खबरीलाल डेस्क
मेरठ (Meerut Special Crime Report): उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और सुरक्षा के दृष्टिकोण से अति-संवेदनशील खबर सामने आई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) द्वारा संचालित देश की पहली रैपिड रेल (नमो भारत) की सुरक्षा व्यवस्था उस वक्त सवालों और सतर्कता के घेरे में आ गई, जब मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन पर एक नाबालिग किशोर अत्याधुनिक हथियार के जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा गया।READ ALSO:-मेरठ में 'खाकी vs खाकी' का संग्राम! नशे में धुत अग्निवीर ने हाईवे पर काटा गदर, बीच सड़क फाड़ डाली दारोगा की वर्दी
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यह घटना शनिवार की है, जब स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) को लेकर पूरे दिल्ली-एनसीआर और वेस्ट यूपी में 'रेड अलर्ट' जैसी स्थिति थी। रैपिड मेट्रो स्टेशनों पर परिंदा भी पर न मार सके, इसके लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) का कड़ा पहरा लगा हुआ था। इसी पहरे के बीच एक 17 साल का लड़का बैग लेकर स्टेशन के अंदर दाखिल होने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सुरक्षा बलों की पैनी नजरों ने एक बड़े खतरे को समय रहते भांप लिया।
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कैसे हुआ खुलासा? स्कैनर मशीन ने बजाई खतरे की घंटी

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मेरठ-रुड़की हाईवे पर स्थित मोदीपुरम रैपिड-मेट्रो स्टेशन पर शनिवार को यात्रियों की भारी भीड़ थी। 15 अगस्त के कड़े निर्देशों के चलते हर यात्री की सघन तलाशी ली जा रही थी।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब यह 17 वर्षीय संदिग्ध किशोर स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार (Entry Gate) पर पहुंचा, तो सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उसे अपना बैग एक्स-रे बैगेज स्कैनर (X-ray Baggage Scanner) मशीन की बेल्ट पर रखने को कहा गया। जैसे ही बैग मशीन के अंदर गया, मॉनिटर स्क्रीन पर नज़र गड़ाए बैठे एसएसएफ (SSF) के जवानों को बैग के अंदर धातु (Metal) की एक बेहद संदिग्ध और नुकीली आकृति दिखाई दी।
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बिना एक सेकंड की देरी किए, मशीन को रोका गया और किशोर को तुरंत साइड में ले जाकर पूछताछ शुरू की गई।
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बैग खुलते ही उड़े सुरक्षाकर्मियों के होश, स्टेशन पर मची अफरा-तफरी

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ड्यूटी पर तैनात एसएसएफ कर्मियों ने जब मैनुअल तरीके से किशोर के बैग को खोला और उसकी तलाशी ली, तो बैग की तह के अंदर से पीतल का एक चमकता हुआ जिंदा कारतूस (Live Cartridge) बरामद हुआ।
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    यात्रियों में दहशत: रैपिड रेल जैसे हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में, वो भी स्वतंत्रता दिवस के अलर्ट के बीच किसी यात्री के पास से गोली मिलने की खबर मिनटों में स्टेशन पर फैल गई। वहां मौजूद अन्य यात्रियों में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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    SSF का क्विक रिस्पॉन्स: सुरक्षा कर्मियों और पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। यात्रियों की भीड़ को वहां से सुरक्षित आगे रवाना किया गया और चेकिंग एरिया को कॉर्डन ऑफ (Cordon Off) कर दिया गया, ताकि स्टेशन की सामान्य व्यवस्था न बिगड़े।
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खतरे का असली कारण: कारतूस पर दर्ज है 'KF09 5.56'

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यह कोई मामूली देसी कट्टे की गोली नहीं थी, जिसने खुफिया एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। स्टेशन प्रभारी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, बरामद किए गए जिंदा कारतूस के पेंदे (Base) पर "KF09 5.56" स्पष्ट रूप से अंकित है।
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क्या होता है 5.56mm कैलिबर? हथियार विशेषज्ञों की मानें तो 5.56x45mm NATO कैलिबर का इस्तेमाल आमतौर पर भारतीय सेना, पैरामिलिट्री फोर्सेज (CRPF, BSF) और पुलिस बल द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली अत्याधुनिक 'इंसास राइफल' (INSAS) या असॉल्ट राइफलों में किया जाता है। एक आम नागरिक, और वह भी एक 17 साल के किशोर के पास ऐसे मिलिट्री-ग्रेड (Military Grade) एम्युनिशन का मिलना एक बहुत बड़ी सुरक्षा चूक और गंभीर अपराध की ओर इशारा करता है। यह कारतूस किसी खेल-खिलौने का हिस्सा नहीं, बल्कि जानलेवा हथियार का अहम पुर्जा है।
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मुजफ्फरनगर का है किशोर, स्टेशन प्रभारी ने दर्ज कराई FIR

