खबरीलाल डेस्क
जब आप कोई नई कार खरीदते हैं और अपनी पुरानी कार को बेचते या स्क्रैप करते हैं, तो अक्सर एक सवाल मन में आता है। ज्यादातर लोग अपनी पुरानी गाड़ी का नंबर नहीं खोना चाहते। यह नंबर कई लोगों के लिए लकी होता है या फिर भावनात्मक रूप से जुड़ा होता है।READ ALSO:-मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा का असर: नुमाइश मैदान का 'मंगल बाजार' एक महीने के लिए बंद, रोजी-रोटी की उम्मीद लेकर आए दुकानदारों को पुलिस ने लौटाया
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अच्छी खबर यह है कि आप इस चहेते नंबर को आसानी से अपनी नई कार पर इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए परिवहन विभाग ने एक पारदर्शी और सरल ऑनलाइन प्रक्रिया बनाई है। आपको बस कुछ तय नियमों का पालन करना होगा और कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा करने होंगे।
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भारत में कार रजिस्ट्रेशन नंबर का क्या महत्व है?

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मोटर वाहन कानून के मुताबिक, भारत में सड़क पर चलने वाले हर वाहन का एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर होना अनिवार्य है। यह नंबर उस वाहन की पहचान के रूप में काम करता है।
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इस नंबर की मदद से गाड़ी की पूरी हिस्ट्री का पता लगाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, वाहन का असली मालिक कौन है, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन कब हुआ है, और क्या यह गाड़ी कभी किसी दुर्घटना का हिस्सा रही है।
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इसलिए, जब आप गाड़ी बेचते हैं या स्क्रैप में देते हैं, तो यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि नंबर का सही कानूनी उपयोग हो। इसी वजह से नंबर ट्रांसफर की प्रक्रिया को सावधानी से पूरा किया जाता है।
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पुरानी गाड़ी का नंबर ट्रांसफर करने की शर्तें क्या हैं?

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यदि आप अपनी पुरानी गाड़ी का नंबर नई कार के लिए सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो आपको क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की कुछ मुख्य शर्तों को पूरा करना होगा:
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    डी-रजिस्ट्रेशन अनिवार्य: बेची जा रही या स्क्रैप की जा रही पुरानी कार का विधिवत डी-रजिस्ट्रेशन होना चाहिए।
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    समान मालिक का नाम: नई गाड़ी भी उसी व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड होनी चाहिए, जिसके नाम पर पुरानी गाड़ी थी।
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    साफ रिकॉर्ड: आपकी पुरानी गाड़ी का नंबर किसी भी ब्लैकलिस्ट में नहीं होना चाहिए। साथ ही, इस पर कोई पेंडिंग चालान या कानूनी विवाद नहीं होना चाहिए।
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    RTO का नियम: आपको उसी RTO में तय समय सीमा के भीतर नंबर रिटेंशन की प्रक्रिया शुरू करनी होगी, जहां पुरानी गाड़ी दर्ज थी।
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नंबर ट्रांसफर के लिए कौन-से जरूरी डॉक्यूमेंट्स चाहिए?

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RTO में किसी भी रुकावट से बचने के लिए, प्रक्रिया शुरू करने से पहले निम्नलिखित जरूरी दस्तावेज अपने पास तैयार रखें:
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    नई और पुरानी, दोनों गाड़ियों के व्हीकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)।
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    डीलर से प्राप्त नई कार की ओरिजिनल सेल्स रसीद।
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    नई कार के वैध इंश्योरेंस (बीमा) डॉक्यूमेंट्स।
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    मालिक का स्पष्ट पहचान पत्र (ID Card) और एड्रेस प्रूफ।
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    फॉर्म-18 (यह फॉर्म गाड़ी का रजिस्ट्रेशन बदलने या नंबर दोबारा आवंटित करने के लिए भरा जाता है)।
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VAHAN पोर्टल से 'पुरानी गाड़ी का नंबर' ऑनलाइन कैसे ट्रांसफर करें?

