देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'NEET-UG 2026' में सामने आई पेपर लीक और अनियमितताओं की खबरों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। लाखों छात्रों के भविष्य के साथ हुए इस भद्दे मजाक के खिलाफ अब उत्तर प्रदेश के मेरठ में 'खत्री युवा शक्ति संघ' ने हुंकार भर दी है। संगठन ने जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए परीक्षा माफियाओं पर बुलडोजर एक्शन और भविष्य में परीक्षा प्रणाली (CBT Mode) में बड़े बदलाव की पुरजोर मांग की है।READ ALSO:-UPPCL Smart Meter महा-अपडेट: क्या आपका 'प्रीपेड' स्मार्ट मीटर 'पोस्टपेड' में बदल गया? योगी सरकार के इस बड़े फैसले का ऐसे उठाएं फायदा, घर बैठे मिनटों में करें चेक!
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देशभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए आयोजित होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 2026 इन दिनों भारी विवादों के घेरे में है। कथित पेपर लीक, परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी और परिणाम में सामने आई अप्रत्याशित अनियमितताओं ने उन लाखों होनहार छात्रों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है, जो दिन-रात एक करके इस परीक्षा की तैयारी करते हैं। इसी अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए, मेरठ में खत्री युवा शक्ति संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एक विशाल लामबंदी की और शिक्षा व्यवस्था की गिरती साख पर गहरी चिंता व्यक्त की।
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उच्च अधिकारियों को भेजा गया ज्ञापन: जवाबदेही तय करने की मांग
\r\n\r\nसंगठन ने इस मामले को महज एक परीक्षा की गड़बड़ी न मानते हुए, इसे देश के भविष्य और राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील मुद्दा करार दिया है। इस कड़ी में खत्री युवा शक्ति संघ ने मेरठ के जिलाधिकारी (DM) कार्यालय पहुंचकर एक विस्तृत और सख्त ज्ञापन सौंपा।
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यह ज्ञापन निम्नलिखित उच्चाधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रेषित किया गया है:
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- \r\n माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार (श्री योगी आदित्यनाथ)\r\n \r\n
- \r\n माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार\r\n \r\n
- \r\n अध्यक्ष, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency - NTA)\r\n \r\n
- \r\n माननीय राज्यपाल, उत्तर प्रदेश\r\n \r\n
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ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने स्पष्ट शब्दों में यह संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले शिक्षा माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
\r\n\r\nपारंपरिक 'पेन-पेपर' प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल, CBT लागू करने की वकालत
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खत्री युवा शक्ति संघ ने NTA की कार्यप्रणाली पर सबसे बड़ा और तार्किक सवाल उठाया है। ज्ञापन में कहा गया है कि आज हम डिजिटल इंडिया के युग में जी रहे हैं। जब देश की अन्य सबसे प्रतिष्ठित और बड़ी परीक्षाएं—जैसे इंजीनियरिंग के लिए JEE Main, केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए CUET और मैनेजमेंट के लिए IIM-CAT—सफलतापूर्वक और पूरी पारदर्शिता के साथ 'कंप्यूटर आधारित टेस्ट' (Computer Based Test - CBT) प्रणाली पर आयोजित की जा रही हैं, तो फिर NEET-UG जैसी अति-संवेदनशील परीक्षा को अब भी पुराने 'पेन और पेपर' (OMR आधारित) तरीके से क्यों कराया जा रहा है?
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संगठन का तर्क है कि पेपर आधारित प्रणाली में प्रश्नपत्र की छपाई से लेकर परीक्षा केंद्रों तक उसे पहुंचाने (Transportation) की प्रक्रिया में कई मानवीय कड़ियां (Human Elements) शामिल होती हैं, जहां से पेपर लीक होने की सबसे ज्यादा संभावनाएं होती हैं। संघ ने सरकार से पुरजोर मांग की है कि:
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- \r\n NEET-UG 2026 प्रकरण की एक निष्पक्ष, समयबद्ध (Time-bound) और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में उच्च-स्तरीय जांच कराई जाए।\r\n \r\n
- \r\n भविष्य में होने वाली सभी NEET परीक्षाओं को चरणबद्ध तरीके से (Phase-wise) पूरी तरह से CBT (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) प्रणाली पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि पेपर लीक की गुंजाइश को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके।\r\n \r\n
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'एंटी-पेपर लीक कानून 2024' (Public Examinations Act) के तहत हो कड़ी सजा
