मेरठ में पुलिस ने एक बड़े हाई-टेक साइबर क्राइम रैकेट का पर्दाफाश किया है। मवाना पुलिस और सर्विलांस टीम के संयुक्त ऑपरेशन में ईदगाह पुलिया के पास से तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया गया है, जो एक अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चला रहे थे। ये ठग 'सिम बॉक्स' तकनीक का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय VOIP कॉल्स को लोकल कॉल्स में बदलकर लोगों को चूना लगा रहे थे।READ ALSO:-मेरठ में 'जॉब-वर्क' के नाम पर 'गंदा खेल': कंप्यूटर सेंटर की आड़ में जिस्मफरोशी, ऑन डिमांड भेजते थे लड़कियां, संचालक समेत 9 युवतियां और 3 ग्राहक गिरफ्तार
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कैसे काम करता था यह रैकेट?
\r\n\r\nपुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी - आशिक, इस्लाम और गुफरान ने इंटरनेट के जरिए इस हाई-टेक फ्रॉड की पूरी जानकारी जुटाई थी। वे फर्जी पहचान पत्रों पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड खरीदते थे। इसके बाद, एक खास डिवाइस जिसे 'सिम बॉक्स' कहते हैं, और इंटरनेट की मदद से, वे विदेशों से आने वाली VOIP कॉल्स (जो कि सस्ती होती हैं) को भारतीय लोकल कॉल्स में बदल देते थे। इस प्रक्रिया में कॉलर की असली पहचान (कॉलर आईडी) छिप जाती थी, जिससे उन्हें पकड़ना बेहद मुश्किल हो जाता था।
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ठगी और राजस्व का नुकसान
\r\n\r\nइस अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का इस्तेमाल सिर्फ साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग के लिए किया जा रहा था। अपराधी बेखौफ होकर भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते थे। इस गोरखधंधे से न केवल आम नागरिक ठगी का शिकार हो रहे थे, बल्कि देश की टेलीकॉम कंपनियों को भी करोड़ों रुपये के राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था।
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पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 सिम बॉक्स, 200 से ज्यादा प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड, एक लैपटॉप, वाई-फाई राउटर और कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं। एसएसपी मेरठ के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई, क्योंकि पुलिस की सर्विलांस टीम काफी समय से इन पर नजर रखे हुए थी। यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी जीत मानी जा रही है।
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Sabse pehle comment karne wale banein.