मेरठ। सोशल मीडिया पर कुछ लाइक्स और व्यूज पाने का जुनून युवाओं को किस हद तक खतरनाक बना रहा है, इसका एक भयावह उदाहरण मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी (CCSU) में देखने को मिला। शनिवार देर रात यूनिवर्सिटी के पंडित दीन दयाल उपाध्याय छात्रावास में उस वक्त हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ छात्रों ने एक खतरनाक स्टंट को अंजाम देते हुए पॉलिथीन में पेट्रोल भरकर 'बम' बनाया और उसमें आग लगा दी।READ ALSO:-मेरठ न्यूज़: पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के बेटे फिरोज और गाजियाबाद के मीट कारोबारी समेत आठ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल; बिना अनुमति 400 लोगों की भीड़ जुटाने का आरोप
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एक जोरदार धमाके के साथ जब आग का गोला उठा, तो ये छात्र डरने के बजाय उसके चारों ओर नाचते-कूदते और जश्न मनाते नजर आए। इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे जानलेवा करतब को छात्रों ने खुद ही अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
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क्या है पूरा मामला?
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जानकारी के मुताबिक, छात्रों ने यह खतरनाक प्रयोग किसी अन्य वायरल वीडियो की नकल करते हुए किया था। वीडियो में साफ दिख रहा है कि छात्र एक के ऊपर एक कई पॉलिथीन बैग रखते हैं, उनमें पेट्रोल भरते हैं और फिर बीच में आग लगा देते हैं, जिससे एक धमाका होता है। इस धमाके के बाद छात्र बेखौफ होकर आग के पास ही जश्न मना रहे हैं। यह घटना एक छोटी सी लापरवाही से किसी बड़े और जानलेवा हादसे में तब्दील हो सकती थी।
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प्रशासन का सख्त रुख, 200 छात्रों को नोटिस
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वीडियो वायरल होते ही विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आ गया है। इस घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए चीफ वार्डन प्रोफेसर दिनेश कुमार ने एक कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा, "यह बेहद गंभीर और गैर-जिम्मेदाराना हरकत है। आग से खेलना किसी बड़े हादसे को न्योता देना था। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
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प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पंडित दीन दयाल उपाध्याय छात्रावास में रहने वाले करीब 200 छात्रों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। विश्वविद्यालय की अनुशासन समिति अब वायरल वीडियो और हॉस्टल के CCTV फुटेज खंगाल रही है, ताकि इस खतरनाक स्टंट में शामिल सभी छात्रों की पहचान की जा सके।
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दोषियों का होगा निष्कासन
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चीफ वार्डन ने साफ कर दिया है कि पहचान होने के बाद दोषी छात्रों को तुरंत छात्रावास से निष्कासित (Expel) कर दिया जाएगा। हालांकि, अभी तक इस मामले में पुलिस को कोई औपचारिक शिकायत नहीं दी गई है, लेकिन विश्वविद्यालय अपने स्तर पर कठोरतम कार्रवाई करने की तैयारी में है। यह घटना उन सभी छात्रों के लिए एक चेतावनी है जो सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल देते हैं।
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