\r\n\r\nसंगठन ने केवल जांच की ही मांग नहीं की, बल्कि हाल ही में संसद द्वारा पारित किए गए सख्त कानून का हवाला भी दिया। संघ ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट रूप से Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 को लागू करने की मांग की है। इस नए कानून के तहत परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोहों, सॉल्वर गैंग और पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ भारी जुर्माना (करोड़ों रुपये) और लंबी जेल की सजा का प्रावधान है। संगठन ने कहा कि जब तक दो-चार बड़े माफियाओं पर इस कानून के तहत सार्वजनिक और कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक शिक्षा माफियाओं के मन में कानून का खौफ पैदा नहीं होगा।
\r\n\r\nछात्रों और अभिभावकों के सपनों की हत्या है पेपर लीक
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खत्री युवा शक्ति संघ ने समाज के उस दर्द को भी अपने ज्ञापन में उकेरा है जो एक आम मध्यवर्गीय परिवार महसूस करता है। संगठन ने कहा:
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\r\n\r\n\r\n"पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल एक अपराध नहीं हैं, बल्कि यह उन मेहनती, ईमानदार और मेधावी छात्रों के साथ घोर अन्याय है जो सालों तक खुद को एक कमरे में बंद करके डॉक्टर बनने का सपना बुनते हैं। यह कृत्य भारतीय संविधान द्वारा दिए गए 'समान अवसर' (Equal Opportunity), 'पारदर्शिता' और 'शिक्षा के अधिकार' की मूल भावना की हत्या करता है।"\r\n
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लाखों विद्यार्थियों की वर्षों की अथक मेहनत, उनका मानसिक संघर्ष (Mental Trauma) और उनके माता-पिता की जीवन भर की गाढ़ी कमाई इस एक परीक्षा के दांव पर लगी होती है। ऐसे में जब अयोग्य छात्र पैसे और जुगाड़ के दम पर डॉक्टर बनने की कतार में आगे खड़े हो जाते हैं, तो यह पूरे हेल्थकेयर सिस्टम के लिए भविष्य का एक बड़ा खतरा बन जाता है। सरकार और NTA जैसी संस्थाओं की यह सर्वोच्च नैतिक जिम्मेदारी है कि वे परीक्षा प्रणाली में देश के युवाओं का विश्वास टूटने न दें।
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राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने भरी हुंकार
\r\n\r\nइस अहम मुद्दे पर खत्री युवा शक्ति संघ के उच्च नेतृत्व ने भी कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष खत्री शांतनु अरोड़ा जी और प्रदेश प्रमुख खत्री नवीन अरोड़ा जी की ओर से संयुक्त रूप से बयान जारी किया गया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा:
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\r\n\r\n\r\n"यह मुद्दा अब केवल एक परीक्षा के दोबारा होने या न होने का नहीं रह गया है। यह देश के होनहार युवाओं के भविष्य, उनके सपनों और भारत की समग्र शिक्षा व्यवस्था की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता का सीधा प्रश्न है। सरकार को इस विषय पर लीपापोती करने के बजाय पूरी गंभीरता के साथ त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।"\r\n
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प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान इन प्रमुख चेहरों की रही मौजूदगी
\r\n\r\nमेरठ में इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाने में खत्री युवा शक्ति संघ के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारियों और समाजसेवियों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पश्चिम उत्तर प्रदेश के महामंत्री खत्री कपिश अरोड़ा (जिनके द्वारा यह विज्ञप्ति जारी की गई) के नेतृत्व में एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल उपस्थित रहा।
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इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
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- \r\n हेमंत चावला (समाज सेवी)\r\n \r\n
- \r\n अंशुल ग्रोवर (प्रदेश उपाध्यक्ष)\r\n \r\n
- \r\n कपिश अरोड़ा (महामंत्री, पश्चिम उत्तर प्रदेश)\r\n \r\n
- \r\n अभिनव अरोड़ा (संगठन मंत्री)\r\n \r\n
- \r\n रोहित आनंद (मेरठ जिले के अध्यक्ष)\r\n \r\n
- \r\n जीतू नागपाल (प्रभारी)\r\n \r\n
- \r\n ईशू आहूजा (महामंत्री)\r\n \r\n
- \r\n करन विग (वरिष्ठ उपाध्यक्ष)\r\n \r\n
- \r\n वेदांत अरोड़ा (उपाध्यक्ष)\r\n \r\n
- \r\n सनी चड्डा (मीडिया प्रभारी)\r\n \r\n
- \r\n दीपक अरोड़ा (प्रचार मंत्री)\r\n \r\n
- \r\n गौरव अरोड़ा (कोषाध्यक्ष)\r\n \r\n
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इसके अतिरिक्त, संदीप आनंद, अखिल ढींगरा, राजन अरोरा (संगठन मंत्री), चिराग वाधवा, उत्कर्ष मल्होत्रा (प्रचार मंत्री), कुणाल अरोड़ा (मंत्री), जसमीत चड्डा (उपाध्यक्ष), संदीप भसीन, तरूण पाहवा (मंत्री), जयदीप चड्डा (उपमंत्री) और तरूण खुराना सहित संगठन के अनेक कर्मठ पदाधिकारी एवं सैंकड़ों सदस्य वहां मौजूद रहे और छात्रों के न्याय की मांग को बुलंद किया।
\r\n\r\nखत्री युवा शक्ति संघ का यह कदम स्पष्ट करता है कि समाज अब शिक्षा में फैले भ्रष्टाचार को मूकदर्शक बनकर सहने वाला नहीं है। NEET-UG 2026 का यह विवाद अब केवल न्यायालय या NTA के दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सड़कों पर एक जनांदोलन का रूप लेता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और NTA छात्रों के इस उबलते आक्रोश को शांत करने और व्यवस्था में सुधार लाने के लिए कितनी जल्दी और क्या ठोस कदम उठाते हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.