खबरीलाल डेस्क
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नई दिल्ली — आज दुनियाभर के लोगों की नजरें आसमान पर टिकी थीं। साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण रात 9 बजकर 58 मिनट पर शुरू हो गया है। भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में लोगों ने इस अद्भुत खगोलीय घटना को देखा। यह ग्रहण सामान्य नहीं, बल्कि ‘ब्लड मून’ के रूप में दिखाई देगा, जब पृथ्वी की छाया पूरी तरह से चंद्रमा को ढक लेगी और वह लाल रंग का दिखाई देगा।
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यह ग्रहण भारत में आसानी से नंगी आंखों से देखा जा सकता है, जिससे इसे देखने के लिए लोगों को किसी खास जगह जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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यह ग्रहण भारत के लगभग सभी बड़े शहरों जैसे नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और लखनऊ में नग्न आंखों से आसानी से देखा जा सकता है। लोगों में इस नजारे को लेकर भारी उत्साह है और वे अपनी छतों और खुली जगहों पर इकट्ठा होकर इस अद्भुत घटना के साक्षी बन रहे हैं।
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 कब से कब तक रहेगा ग्रहण?
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भारतीय समय के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को रात 9:58 पर शुरू हुआ है और 8 सितंबर की देर रात 1:26 पर समाप्त होगा। इस ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 28 मिनट है, जो 2022 के बाद का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण है।
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    पीक समय: आज रात 11:00 बजे से लेकर 12:22 बजे के बीच यह ग्रहण अपने चरम पर होगा। इस दौरान चंद्रमा भारत में सबसे ज्यादा लाल और चमकीला दिखाई देगा।
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122 साल बाद बना दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग
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ज्योतिषियों के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण कई मायनों में खास है। लगभग 122 सालों के बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना है, जब पितृ पक्ष की शुरुआत चंद्र ग्रहण के साथ हुई है। इसके अलावा, यह ग्रहण 'मृत्यु पंचक' (6 सितंबर से 10 सितंबर) के दौरान लगा है। हिंदू धर्म में ग्रहण और पंचक, दोनों ही अवधियों को अशुभ माना जाता है, इसलिए इस दौरान किसी भी तरह के मांगलिक कार्यों की मनाही होती है।
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ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें: एक पूरी गाइड
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए और कुछ उपाय करने से इसके अशुभ प्रभाव से बचा जा सकता है।
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कौन से मंत्र जपें?
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ग्रहण के दौरान चंद्र-दोष निवारक मंत्रों जैसे “ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः” या “ॐ सोमाय नमः” का जाप करना शुभ माना जाता है। आप भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का भी जाप कर सकते हैं।
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क्या दान करना होगा शुभ?
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ग्रहण समाप्त होने के बाद किसी गरीब या जरूरतमंद को सफेद वस्त्र, दूध, दही, चावल या चांदी जैसी सफेद वस्तुओं का दान करना पुण्यदायी होता है।
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गर्भवती महिलाएं बरतें ये सावधानियां
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गर्भवती महिलाओं को ग्रहण देखने या घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। इस दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की नुकीली वस्तु जैसे चाकू, कैंची या सुई का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
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ग्रहण के बाद क्या करें?
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ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना अनिवार्य माना गया है। इसके बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें और भगवान शिव और विष्णु की आराधना करें।
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