मेरठ नगर निगम एक बार फिर करोड़ों रुपये के लोहियानगर कूड़ा निस्तारण प्लांट के टेंडर को लेकर सवालों के घेरे में है। प्रक्रिया में अनियमितता और सौदेबाजी के गंभीर आरोपों के बाद, महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए टेंडर को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश दे दिया है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब शहर कूड़े के पहाड़ पर बैठा है और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की कार्रवाई का खतरा सिर पर मंडरा रहा है।READ ALSO:-सनसनीखेज़! मेरठ जिला बार के पूर्व अध्यक्ष को नाइजीरिया से 'स्नाइपर' धमकी, रंगदारी न देने पर सिर उड़ाने की धमकी, नाइजीरिया से भेजा गया मेल
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टेंडर रद्द करने की इनसाइड स्टोरी: बैठक में खुली 'डील' की पोल
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नगर निगम में पिछले तीन दिनों से इस टेंडर को लेकर गहमागहमी थी। एक कंपनी ने टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए अनियमितता का आरोप लगाया था। इस पर महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने बुधवार को निगम के अधिकारियों की एक आपात बैठक बुलाई। बैठक में जो खुलासे हुए, वे चौंकाने वाले थे:
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    'चुपके से' आगे बढ़ी फाइल: जांच में सामने आया कि टेंडर की महत्वपूर्ण प्रक्रिया को मुख्य लेखा परीक्षक (Chief Auditor) के हस्ताक्षर के बिना ही आगे बढ़ा दिया गया था। यह सीधे तौर पर वित्तीय नियमों का उल्लंघन और अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका की ओर इशारा करता है।
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    बोली खुलने से पहले बवाल: वित्तीय बोली (Financial Bidding) खुलने से पहले ही गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ गईं, जिसने पूरी प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा कर दिया।
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    पार्षदों का गुस्सा: महापौर द्वारा तत्काल टेंडर निरस्तीकरण के आदेश के बाद, पार्षदों ने भी निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए और अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया।
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कूड़े का 'बढ़ता पहाड़': संकट और जवाबदेही
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टेंडर विवाद ने शहर के कूड़ा संकट को और गहरा दिया है। लोहियानगर में सालों से जमा कूड़े के पहाड़ से संक्रमण फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
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    NGT की चेतावनी: कूड़े के इस बदहाल प्रबंधन के कारण नगर निगम पहले से ही NGT की निगरानी में है और जुर्माने की तलवार लटकी हुई है।
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    निगम पर सवाल: एक तरफ शहर में कूड़े का अंबार लगा है, वहीं दूसरी तरफ निस्तारण के करोड़ों रुपये के टेंडर में अनियमितता के आरोप लगे हैं। इससे निगम की जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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नगर आयुक्त ने लिया एक्शन: बंद रास्ते को खुलवाने का आदेश
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लगातार बढ़ते विवाद और शिकायतें मिलने के बाद, गुरुवार को नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने अपनी टीम के साथ लोहियानगर कूड़ा प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया।
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    सड़क पर कूड़े का कब्ज़ा: आयुक्त ने पाया कि प्लांट पिछले कई महीनों से बंद है, जिसके कारण जमा हुए कूड़े ने घोसीपुर गांव तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया है।
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    राष्ट्रीय परियोजना में बाधा: इसके अलावा, इस कूड़े के कारण हापुड़ रोड पर NHAI इंटरचेंज के महत्वपूर्ण निर्माण कार्य में भी बाधा उत्पन्न हो रही थी।
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नगर आयुक्त ने तुरंत जेसीबी मशीनें लगवाकर रास्ते से कूड़ा हटाने और आवाजाही बहाल करने का निर्देश दिया। हालांकि, टेंडर रद्द होने के बाद अब शहर की स्वच्छता योजना एक बार फिर खटाई में पड़ गई है।
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