सावन मास की कांवड़ यात्रा अब अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुकी है। सड़कों पर केसरिया रंग में रंगे शिवभक्तों का उत्साह उफान पर है और विशेष रूप से 'डाक कांवड़' (Dak Kanwar) की रफ्तार तेज हो गई है। लाखों की संख्या में हरिद्वार से जल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की सुरक्षा और आम जनता की सहूलियत के बीच संतुलन बनाने के लिए गाजियाबाद और मेरठ ट्रैफिक पुलिस ने एक नया और स्पष्ट मास्टर प्लान तैयार किया है। देश के सबसे व्यस्त मार्गों में शुमार 'दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे' (Delhi-Meerut Expressway) को लेकर फैली अफवाहों पर विराम लगाते हुए गाजियाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एक्सप्रेसवे को आम वाहनों के लिए पूरी तरह से बंद नहीं किया जाएगा।READ ALSO:-मेरठ में कनाडा से आए इंजीनियर की भारी चूक: व्हाट्सएप स्टेटस पर हिंदू देवी-देवताओं का किया अपमान, पहुंचा सलाखों के पीछे
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अगर आप दिल्ली-एनसीआर, गाजियाबाद या मेरठ के निवासी हैं और आने वाले दिनों में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले पुलिस द्वारा जारी इस विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी को समझना आपके लिए बेहद जरूरी है।
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एक्सप्रेसवे का हाल: गाजियाबाद में मिलेगी राहत, मेरठ में लगेगी रोक

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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी राहत की खबर यह है कि गाजियाबाद और दिल्ली की तरफ से जाने वाले वाहनों को गाजियाबाद सीमा में नहीं रोका जाएगा। गाजियाबाद के डीसीपी ट्रैफिक (DCP Traffic) त्रिगुण बिसेन ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि दिल्ली और गाजियाबाद की ओर से आने वाले केवल हल्के वाहनों (Light Vehicles) को एक्सप्रेसवे पर आगे जाने की अनुमति होगी।
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हालांकि, पेंच मेरठ की तरफ से है। मेरठ के परतापुर क्षेत्र से एक्सप्रेसवे पर चढ़ने वाले वाहनों पर मेरठ पुलिस द्वारा सख्त रोक लगाई जाएगी। मेरठ की तरफ से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर आने के लिए 3 लेन विशेष रूप से केवल डाक कांवड़ और कांवड़ियों के भारी वाहनों के लिए आरक्षित (Reserve) कर दी गई हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि मेरठ से गाजियाबाद या दिल्ली की तरफ जाने वाले आम लोग इस एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। उन्हें हापुड़ और एनएच-9 (NH-9) के वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।
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डाक कांवड़ के लिए स्पेशल कॉरिडोर और पैदल कांवड़ियों पर रोक

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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेरठ की तरफ से एक्सप्रेसवे पर सिर्फ और सिर्फ डाक कांवड़ के वाहन दौड़ेंगे। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए, पैदल चलने वाले कांवड़िए या दोपहिया वाहन से आ रहे शिवभक्त इस हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। उनके लिए पारंपरिक कांवड़ मार्ग (NH-58) ही निर्धारित किया गया है। डाक कांवड़ की गति बहुत तेज होती है, इसलिए उनके लिए 3 लेन का यह स्पेशल डेडिकेटेड कॉरिडोर बनाया गया है ताकि वे बिना किसी रुकावट के समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच कर जलाभिषेक कर सकें।
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NH-58 पर उमड़ा जनसैलाब, पुलिस की खास अपील

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डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन ने बताया कि वर्तमान में मेरठ, मोदीनगर, मुरादनगर और गाजियाबाद की तरफ कांवड़ियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग-58 (NH-58) पूरी तरह से शिवभक्तों और उनके शिविरों से अटा पड़ा है। वहां भयंकर भीड़ की स्थिति है। इसलिए पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे जब तक कोई मेडिकल इमरजेंसी या बेहद जरूरी काम न हो, कांवड़ मार्ग की तरफ अपनी गाड़ियां लेकर बिल्कुल न जाएं।
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दैनिक यात्रियों के लिए बड़ा झटका: बसों के रूट में भारी बदलाव

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कांवड़ यात्रा के इस चरम समय में जो लोग सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं, उन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। रोडवेज, प्राइवेट और इलेक्ट्रिक बसों के लिए गाजियाबाद शहर में 'नो एंट्री' घोषित कर दी गई है:
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    सीमापुरी और तुलसी निकेतन रूट: दिल्ली के सीमापुरी बॉर्डर और तुलसी निकेतन की तरफ से आने वाली किसी भी बस को गाजियाबाद शहर के अंदर नहीं आने दिया जाएगा। इन बसों को गाजीपुर मंडी, एनएच-9, डासना इंटरसेक्शन, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की तरफ डायवर्ट कर दिया गया है।
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    आनंद विहार और कौशांबी: यहां से चलने वाली बसों को भी शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
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    बुलंदशहर रूट: बुलंदशहर की दिशा से आने वाली बसें अब शहर के बजाय सीधे लालकुआं से संचालित की जाएंगी।
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दूधेश्वरनाथ मंदिर: 12 अगस्त तक 8 प्रमुख रास्तों पर लगा ताला

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गाजियाबाद का प्राचीन श्री दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर लाखों कांवड़ियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। शिवरात्रि के जलाभिषेक को देखते हुए मंदिर के आसपास सुरक्षा और ट्रैफिक के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। 12 अगस्त की रात तक मंदिर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर दोपहिया और हल्के वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बैन रहेगा।
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इन रास्तों से मंदिर की तरफ न जाएं:

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    चौधरी मोड़
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  3. \r\n
    रेलवे रोड कट
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  4. \r\n
  5. \r\n
    दिल्ली जूस कॉर्नर
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  6. \r\n
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    बजरिया
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  8. \r\n
  9. \r\n
    हापुड़ तिराहा
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  10. \r\n
  11. \r\n
    जरसीपुरा
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  12. \r\n
  13. \r\n
    गौशाला फाटक
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  14. \r\n
  15. \r\n
    कैला भट्ठा
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  16. \r\n
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भारी कमर्शियल वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध (Heavy Vehicles No Entry)

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शहर को जाम से बचाने के लिए भारी वाहनों के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं। दिल्ली, बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर से आने वाले भारी वाहनों को शहर की सीमा में घुसने नहीं दिया जाएगा। इन ट्रकों और डंपरों को एनएच-9, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बाहरी रास्तों से निकाला जाएगा। इसके अलावा लोनी बॉर्डर, सिद्धार्थ विहार, इंदिरापुरम, खोड़ा, सेक्टर-62, और एनएच-34 पर भी भारी वाहनों की आवाजाही सख्त रूप से प्रतिबंधित रहेगी।
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एक नज़र में पूरा ट्रैफिक और डायवर्जन प्लान

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श्रेणी
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लागू नियम / डायवर्जन
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स्थिति
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दिल्ली/गाजियाबाद से वाहन
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हल्के वाहन एक्सप्रेसवे पर जा सकेंगे।
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राहत
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मेरठ से दिल्ली आने वाले वाहन
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परतापुर में रोके जाएंगे, डासना-हापुड़ से डायवर्जन।
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प्रतिबंधित
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डाक कांवड़
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मेरठ की तरफ से एक्सप्रेसवे की 3 लेन आरक्षित।
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अनुमति
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पैदल/दोपहिया कांवड़िए
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एक्सप्रेसवे पर जाना मना है, NH-58 का उपयोग करें।
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प्रतिबंधित
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बसों का संचालन
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शहर में नो एंट्री, लालकुआं और EPE से संचालन।
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रूट बदला
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एम्बुलेंस / फायर ब्रिगेड
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आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बना है।
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निर्बाध
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पुलिस प्रशासन की अपील

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गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट दिन-रात एक करके इस महा-आयोजन को सफल बनाने में जुटी है। एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए जो 'ग्रीन कॉरिडोर' बनाया गया है, जरूरत पड़ने पर पुलिस उन्हें वैकल्पिक रास्तों से भी एस्कॉर्ट करके निकालेगी। गाजियाबाद पुलिस ने आम नागरिकों से हाथ जोड़कर अपील की है कि वे ट्रैफिक डायवर्जन का पूरी ईमानदारी से पालन करें। बिना किसी अत्यंत आवश्यक कार्य के कांवड़ मार्गों और दूधेश्वरनाथ मंदिर क्षेत्र की ओर जाने से बचें, ताकि शिवभक्तों की यह पावन यात्रा निर्विघ्न और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके। आपकी एक छोटी सी समझदारी शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में बड़ा योगदान दे सकती है।
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