मेरठ। 21 जून 2026 की सुबह जब सूरज की पहली किरण ने मेरठ छावनी (Meerut Cantt) की धरती को छुआ, तो आर्मी पब्लिक स्कूल (Army Public School - APS) का विस्तृत प्रांगण एक अद्भुत आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर था। अवसर था 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (12th International Yoga Day) के भव्य और उत्साहपूर्ण आयोजन का। अनुशासन और शिक्षा के लिए विख्यात आर्मी पब्लिक स्कूल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।Read also:-प्रधानी के लालच में रची गौकशी की खौफनाक साजिश: बिजनौर में पुलिस ने एनकाउंटर के बाद किया चौंकाने वाला खुलासा, प्रधान समेत 5 गिरफ्तार
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इस वर्ष के आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि यह केवल एक दिन का समारोह नहीं था, बल्कि स्वास्थ्य और जागरूकता का एक महाकुंभ था। विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और हजारों विद्यार्थियों ने मिलकर इस दिन को एक ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया, जो देखने लायक था।
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इस वर्ष की थीम: "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" (Yoga for Healthy Aging)

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हर साल योग दिवस एक विशेष थीम पर आधारित होता है। वर्ष 2026 के लिए वैश्विक थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" (Yoga for Healthy Aging) रखी गई है। इस थीम का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना है कि योग केवल युवाओं के लिए नहीं है, बल्कि यह जीवन के हर पड़ाव, विशेषकर बुढ़ापे में शरीर को रोगमुक्त और सक्रिय रखने का सबसे सशक्त माध्यम है।
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आर्मी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने इस थीम को बहुत गहराई से समझा। युवा पीढ़ी ने इस बात का संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं योग करेंगे, बल्कि अपने घर के बुजुर्गों, माता-पिता और दादा-दादी को भी योग से जोड़ेंगे ताकि उनकी बढ़ती उम्र स्वस्थ, सुरक्षित और आनंदमय हो सके।
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7 दिवसीय 'योग वेलनेस कार्यक्रम': एक सप्ताह का स्वास्थ्य उत्सव

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मुख्य समारोह से पूर्व विद्यालय में पूरे एक सप्ताह तक चलने वाले "योग वेलनेस कार्यक्रम" (Yoga Wellness Program) का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य योग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और इसे छात्रों की जीवनशैली का हिस्सा बनाना था। इस सात दिवसीय उत्सव में कई रचनात्मक और ज्ञानवर्धक गतिविधियाँ आयोजित की गईं:
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    योग क्लॉथ/पोटली बैग निर्माण: पर्यावरण संरक्षण और योग को जोड़ते हुए छात्रों ने पुरानी सामग्री से आकर्षक योग बैग और पोटलियां बनाईं।
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    पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता: छात्रों ने अपनी कला के माध्यम से 'स्वस्थ जीवन और योग' विषय पर कैनवास को जीवंत कर दिया। इन पोस्टर्स में योग मुद्राओं के वैज्ञानिक लाभों को बहुत ही खूबसूरती से दर्शाया गया था।
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    योग प्रश्नोत्तरी (Quiz): योग के इतिहास, अष्टांग योग और महर्षि पतंजलि से जुड़े ज्ञान को परखने के लिए एक रोचक क्विज़ का आयोजन हुआ, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
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    रील निर्माण और फोटोग्राफी प्रतियोगिता: डिजिटल युग के बच्चों को योग से जोड़ने के लिए यह एक अभिनव प्रयोग था। छात्रों ने योग करते हुए शॉर्ट वीडियो (Reels) और तस्वीरें लीं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरीं।
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21 जून की सुबह: मन, शरीर और प्रकृति का अद्भुत मिलन

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मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ 21 जून की सुबह एक अत्यंत शांत और आध्यात्मिक योग प्रार्थना के साथ हुआ। इसका उद्देश्य मन, शरीर और हमारी पृथ्वी (प्रकृति) के बीच एक गहरा सामंजस्य स्थापित करना था। प्रार्थना की पवित्र ध्वनि ने पूरे विद्यालय परिसर को एक दिव्य ऊर्जा से भर दिया।
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इसके पश्चात आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush), भारत सरकार द्वारा निर्धारित 'कॉमन योग प्रोटोकॉल' (CYP) के अनुसार एक विस्तृत योग सत्र का आयोजन किया गया। सबसे पहले सूक्ष्म व्यायाम (वार्म-अप) कराए गए ताकि शरीर के जोड़ और मांसपेशियां खुलने लगें और वे कठिन आसनों के लिए तैयार हो सकें।
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प्रमुख योगासन और उनका अभ्यास

