मेरठ (Meerut News): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से अपराध की एक ऐसी दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। शुक्रवार की सुबह, जब लोग अपने दिनचर्या की शुरुआत कर रहे थे, तब लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के मजीद नगर में एक खौफनाक मर्डर मिस्ट्री ने जन्म लिया। यहां एक 26 वर्षीय विवाहित महिला की उसके ही बेडरूम में गला रेतकर बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात के समय महिला का पति काम पर गया हुआ था और घर में सिर्फ तीन मासूम बच्चियां थीं। कत्ल का यह पूरा वाकया इतना खौफनाक है कि सुनने वालों की रूह कांप जाए। इस हत्या की गुत्थी को जो चीज सबसे ज्यादा पेचीदा बना रही है, वह है पुलिस को मौके पर किसी भी तरह की 'फोर्स्ड एंट्री' (जबरन घर में घुसने के निशान) का ना मिलना।Read also:-गांधीबाग में फिर गूंजेगी 1857 की 'सिंहगर्जना': आधुनिक तकनीक और 5 करोड़ की लागत से जीवंत होगी मेरठ की क्रांति; शुरू होगा भव्य 'लाइट एंड साउंड शो'
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इस सनसनीखेज वारदात ने इलाके की कानून व्यवस्था पर तो सवाल खड़े किए ही हैं, साथ ही मानवीय रिश्तों और सुरक्षा को लेकर भी एक गहरा खौफ पैदा कर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं इस पूरी वारदात की इनसाइड स्टोरी, आखिर शुक्रवार की उस मनहूस सुबह मजीद नगर की गली नंबर-3 के उस मकान में क्या हुआ था।
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खुशी-खुशी काम पर गया था पति, पीछे से उजड़ गया आशियाना
\r\n\r\nजानकारी के मुताबिक, मृतका की पहचान 26 वर्षीय कौसर के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गाजियाबाद के लोनी इलाके की रहने वाली थी। कौसर की शादी करीब 7 साल पहले साकिब (30 वर्ष) नाम के युवक से हुई थी। साकिब पेशे से ई-रिक्शा चालक है और वह रोजाना सुबह-सुबह अपना ई-रिक्शा लेकर काम पर निकल जाता है। यह परिवार मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र स्थित मजीद नगर की गली नंबर-3 में इसरार उर्फ सोनू के मकान में दूसरी मंजिल पर किराए पर रहता था।
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रोजाना की तरह शुक्रवार की सुबह भी साकिब अपना ई-रिक्शा लेकर मंडी चला गया था। साकिब और कौसर की तीन छोटी बेटियां हैं— 6 वर्षीय सानिया, 4 वर्षीय कुलसुमिनार और महज डेढ़ साल की इनाया। जब साकिब घर से निकला, तब तक सब कुछ सामान्य था। उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस पत्नी को वह सही-सलामत छोड़कर जा रहा है, कुछ ही घंटों बाद वह उसे कभी जिंदा नहीं देख पाएगा।
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वारदात का पर्दाफाश: जब मासूम बच्चियां पहुंचीं मकान मालिक के पास
\r\n\r\nइस पूरी वारदात का खुलासा बेहद ही दर्दनाक तरीके से हुआ। मकान मालिक इसरार उर्फ सोनू जो पेशे से टावर का काम करते हैं, भूतल (Ground Floor) पर अपनी पत्नी फराह और बच्चों के साथ रहते हैं। सुबह के करीब 8 बज रहे थे, तभी साकिब की मासूम बच्चियां सीढ़ियां उतरकर नीचे मकान मालिक के पास पहुंचीं।
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बच्चियों ने अपनी तोतली और घबराई हुई आवाज में मकान मालिक की पत्नी से गुहार लगाई कि "अब्बू (पिता) को कॉल करा दो।" बच्चियों के चेहरे पर एक अजीब सी घबराहट थी। यह सुनकर मकान मालिक की पत्नी ने इसरार से कहा कि साकिब को फोन मिला दें। इसरार ने तुरंत अपने मोबाइल से साकिब का नंबर डायल किया और फोन बच्चियों के हाथ में थमा दिया।
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फोन पर बात करते-करते गूंजी रोने की आवाजें और फिर... चीख!
