मेरठ (Meerut News): पतंगबाजी का शौक अक्सर जानलेवा साबित होता है, और इसका मुख्य कारण है 'चाइनीज मांझा' (Chinese Manjha)। इंसानों और बेजुबान पक्षियों के लिए काल बन चुके इस प्रतिबंधित मांझे की बिक्री को रोकने के लिए मेरठ पुलिस (Meerut Police) अब एक्शन मोड में आ गई है। रविवार, 14 दिसंबर 2025 को एसएसपी मेरठ (SSP Meerut) के कड़े निर्देशों के बाद शहर के विभिन्न इलाकों में एक विशेष सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।READ ALSO:-बेटियों की सुरक्षा, पुलिस की प्राथमिकता: 'मिशन शक्ति 5.0' के तहत मेरठ के गंगानगर पुलिस ने छात्राओं को बनाया 'स्मार्ट और सतर्क'; बांटे सुरक्षा के पम्पलेट
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इस अभियान का उद्देश्य चोरी-छिपे बिक रहे चाइनीज मांझा की बिक्री पर पूर्ण विराम लगाना और दुकानदारों को इसके गंभीर परिणामों के प्रति आगाह करना था। एसपी सिटी (SP City) के पर्यवेक्षण में पुलिस की कई टीमों ने शहर के संवेदनशील बाजारों में दबिश दी।
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इन इलाकों में चला सघन अभियान

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पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के उन प्रमुख इलाकों को निशाना बनाया जहां पतंग और मांझे की दुकानें बहुतायत में हैं। रविवार को चलाए गए इस अभियान में मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्र शामिल रहे:
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    खैर नगर (Khair Nagar): यह इलाका पतंग और डोर के थोक बाजार के लिए जाना जाता है।
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    दिल्ली गेट (Delhi Gate): यहां भी पुलिस ने दुकानों की तलाशी ली।
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    गोल कुआं (Gol Kuan): घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में भी पुलिस ने दस्तक दी।
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    लिसाड़ी गेट (Lisari Gate) और कोतवाली: इन क्षेत्रों में भी विशेष निगरानी रखी गई।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान न केवल दुकानों की तलाशी ली गई, बल्कि गोदामों को भी चेक किया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं चोरी-छिपे चाइनीज मांझा का स्टॉक तो जमा नहीं किया गया है।
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दुकानदारों को दी सख्त चेतावनी

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अभियान के दौरान पुलिस का रवैया सख्त लेकिन सुधारात्मक रहा। पुलिस टीमों ने संबंधित दुकानदारों और पतंग कारोबारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि चाइनीज मांझा बेचना, खरीदना और इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है।
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पुलिस ने निर्देश दिया कि:

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    प्रतिबंधित सिंथेटिक या नायलॉन मांझे की बिक्री तुरंत बंद की जाए।
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    यदि भविष्य में किसी दुकान से प्रतिबंधित मांझा बरामद होता है, तो दुकानदार के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
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    दुकानदार ग्राहकों को भी जागरूक करें कि वे केवल सूती धागे (Cotton Thread) का ही प्रयोग करें।
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क्यों जानलेवा है चाइनीज मांझा?

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चाइनीज मांझा नायलॉन और प्लास्टिक के मिश्रण से बना होता है, जिस पर कांच और लोहे के बुरादे की परत चढ़ाई जाती है। यह इतना मजबूत और धारदार होता है कि यह आसानी से नहीं टूटता।
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    इंसानों के लिए खतरा: आए दिन दोपहिया वाहन चालकों के गले कटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। यह मांझा त्वचा और मांस को मक्खन की तरह काट देता है।
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    पक्षियों की मौत: आकाश में उड़ने वाले पक्षी अक्सर इस मांझे में फंसकर अपने पंख या जान गंवा बैठते हैं।
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    पर्यावरण को नुकसान: यह मांझा प्लास्टिक का होने के कारण नष्ट नहीं होता (Non-biodegradable) और पर्यावरण के लिए लंबे समय तक खतरा बना रहता है।
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एनजीटी का सख्त प्रतिबंध

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गौरतलब है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने पूरे देश में चाइनीज मांझा या किसी भी सिंथेटिक मांझे के निर्माण, आयात, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद, मुनाफे के लालच में कुछ दुकानदार चोरी-छिपे इसे बेचते हैं। प्रशासन का कहना है कि अब ऐसे लोगों की खैर नहीं है।
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पुलिस की अपील: आप भी बनें जिम्मेदार

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मेरठ पुलिस ने आम जनता, खासकर अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को चाइनीज मांझा न दिलाएं। यह न केवल दूसरों के लिए बल्कि खुद पतंग उड़ाने वाले बच्चे के लिए भी खतरनाक है, क्योंकि इससे हाथ की उंगलियां कटने का डर रहता है। पुलिस ने कहा कि अगर आपको अपने आसपास कहीं भी इस जानलेवा डोर की बिक्री होती दिखे, तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम या 112 पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
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मेरठ पुलिस द्वारा चलाया गया यह अभियान सराहनीय है, लेकिन इसकी सफलता तभी सुनिश्चित होगी जब यह निरंतर जारी रहे। चाइनीज मांझा केवल एक कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा मामला है। एसपी सिटी और एसएसपी की निगरानी में हुई इस कार्रवाई से उम्मीद जगी है कि शहर में 'खूनी डोर' का आतंक कम होगा और आसमान में उड़ती पतंगें किसी की मौत का कारण नहीं बनेंगी।
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