खबरीलाल डेस्क
मेरठ: सावन माह में हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों शिवभक्तों (कांवड़ियों) के लिए मेरठ जिला एक प्रमुख और सबसे संवेदनशील ट्रांजिट पॉइंट माना जाता है। दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा और राजस्थान जाने वाले लाखों कांवड़िए मेरठ से ही होकर गुजरते हैं। ऐसे में इस पवित्र कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित और पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर मेरठ पुलिस प्रशासन पूरी तरह से 'हाई अलर्ट' मोड पर आ गया है।READ ALSO:-फतवों का खौफ खत्म, शिवभक्ति में लीन: तीन तलाक पीड़िता अनीसा और एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तिक ला रहे कांवड़
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
कांवड़ियों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए जमीन से लेकर आसमान तक कड़े पहरे की व्यवस्था की गई है। इसी कड़ी में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लेने के लिए डीआईजी (DIG) कलानिधि नैथानी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय ने एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) टीम के भारी लाव-लश्कर के साथ शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील बेगमपुल क्षेत्र का सघन पैदल दौरा किया।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

आसमान से ड्रोन का पहरा, जमीन पर एटीएस (ATS) मुस्तैद

\r\n\r\n
अधिकारियों के इस पैदल मार्च का मुख्य उद्देश्य कांवड़ियों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करना और असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देना था। निरीक्षण के दौरान बेगमपुल चौराहे और उसके आसपास के पूरे इलाके में हाई-टेक ड्रोन कैमरे उड़ाकर पूरे क्षेत्र की हवाई निगरानी (Aerial Surveillance) की गई। ड्रोन के माध्यम से भीड़ प्रबंधन (Crowd Management), छतों की स्थिति, और यातायात डायवर्जन की व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
डीआईजी और एसएसपी ने ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों, पीएसी (PAC) और ट्रैफिक पुलिस के जवानों को सख्त निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि शिवभक्त कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सेवा और सम्मान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी प्वाइंट पर पुलिसकर्मी ड्यूटी से नदारद मिला, तो उसके खिलाफ तुरंत कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

माइक्रो-लेवल प्लानिंग: जोनल और सेक्टर स्कीम लागू

\r\n\r\n
मेरठ एसएसपी अविनाश पांडेय ने सुरक्षा तैयारियों का पूरा खाका मीडिया के सामने रखते हुए स्पष्ट किया कि, "कांवड़ यात्रा को लेकर हमारी सभी स्तर की तैयारियां शत-प्रतिशत पूरी हो चुकी हैं। हमने पूरे जिले और कांवड़ मार्गों को जोनल, सेक्टर और सब-सेक्टर स्तर में विभाजित कर दिया है।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए:

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    निरंतर गश्त: पुलिस की कई विशेष टीमें और रैपिड रिस्पांस मोटरसाइकिल दस्ते (Motorcycle Squads) 24 घंटे लगातार गश्त कर रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया जा सके।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    शिविर आयोजकों से सीधा संपर्क: जिले में लगे प्रत्येक कांवड़ सेवा शिविर के आयोजकों के साथ पुलिसकर्मियों का सीधा संपर्क और समन्वय स्थापित किया गया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    डीजे और झांकियों पर विशेष नजर: कांवड़ यात्रा के दौरान विशाल झांकियों और बड़े डीजे वाहनों से अक्सर ट्रैफिक जाम या विवाद की स्थिति बन जाती है। इससे निपटने के लिए एक नया प्रयोग किया गया है। हर डीजे और झांकी के चालकों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए एक-एक स्थानीय पुलिसकर्मी को 'टैग' (Tag) किया गया है। इससे किसी भी छोटी-मोटी समस्या, विवाद या रूट डायवर्जन की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम को मिल सकेगी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

तकनीक का कमाल: 3 मिनट से भी कम समय में मिल रहा समाधान

\r\n\r\n
कांवड़ यात्रा में भीड़भाड़ के कारण अक्सर लोगों का सामान खो जाता है या बच्चे बिछड़ जाते हैं। इसके समाधान के लिए मेरठ पुलिस ने तकनीकी का बेहतरीन इस्तेमाल किया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
एसएसपी ने बताया, "हमारे हाई-टेक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) को जो भी इनपुट मिल रहा है या डायल 112 (UP 112) के माध्यम से जो भी आपातकालीन सूचना प्राप्त हो रही है, पुलिस की टीम उसका समाधान 3 मिनट से भी कम समय (Response Time) में कर रही है।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
CCTV और त्वरित सहायता: कांवड़ियों का कांवड़ खोने का मामला हो, किसी का मोबाइल या कीमती सामान से भरा बैग छूटने की शिकायत हो, या फिर भीड़ में किसी बच्चे के अपने परिजनों से बिछड़ने की सूचना हो—संबंधित चौकी प्रभारी, थाना प्रभारी और पीआरवी (PRV) पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंच रहे हैं। पूरे मार्ग पर लगे हजारों CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल कर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम का इस्तेमाल कर त्वरित सहायता पहुंचाई जा रही है। पिछले कुछ दिनों में पुलिस ने कई बिछड़े हुए बच्चों को सकुशल उनके परिजनों से मिलाया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

NH-58 पर ट्रैफिक डायवर्जन: भारी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध

\r\n\r\n
मेरठ से होकर गुजरने वाला दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) कांवड़ यात्रा की मुख्य लाइफलाइन है। लाखों कांवड़ियों के इस मार्ग पर चलने के कारण यहां ट्रैफिक प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होती है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस पर एसएसपी ने कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि, "NH-58 और प्रमुख कांवड़ मार्गों पर कमर्शियल (व्यावसायिक) और भारी वाहनों (ट्रक, डंपर, बस आदि) के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह डायवर्जन प्लान सख्ती से लागू किया गया है।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
व्यापारियों और आवश्यक सेवाओं का रखा जा रहा ख्याल: भारी वाहनों पर प्रतिबंध से शहर की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित न हो, इसके लिए भी प्रशासन ने बीच का रास्ता निकाला है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति: दूध, दवा, सब्जी, पेट्रोल-डीजल और गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए विशेष पास (Passes) जारी किए गए हैं, जो रात के समय पुलिस एस्कॉर्ट में निकाले जा रहे हैं।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    व्यापारियों के लिए हेल्पलाइन: व्यापारी बंधुओं, फैक्ट्री मालिकों और इंडस्ट्रियल एसोसिएशंस को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम का एक विशेष हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराया गया है, जिस पर कॉल करके वे अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।
    \r\n
  4. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

\r\n\r\n
अपनी बात का समापन करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जिले की जनता और बाहर से आ रहे कांवड़ियों को आश्वस्त किया कि, "कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सहूलियत और सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा सुचारू रूप से चल रही है।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मेरठ पुलिस प्रशासन और एटीएस (ATS) की इस मुस्तैदी को देखकर कांवड़ियों में भी सुरक्षा का भाव है, और वे निडर होकर 'बम-बम भोले' के जयकारों के साथ अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं।