मेरठ, उत्तर प्रदेश: शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट स्थित प्रतिष्ठित जैना ज्वैलर्स के शोरूम पर आज, सोमवार 17 नवंबर 2025 को सीलिंग की कार्रवाई होनी है। आवास विकास परिषद (Awas Vikas Parishad) के नोटिस और कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। सीलिंग से ठीक पहले, ज्वैलरी शोरूम को रातोंरात खाली कर दिया गया है। यह वही शोरूम है जिसका उद्घाटन लगभग 60 दिन पहले ही मथुरा की सांसद और प्रसिद्ध अभिनेत्री हेमामालिनी ने किया था, जिसके बाद यह विवादों में आ गया था।READ ALSO:-सऊदी अरब में भीषण सड़क हादसा: मक्का से मदीना जा रही बस और टैंकर की टक्कर, 42 भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत की आशंका
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आवासीय भूखंड पर व्यावसायिक निर्माण का विवाद
\r\n\r\nयह पूरा मामला सेंट्रल मार्केट में आवासीय भूखंडों पर अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां चलाने से जुड़ा है। आवास विकास परिषद के अधिकारियों के अनुसार, सेंट्रल मार्केट का यह इलाका मूल रूप से आवासीय कॉम्प्लेक्स के लिए निर्धारित किया गया था, लेकिन यहां बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से दुकानें और कॉम्प्लेक्स बनाए गए हैं।
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इसी कड़ी में, मेसर्स जयंती प्रसाद जीवन लाल जैन ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड को भी भवन संख्या 259/6 में ज्वैलरी शोरूम खोलने के लिए नोटिस जारी किया गया था। आवास विकास परिषद् के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार ने पुष्टि की है कि यह निर्माण 'अनाधिकृत' है, क्योंकि भूखंड का उपयोग व्यावसायिक नहीं हो सकता। इससे पहले, 25 अक्टूबर को इसी बाजार में 22 दुकानों वाले एक अवैध कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त किया जा चुका है, और 31 अन्य भूखंडों के मालिकों को भी ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया गया है।
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सीलिंग की तैयारी और फोर्स की मांग
\r\n\r\nआवास विकास परिषद ने जैना ज्वैलर्स को 23 सितंबर को पहला नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने को कहा था। यह अवधि पूरी होने के बावजूद जब निर्माण नहीं हटाया गया, तो परिषद ने आज, 17 नवंबर को सीलिंग के लिए जिला प्रशासन से पुलिस फोर्स की मांग की है।
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अधिकारियों का कहना है कि नोटिस के बावजूद शोरूम का संचालन जारी रहा, जिसके बाद यह अंतिम कार्रवाई की जा रही है। देर रात ज्वैलरी शोरूम का खाली किया जाना यह दर्शाता है कि प्रबंधन अब कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए सामान हटा चुका है।
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नक्शा स्वीकृति पर उठे गंभीर सवाल
\r\n\r\nइस मेरठ जैना ज्वैलर्स सीलिंग के मामले में आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों पर गंभीर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर इस भूखंड का दो बार मानचित्र (नक्शा) स्वीकृत किया।
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- \r\n पहला नक्शा: 26 अक्टूबर 2023 को स्वीकृत।\r\n \r\n
- \r\n दूसरा नक्शा: 12 सितंबर 2025 को स्वीकृत।\r\n \r\n
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खुराना के मुताबिक, 12 सितंबर को नक्शा स्वीकृत होने के महज दस दिन बाद, यानी 22 सितंबर 2025 को, अवैध शोरूम का उद्घाटन भी हो गया था। इस तीव्र निर्माण गति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है।
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हाईकोर्ट ने आवास आयुक्त से मांगा जवाब
\r\n\r\nइस बीच, यह मामला अब न्यायिक समीक्षा के दायरे में आ गया है। सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायाधीश दिनेश पाठक ने इस संबंध में सुनवाई करते हुए आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह से एक माह के भीतर जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि जब तक निर्माण को आवासीय घोषित नहीं किया जाता, तब तक मौके पर ज्वेलरी शोरूम का संचालन कैसे किया जा सकता है। मामले में अगली सुनवाई की तारीख 21 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। इस बीच, मेरठ जैना ज्वैलर्स सीलिंग की कार्रवाई पर न्यायिक हस्तक्षेप का क्या प्रभाव पड़ता है, यह देखना बाकी है।
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मेरठ के सेंट्रल मार्केट में मेरठ जैना ज्वैलर्स सीलिंग की कार्रवाई, अवैध निर्माण और भू-उपयोग परिवर्तन के खिलाफ आवास विकास परिषद की सख्ती को दिखाती है। हाई-प्रोफाइल उद्घाटन के बावजूद शोरूम का सील होना अधिकारियों की मनमानी और नियमों के उल्लंघन पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। हाईकोर्ट द्वारा आवास आयुक्त से जवाब मांगे जाने के बाद, अब इस मामले की कानूनी और प्रशासनिक पेचीदगियां बढ़ गई हैं, जिसका परिणाम 21 जनवरी को अगली सुनवाई में सामने आने की उम्मीद है।
Sabse pehle comment karne wale banein.