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डिजिटलीकरण के कारण अब आपको RTO के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। आप सड़क परिवहन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए यह काम आसानी से कर सकते हैं। इसकी ऑनलाइन प्रक्रिया कुछ इस प्रकार है:
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    स्टेप 1: सबसे पहले भारत सरकार के आधिकारिक VAHAN पोर्टल पर जाएं।
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    स्टेप 2: वेबसाइट पर मौजूद "Vehicle Services" की सूची में जाएं और "Retention of Registration No." का विकल्प चुनें।
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    स्टेप 3: अपने मोबाइल नंबर से पोर्टल पर रजिस्टर करें। फिर यूजर आईडी और पासवर्ड डालकर लॉगिन करें और OTP सबमिट करें।
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    स्टेप 4: अब "Service Details" सेक्शन में जाएं। यहां अपने राज्य के RTO में अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए "Appointment" ऑप्शन पर क्लिक करें।
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    स्टेप 5: अपनी सुविधा के अनुसार उपलब्ध तारीख और टाइम स्लॉट का चुनाव करें।
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    स्टेप 6: पुरानी गाड़ी का नंबर रिटेन करने के लिए तय फीस का ऑनलाइन भुगतान करें।
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    स्टेप 7: फीस जमा होने के बाद सिस्टम एक रजिस्ट्रेशन स्लिप जेनरेट करेगा। इसका प्रिंटआउट निकाल लें।
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डीलर और MLO ऑफिस की क्या भूमिका होगी?

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ऑनलाइन स्लिप जेनरेट होने के बाद, आपको वह स्लिप अपने कार डीलर को देनी होगी। डीलर इस स्लिप की मदद से अपने ऑनलाइन सिस्टम में आपका पुराना रजिस्ट्रेशन नंबर डालेगा। इससे आपकी नई कार उसी पुराने नंबर के साथ रजिस्टर हो जाएगी।
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अंत में, आपको सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ अपने संबंधित मोटर लाइसेंस ऑफिसर (MLO) के ऑफिस जाना होगा। वहां वेरिफिकेशन के बाद आपकी पुरानी गाड़ी का नंबर आधिकारिक रूप से नई कार के लिए दर्ज हो जाएगा।
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अपना पुराना रजिस्ट्रेशन नंबर रखने के मुख्य फायदे

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पुराने नंबर को रिटेन करने के कई व्यावहारिक और व्यक्तिगत फायदे होते हैं। कई बार परिवार के लिए एक खास नंबर का बहुत बड़ा निजी महत्व होता है, क्योंकि वे वर्षों से उस नंबर से जुड़े होते हैं।
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इसके अलावा, यदि आपका नंबर कोई 'VIP' या यूनिक नंबर है, तो इसे नई कार पर लगाने से गाड़ी आसानी से पहचानी जाती है। व्यवसाय करने वाले लोगों के लिए भी उनकी पुरानी गाड़ी का नंबर उनकी ब्रांडिंग स्ट्रेटेजी का अहम हिस्सा होता है।
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व्यावहारिक रूप से देखें तो, पुराना नंबर बनाए रखने से आपको पार्किंग लॉट, हाउसिंग सोसाइटी के पास, फास्टैग (FASTag) अपडेट और टोल बूथ से जुड़ी कई मेंबरशिप परेशानियों से भी मुक्ति मिल जाती है।
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निष्कर्ष के तौर पर, अपनी पुरानी गाड़ी का नंबर नई कार में ट्रांसफर करना अब एक बेहद पारदर्शी और सुगम प्रक्रिया बन गई है। VAHAN पोर्टल की मदद से आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सभी जरूरी दस्तावेजों को तैयार रखकर और RTO के नियमों का पालन करके, आप बिना किसी कानूनी परेशानी के अपनी नई गाड़ी पर अपने लकी और चहेते नंबर का आनंद ले सकते हैं।