\r\n\r\nबच्चियां फोन लेकर वापस दूसरी मंजिल पर अपने कमरे की तरफ चली गईं। वे फोन पर अपने पिता साकिब से बात कर ही रही थीं कि अचानक उनके जोर-जोर से रोने की आवाजें आने लगीं। बच्चियों का इस तरह अचानक से रोना मकान मालिक इसरार को कुछ अजीब लगा। उन्होंने तुरंत अपनी पत्नी से कहा कि "जाकर ऊपर देखो, बच्चे इस तरह क्यों रो रहे हैं?"
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मकान मालिक की पत्नी फराह तुरंत सीढ़ियां चढ़कर दूसरी मंजिल पर पहुंचीं। कमरे के अंदर दाखिल होते ही उनके मुंह से एक तेज चीख निकल गई। सामने का मंजर इतना खौफनाक था कि किसी के भी होश उड़ जाएं।
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बेड के ठीक बगल में फर्श पर 26 वर्षीय कौसर की लाश पड़ी हुई थी। उसकी गर्दन को किसी धारदार हथियार से बेहद बेरहमी से काटा गया था और पूरा फर्श खून से लाल हो चुका था। कमरे का सारा सामान बिखरा पड़ा था और तीनों मासूम बच्चियां अपनी मां की खून से लथपथ लाश के पास खड़ी होकर बिलख-बिलख कर रो रही थीं। फराह की चीख सुनकर इसरार भी दौड़कर ऊपर पहुंचे और वहां का नजारा देखकर उनके भी पैरों तले जमीन खिसक गई।
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खून से लथपथ पत्नी को देख बेसुध हुआ पति
\r\n\r\nमकान मालिक इसरार ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी और साथ ही फोन कर साकिब को भी घर वापस बुलाया। आसपास के पड़ोसियों की भी भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई।
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थोड़ी ही देर में पति साकिब बदहवास हालत में घर पहुंचा। सीढ़ियां चढ़कर जैसे ही उसने अपने कमरे में कदम रखा और पत्नी कौसर की सिर कटी लाश देखी, वह अपने सीने पर हाथ रखकर वहीं फर्श पर बैठ गया और फूट-फूटकर रोने लगा। उसकी हालत ऐसी थी कि वह कुछ बोल भी नहीं पा रहा था। रोते हुए साकिब ने पुलिस और पड़ोसियों को बस इतना बताया कि वह तो सुबह ही काम पर चला गया था, उसे नहीं पता कि उसकी पत्नी के साथ यह खौफनाक दरिंदगी किसने और क्यों की। मकान मालिक ने भी बयान दिया है कि चूंकि वे नीचे अपने कमरे में सो रहे थे, इसलिए उन्हें ऊपर से चीखने-चिल्लाने या किसी के आने-जाने की कोई आवाज नहीं सुनाई दी।
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सबसे बड़ा सुराग: 6 साल की मासूम बेटी का चौंकाने वाला बयान
\r\n\r\nइस पूरी मर्डर मिस्ट्री में सबसे अहम और इकलौती चश्मदीद गवाह साकिब और कौसर की 6 साल की बड़ी बेटी सानिया है। पुलिस की पूछताछ में सहमी हुई सानिया ने जो बताया, उसने इस मर्डर मिस्ट्री को एक नई दिशा दे दी है।
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मासूम बेटी ने बताया कि जब उसके अब्बू घर पर नहीं थे, तब एक "चोर" उनके कमरे में घुस आया था। उस शख्स ने काले रंग के कपड़े पहने हुए थे। काले कपड़े वाले उस आदमी ने अम्मी (कौसर) को जोर से पकड़ा और फिर उन्हें मारकर वहां से भाग गया। बच्ची ने पुलिस को यह भी बताया कि जिस वक्त वह आदमी उनकी मां को मार रहा था, उस समय उसकी दोनों छोटी बहनें गहरी नींद में सो रही थीं। बच्ची का यह बयान इस बात की तस्दीक करता है कि कातिल कोई बाहरी शख्स हो सकता है, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
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क्या कहती है मेरठ पुलिस? (SP City का आधिकारिक बयान)
\r\n\r\nघटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले तुरंत भारी पुलिस बल और फोरेंसिक टीम (FSL) के साथ मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वायड की टीम को भी बुलाया गया ताकि कातिल के भागने के रास्ते का सुराग मिल सके।
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एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, "शुक्रवार सुबह लिसाड़ी गेट क्षेत्र से एक महिला की गला रेतकर हत्या करने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घटनास्थल को सील कर दिया है। फोरेंसिक टीम ने फिंगरप्रिंट्स, ब्लड सैंपल और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। अभी परिवार वालों, पति और मकान मालिक से गहन पूछताछ की जा रही है।"
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एसपी सिटी ने इस केस का सबसे बड़ा पेंच बताते हुए कहा, "घटनास्थल की शुरुआती जांच में घर के अंदर कोई 'फोर्स एंट्री' (Forced Entry) नहीं मिली है।"
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'फोर्स्ड एंट्री' नहीं होने का क्या है मतलब? अनसुलझे सवाल!