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मोदीपुरम रैपिड-मेट्रो स्टेशन की प्रभारी निकिता वर्मा (Station In-charge Nikita Verma) ने इस पूरी घटना की लिखित तहरीर स्थानीय थाने में दी है।
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तहरीर में स्टेशन प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि 15 अगस्त के मद्देनजर वह अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद थीं। उसी दौरान पहली पाली (First Shift) के प्रभारी और एसएसएफ के दरोगा नितिन मलिक ने उन्हें वायरलेस सेट पर यह सनसनीखेज सूचना दी कि चेकिंग पॉइंट पर एक यात्री के बैग से जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।
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जब स्टेशन प्रशासन और सुरक्षा बलों ने पकड़े गए यात्री से प्रारंभिक पूछताछ की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
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    पहचान: पकड़ा गया यात्री बालिग नहीं, बल्कि महज 17 वर्ष का किशोर (नाबालिग) है।
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    पता: यह किशोर मेरठ का नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले मुजफ्फरनगर के शाहपुर थाना क्षेत्र (Shahpur, Muzaffarnagar) का रहने वाला है। मुजफ्फरनगर पश्चिम यूपी का एक ऐसा संवेदनशील जिला है, जहां हथियारों की अवैध तस्करी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं।
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पल्लवपुरम पुलिस का एक्शन और डायल-112 की भूमिका

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कारतूस की प्रकृति और दिन की संवेदनशीलता (15 अगस्त अलर्ट) को देखते हुए रैपिड स्टेशन प्रबंधन ने बिना कोई जोखिम लिए तत्काल उत्तर प्रदेश पुलिस के आपातकालीन हेल्पलाइन 'डायल-112' (Dial-112) को सूचना दी।
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कुछ ही मिनटों में कंकरखेड़ा सर्किल के पल्लवपुरम थाने (Pallavpuram Police Station) की पुलिस भारी फोर्स के साथ स्टेशन पर पहुंच गई। पुलिस टीम ने सबसे पहले बरामद किए गए 5.56 बोर के जिंदा कारतूस को सील कर उसे कानूनी तौर पर अपने कब्जे में लिया। इसके बाद, मुजफ्फरनगर निवासी उस 17 वर्षीय किशोर को हिरासत (Custody) में लेकर सीधे पल्लवपुरम थाने ले जाया गया, जहां उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में उससे पूछताछ का सिलसिला शुरू किया गया।
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क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी? जांच के 3 अहम बिंदु

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इस पूरे प्रकरण पर पल्लवपुरम थाना प्रभारी (SHO) भरत सारस्वत ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस मामले की हर एंगल से बारीकी से जांच कर रही है।
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थाना प्रभारी भरत सारस्वत ने कहा, "मोदीपुरम स्टेशन प्रभारी निकिता वर्मा की ओर से प्राप्त लिखित तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। चूंकि आरोपी अभी नाबालिग (Minor) है, इसलिए किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है।"
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पुलिस की जांच फिलहाल तीन अहम सवालों के इर्द-गिर्द घूम रही है:

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    सोर्स ऑफ एम्युनिशन (कारतूस कहां से आया?): एक 17 साल के लड़के के हाथ में सेना या पुलिस द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला 5.56 कैलिबर का कारतूस कैसे और कहां से पहुंचा?
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    उद्देश्य क्या था? क्या किशोर अनजाने में यह कारतूस लेकर यात्रा कर रहा था, या इसके पीछे किसी अवैध हथियार तस्कर गिरोह (Arms Smuggling Syndicate) की कोई गहरी साजिश है?
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    डेस्टिनेशन (मंजिल क्या थी?): मुजफ्फरनगर का रहने वाला यह लड़का मेरठ के मोदीपुरम से रैपिड रेल पकड़कर आखिर कहां जाने की फिराक में था?
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रैपिड-मेट्रो स्टेशनों पर बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

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इस सनसनीखेज घटना के बाद से मेरठ से लेकर गाजियाबाद तक फैले रैपिड-मेट्रो के पूरे कॉरिडोर पर सुरक्षा व्यवस्था और भी ज्यादा चाक-चौबंद कर दी गई है। घटना के तुरंत बाद स्टेशन परिसर में सुरक्षा कर्मियों ने जांच और सतर्कता का दायरा बढ़ा दिया है। अब यात्रियों के सामान की ही नहीं, बल्कि संदिग्धों की फिजिकल चेकिंग (Frisking) भी दोगुनी सख्ती से की जा रही है।
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फिलहाल पल्लवपुरम पुलिस ने आरोपी किशोर के परिजनों को मुजफ्फरनगर से तलब कर लिया है। पुलिस यह पता लगाने की पुरजोर कोशिश कर रही है कि कहीं इस किशोर का संबंध पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय किसी बड़े आपराधिक या तस्करी गिरोह से तो नहीं है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, वह न केवल मेरठ पुलिस बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद अहम होंगे।