उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में गुरुवार दोपहर को जो कुछ भी हुआ, उसने इंसानियत को सुन्न कर दिया है। एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में खत्म हो गया। इस दिल दहला देने वाली घटना में ICICI बैंक में कार्यरत दिव्या मिश्रा को उनके ही पति मानस वाजपेयी ने मौत के घाट उतार दिया। दरिंदगी यहीं नहीं रुकी; पत्नी की हत्या के बाद मानस ने अपने घर जाकर अपनी बहन को भी मार डाला और अंत में खुद भी आत्महत्या (Suicide) कर ली।
\r\n\r\nइस पूरी खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद पुलिस और मीडिया में हड़कंप मच गया। मामले की तहकीकात के दौरान आरोपी मानस के एक व्हाट्सएप स्टेटस (WhatsApp Status) ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उस स्टेटस में मानस ने अपनी पत्नी दिव्या पर गंभीर आरोप लगाते हुए धोखा (Cheating) देने की बात कही थी। साथ ही उसने यह भी दावा किया था कि दिव्या की बहन और प्रसिद्ध यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा (Pragya Mishra) और उनके पति को इस बारे में सब कुछ पता था। जैसे ही यह बात सोशल मीडिया पर फैली, प्रज्ञा मिश्रा सवालों के घेरे में आ गईं। घटना के करीब 15 घंटे बाद प्रज्ञा ने चुप्पी तोड़ी और फेसबुक पर एक लंबी पोस्ट लिखकर ऐसे कई बड़े खुलासे किए, जिन्हें पढ़कर किसी का भी कलेजा कांप उठेगा।
\r\n\r\n"मानस एक साइको था, सुहागरात से ही शुरू हो गया था शोषण"
\r\n\r\nअपनी बहन को खोने के गहरे सदमे और गुस्से में डूबी प्रज्ञा मिश्रा ने आरोपी मानस वाजपेयी को एक 'साइको' (Psycho) करार दिया। प्रज्ञा ने अपने पोस्ट में लिखा कि हत्यारे मानस ने उनके नाम का जिक्र अपने स्टेटस में इसलिए किया क्योंकि वह सच जानती थी। प्रज्ञा ने दावा किया, "हां, मुझे पता था कि हत्यारा मेरी बहन के साथ किस हद तक क्रूरता करता था। इसी वजह से मेरी बहन उस टॉर्चर से तंग आकर उससे अलग होना चाहती थी।"
\r\n\r\nवैवाहिक जीवन के काले सच को सामने लाते हुए प्रज्ञा ने सुहागरात (First Night) से जुड़ी एक बेहद हैरान करने वाली घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि शादी की पहली ही रात को मानस ने घर के सभी छोटे-बड़े खर्चों की एक लंबी लिस्ट तैयार कर ली थी और दिव्या से कहा था कि वह आधा खर्चा उठाएगी। अपनी बहन के बारे में बताते हुए प्रज्ञा ने कहा कि दिव्या ने पति की इस जिद को स्वीकार भी कर लिया था और शुरुआत में वह आधा खर्च उठाती भी रही। लेकिन जैसे-जैसे मानस का मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का दायरा बढ़ता गया, दिव्या ने पिछले एक साल से पैसे देना बंद कर दिया था। प्रज्ञा ने तंज कसते हुए लिखा कि इसी बात को उस साइको हत्यारे ने 'चीटिंग' का नाम दे दिया।
\r\n\r\n"ऑनलाइन मंगाए गए टमाटर खराब निकलने पर भी पीटता था"
\r\n\r\nघरेलू हिंसा की हदें पार करने वाले मानस के क्रूर स्वभाव के बारे में बताते हुए प्रज्ञा ने लिखा कि वह बहुत ही छोटी और मामूली बातों पर दिव्या के साथ मारपीट करता था। प्रज्ञा ने एक चौंकाने वाला उदाहरण देते हुए लिखा, "अगर ऑनलाइन ग्रोसरी ऐप 'ब्लिंकिट' (Blinkit) से मंगाए गए टमाटरों में कोई एक टमाटर भी खराब निकल जाता था, तो मानस इस बात पर दिव्या को बेरहमी से पीटता था कि उसने सही सामान क्यों नहीं मंगाया।"
\r\n\r\nप्रज्ञा ने अपनी पोस्ट में यह भी सनसनीखेज दावा किया कि मानस और उसकी बहन ने मिलकर अपनी ही बीमार मां को इस कदर प्रताड़ित किया था और मारा-पीटा था कि उनकी मौत हो गई थी। यानी मानस का आपराधिक और क्रूर स्वभाव परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी ऐसा ही था।
\r\n\r\nदिव्या का पीछा करता था मानस
\r\n\r\nप्रज्ञा मिश्रा ने आगे खुलासा किया कि मानस लगातार दिव्या का मानसिक उत्पीड़न (Mental Torture) करता था और हमेशा उसका पीछा (Stalking) करता रहता था। लगातार मिल रहे इस भयानक तनाव और डर की वजह से दिव्या एक बार भीषण सड़क हादसे (Accident) का शिकार हो गई थीं, जिसमें उनके हाथ और पैर दोनों फ्रैक्चर हो गए थे (टूट गए थे)।
\r\n\r\nइतना सब कुछ झेलने के बावजूद दिव्या इस उम्मीद में जी रही थी कि शायद वक्त के साथ हालात सुधर जाएंगे और सब ठीक हो जाएगा। प्रज्ञा ने बताया कि उनकी बहन ने मानस के नाम का अपने शरीर पर टैटू भी गुदवाया था और पति की लंबी उम्र तथा भलाई के लिए वह 'तीज' का व्रत भी रखती थी। लेकिन उसकी इस वफादारी और सहनशीलता के बदले उसे मौत मिली।
\r\n\r\nपुलिस जांच और परिवार का हाल
\r\n\r\nइस तिहरे हत्याकांड (Double Murder and Suicide) के बाद पुलिस मामले के हर एक एंगल को खंगालने में जुटी है। मानस का वह व्हाट्सएप स्टेटस और उसके द्वारा लगाए गए आरोप पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इस खूनी खेल के पीछे की असली मानसिकता क्या थी।
\r\n\r\nदूसरी ओर, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतका दिव्या की मां की तबीयत पहले से ही काफी खराब है और उन्हें अभी तक यह भयानक सच नहीं बताया गया है कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है। परिवार को सिर्फ इतना बताया गया है कि दिव्या की तबीयत ठीक नहीं है। पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम (Postmortem) की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
\r\n\r\nयह घटना समाज के उस काले सच को उजागर करती है जहां घर की चारदीवारी के अंदर अपनों के हाथों ही अपनों का कत्ल हो जाता है। मानसिक विकृति और टॉर्चर का शिकार हुई दिव्या की यह दर्दनाक दास्तान हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रही है कि आखिर रिश्तों में सहनशीलता की भी एक सीमा होती है, जिसे समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है।
Sabse pehle comment karne wale banein.