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योग सत्र में कई महत्वपूर्ण आसन और प्राणायाम कराए गए। प्रत्येक अभ्यास के दौरान प्रशिक्षकों ने उनके पीछे छिपे विज्ञान और स्वास्थ्य लाभों की भी विस्तृत जानकारी दी:
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    ताड़ासन (पर्वत मुद्रा): यह आसन बच्चों की लंबाई बढ़ाने, रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने और शारीरिक संतुलन को बेहतर बनाने में मदद करता है। सभी छात्रों ने एक सीध में खड़े होकर इस मुद्रा का शानदार प्रदर्शन किया।
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    त्रिकोणासन: शरीर के लचीलेपन को बढ़ाने और कमर के अतिरिक्त फैट को कम करने वाले इस आसन का अभ्यास अत्यंत लयबद्ध तरीके से किया गया।
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    उष्ट्रासन (Camel Pose): फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने और श्वसन तंत्र को मजबूत करने के लिए उष्ट्रासन करवाया गया। वर्तमान प्रदूषण भरे माहौल में यह आसन छात्रों के लिए बेहद लाभकारी है।
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    सेतु बंधासन (Bridge Pose): तनाव कम करने और पीठ के निचले हिस्से को मजबूती प्रदान करने वाले इस आसन का अभ्यास सभी ने बहुत ही एकाग्रता के साथ किया।
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प्राणायाम का अभ्यास: मानसिक शांति की ओर कदम शारीरिक आसनों के बाद मन को स्थिर करने के लिए नाड़ी शोधन प्राणायाम (अनुलोम-विलोम) और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। भ्रामरी प्राणायाम के दौरान गुंजन की ध्वनि (Bee sound) से उत्पन्न हुए वाइब्रेशन से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा, जिससे सभी ने एक असीम मानसिक शांति का अनुभव किया। यह छात्रों की एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए एक रामबाण उपाय है।
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कुशल मार्गदर्शन और 'एपीएस योगियों' का शानदार प्रदर्शन

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इस भव्य योग सत्र का सफल संचालन विद्यालय की वरिष्ठ योग शिक्षिका सुश्री शिखा धामा एवं अनुभवी योग प्रशिक्षक श्री प्रफुल शर्मा द्वारा किया गया। उनके स्पष्ट निर्देशों और सुधारों ने यह सुनिश्चित किया कि हर कोई सही मुद्रा में योग करे।
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कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण 'एपीएस योगियों' (APS Yogis - विद्यालय के चयनित उत्कृष्ट योग छात्र) द्वारा उन्नत (Advanced) योग मुद्राओं का प्रदर्शन रहा। इन छात्रों के शरीर के लचीलेपन और संतुलन को देखकर उपस्थित सभी लोग मंत्रमुग्ध रह गए।
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प्रधानाचार्या का प्रेरक संबोधन: भारत की प्राचीन धरोहर पर गर्व

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इस संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय की दूरदर्शी प्रधानाचार्या डॉ. (श्रीमती) रीता गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में संपन्न हुआ। योग सत्र के उपरांत उन्होंने वहां उपस्थित हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों को संबोधित किया।
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डॉ. रीता गुप्ता ने अपने ओजस्वी भाषण में योग के महत्व पर गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का यह आयोजन हमें भारत की उस अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली ऋषि परंपरा का स्मरण कराता है, जिसने पूरे विश्व को 'सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः' का पाठ पढ़ाया है। आज योग किसी एक देश या धर्म का नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता का हो चुका है। यह विश्व को स्वास्थ्य, संतुलन, मानसिक शांति और आंतरिक सुख की दिशा में निरंतर प्रेरित कर रहा है।"
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उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे योग को केवल 21 जून तक सीमित न रखें, बल्कि इसे प्रतिदिन सुबह उठकर अपनी दिनचर्या का एक अनिवार्य हिस्सा बनाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक अनुशासित और योग करने वाला छात्र ही भविष्य के एक मजबूत और स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।
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संकल्प के साथ हुआ समापन

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लगभग दो घंटे तक चले इस अद्भुत कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों के चेहरों पर एक अलग ही चमक थी। हर किसी ने स्वयं को अत्यधिक ऊर्जावान, प्रसन्न और तरोताजा अनुभव किया। कार्यक्रम का अंत एक सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने यह प्रतिज्ञा ली कि वे 'स्वस्थ वृद्धावस्था और समग्र स्वास्थ्य' के लिए अपने दैनिक जीवन में योग और प्राणायाम को नियमित रूप से अपनाएंगे।
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आर्मी पब्लिक स्कूल, मेरठ कैंट का यह 12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह न केवल एक सफल आयोजन रहा, बल्कि यह स्वास्थ्य, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के प्रति स्कूल की प्रतिबद्धता का एक जीता-जागता प्रमाण भी बन गया।
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