने पहले धारदार हथियार लेकर एक महिला के घर पर हमला किया था और अभद्रता की थी। निवासियों का आरोप है कि पुलिस ने इस हमले को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया और केवल दूसरे पक्ष की बात सुनकर युवक को जेल भेज दिया।
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मंदिर में आरती और लाउडस्पीकर का विरोध गुरुवार को भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी, बिजेंद्र सिंह और पार्षद रामवीर सिंह धरनास्थल पर पहुँचे। यहाँ धरने पर बैठे लोगों ने भाजपा नेताओं के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त की। निवासियों ने आरोप लगाया कि आरोपी परिवार अक्सर मोहल्ले के मंदिर में होने वाली आरती और लाउडस्पीकर की आवाज का विरोध करता है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी कॉलोनी के लोग इस विरोध पर आपत्ति जताते हैं, तो वह व्यक्ति कॉलोनी के युवाओं को छेड़छाड़ और छेड़खानी के झूठे मुकदमों में फँसाने की धमकी देता है। इसी प्रताड़ना से तंग आकर लोगों ने अब सामूहिक पलायन की चेतावनी दी है। 
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भाजपा नेताओं ने उठाए सवाल भाजपा नेता डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी ने पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पुलिस को दोनों पक्षों की बात सुननी चाहिए थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की शिकायत एसपी सिटी (SP City) से की जाएगी और निर्दोष युवक को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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पलायन के पोस्टरों से प्रशासन में हड़कंप कॉलोनी के घरों पर 'पलायन' के पोस्टर लगने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। पुलिस और इंटेलिजेंस की टीमें मौके पर स्थिति का जायजा ले रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि उनके साथ न्याय नहीं हुआ और दूसरे पक्ष की अराजकता पर लगाम नहीं लगाई गई, तो वे वास्तव में घर छोड़कर चले जाएंगे। 
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पुलिस का पक्ष: सीओ ब्रह्मपुरी का बयान मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा, "एक किशोरी के साथ छेड़छाड़ की लिखित तहरीर मिलने के आधार पर युवक के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई थी। पुलिस किसी के साथ भेदभाव नहीं कर रही है। यदि कॉलोनी के निवासी दूसरे पक्ष के खिलाफ कोई लिखित शिकायत या साक्ष्य (जैसे सीसीटीवी फुटेज) देते हैं, तो पुलिस उसकी भी निष्पक्ष जांच करेगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।" 
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मेरठ के शताब्दी नगर सेक्टर-5 की यह घटना पुलिस और जनता के बीच अविश्वास की खाई को दर्शाती है। Meerut Sect-5 Communal Tension को शांत करने के लिए प्रशासन को निष्पक्ष जांच और दोनों समुदायों के बीच संवाद स्थापित करने की आवश्यकता है। पलायन के पोस्टर लोकतंत्र में एक चिंताजनक संकेत हैं, जिन्हें समय रहते हल करना अनिवार्य है। फिलहाल क्षेत्र में पीएसी और पुलिस बल तैनात है ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।
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मेरठ के शताब्दी नगर में एक युवक के चालान के विरोध में कॉलोनीवासियों ने पलायन के पोस्टर लगाए हैं। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने छेड़छाड़ के मामले में एकतरफा कार्रवाई की है और दूसरे पक्ष द्वारा मंदिर की आरती का विरोध किया जाता है। भाजपा नेताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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