\r\n\r\nपुलिस के बयान में 'फोर्स्ड एंट्री' का ना मिलना इस केस को बेहद पेचीदा बना देता है। इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं:
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- \r\n क्या कातिल कोई परिचित था? अगर दरवाजा जबरन नहीं तोड़ा गया, तो इसका सीधा मतलब है कि या तो दरवाजा खुला था, या फिर मृतका ने खुद दरवाजा खोला था। अमूमन महिलाएं किसी अजनबी के लिए दरवाजा नहीं खोलतीं। क्या कातिल कोई ऐसा व्यक्ति था जिसे कौसर पहले से जानती थी?\r\n \r\n
- \r\n दिनदहाड़े हत्या और कोई आवाज नहीं? लिसाड़ी गेट जैसे घनी आबादी वाले इलाके में, जहां मकान मालिक ठीक नीचे रहता हो, वहां दिनदहाड़े गर्दन काटकर हत्या कर दी जाए और किसी को चीख तक ना सुनाई दे? यह इस बात की ओर इशारा करता है कि कातिल ने महिला को शोर मचाने का मौका ही नहीं दिया या फिर उसका मुंह पहले ही दबा दिया गया था।\r\n \r\n
- \r\n काले कपड़ों वाला शख्स कौन? 6 साल की बच्ची ने जिस काले कपड़ों वाले व्यक्ति का जिक्र किया है, क्या वह कोई भाड़े का कातिल (Contract Killer) था या कोई ऐसा शख्स जो अपनी पहचान छुपाना चाहता था?\r\n \r\n
- \r\n हत्या का मोटिव (मकसद) क्या है? पुलिस अब यह तलाशने में जुटी है कि आखिर 26 साल की एक घरेलू महिला की किसी से क्या दुश्मनी हो सकती है कि उसे इतनी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया जाए? क्या यह लूटपाट के इरादे से की गई हत्या है, कोई आपसी रंजिश है, या फिर कोई और गहरा राज?\r\n \r\n
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आगे की जांच और पुलिस की रणनीति
\r\n\r\nफिलहाल पुलिस ने पंचनामा भरकर कौसर के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि महिला के शरीर पर और कितने घाव थे और हत्या का सटीक समय क्या था।
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पुलिस की कई टीमें इस केस को सुलझाने में लगा दी गई हैं। इलाके के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि उस 'काले कपड़े वाले' संदिग्ध की पहचान की जा सके जो वारदात के समय घर में दाखिल हुआ या बाहर निकला। इसके अलावा, मृतका और उसके पति के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स (CDR) भी निकाली जा रही है, जिससे यह पता चल सके कि क्या कौसर की किसी से कोई अनबन थी या हत्या से पहले उसकी किसी से बात हुई थी।
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मेरठ पुलिस का दावा है कि वह जल्द ही इस खौफनाक वारदात का पर्दाफाश करेगी और कातिल सलाखों के पीछे होगा। लेकिन फिलहाल, तीन मासूम बच्चियों के सिर से उनकी मां का साया उठ चुका है और लिसाड़ी गेट इलाके में दहशत का माहौल है। हर कोई बस यही पूछ रहा है कि आखिर उस बंद कमरे का सच क्या है?
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