अगस्त महीने के आखिरी सप्ताह में मानसून की सक्रियता ने पूरे देश के मौसम तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की नवीनतम रिपोर्ट इस बात का स्पष्ट संकेत दे रही है कि आने वाले कुछ दिन कई राज्यों के लिए भारी बारिश और प्राकृतिक चुनौतियों वाले हो सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बन रहे नए वेदर सिस्टम के कारण हवाओं का रुख तेजी से बदल रहा है। इस मौसमी बदलाव के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और केरल समेत कई राज्यों में झमाझम बारिश की पूरी संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत—विशेषकर अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ-साथ पूर्वी तट पर ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बादलों के जमकर बरसने का अनुमान जताया गया है। यह मौसम पूर्वानुमान नागरिकों को सतर्क करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जारी किया गया है।READ ALSO:-बिजनौर के धामपुर में मौत का तांडव: स्कूटी सवार को बचाने में टकराए ट्रक और कंटेनर, धू-धू कर जला ट्रक, केबिन में फंसा चालक जिंदा जला
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उत्तर भारत और पहाड़ों पर मौसम का हाल: 1 सितंबर तक आफत की बारिश
\r\n\r\nपहाड़ी राज्यों में मानसून की बारिश अक्सर भूस्खलन और अचानक बाढ़ (Flash Flood) जैसी स्थितियां पैदा कर देती है। IMD के अनुसार, उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम बेहद संवेदनशील बना हुआ है।
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- \r\n उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड में 26 अगस्त से लेकर 1 सितंबर तक लगातार और व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की प्रबल आशंका है। विशेष रूप से 30 अगस्त से 1 सितंबर के बीच राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।\r\n \r\n
- \r\n हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर: हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के क्षेत्रों में 31 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान व्यापक वर्षा देखने को मिल सकती है। हिमाचल प्रदेश में 1 सितंबर को मूसलाधार बारिश की विशेष चेतावनी दी गई है, जिससे पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है।\r\n \r\n
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मैदानी इलाके: उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम?
\r\n\r\nदेश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश और मरुस्थलीय राज्य राजस्थान में भी बादलों की आवाजाही और तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
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- \r\n पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में जहां 26 अगस्त को व्यापक बारिश दर्ज की जाएगी, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 और 27 अगस्त को झमाझम बारिश के आसार हैं। पूर्वी यूपी के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।\r\n \r\n
- \r\n राजस्थान: पूर्वी राजस्थान के इलाकों में 26 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा 27 अगस्त को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है, इसलिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।\r\n \r\n
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मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में कड़कती बिजली का खौफ
\r\n\r\nमध्य भारत का मौसम तंत्र इस समय पूरी तरह से सक्रिय है। यहां बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण लगातार बादल बन रहे हैं।
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- \r\n पश्चिमी मध्य प्रदेश: 27 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई संभागों में भारी बारिश की पूरी संभावना है। 27 से 30 अगस्त के दौरान यहां तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है।\r\n \r\n
- \r\n पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: पूर्वी एमपी और छत्तीसगढ़ में 27 अगस्त से लेकर 1 सितंबर तक मौसम बेहद खराब रहने का अनुमान है। यहां भारी बारिश और आंधी-तूफान का दौर लगातार जारी रहेगा।\r\n \r\n
- \r\n विदर्भ: महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 27 अगस्त और फिर 31 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान व्यापक रूप से बारिश का अनुमान लगाया गया है।\r\n \r\n
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पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट
\r\n\r\nपूर्वी भारत में मानसून का असर सबसे ज्यादा और लंबे समय तक देखने को मिलेगा।
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- \r\n पश्चिम बंगाल और सिक्किम: गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27 अगस्त से 1 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 26 अगस्त को 'बहुत भारी बारिश' और 27-28 अगस्त को 'भारी बारिश' का अनुमान है। गंगीय पश्चिम बंगाल में 26 और 29-31 अगस्त के बीच मूसलाधार बारिश होगी।\r\n \r\n
- \r\n बिहार: बिहार के किसानों के लिए यह बारिश राहत भी ला सकती है और आफत भी। 27 और 29 अगस्त को राज्य में झमाझम बारिश के आसार हैं, जबकि 28 अगस्त और 30 अगस्त से 1 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। 27 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बिहार में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है।\r\n \r\n
- \r\n झारखंड और ओडिशा: झारखंड में 27-30 अगस्त के बीच भारी बारिश और तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) का अलर्ट है। वहीं, ओडिशा में 26-28 अगस्त तक भारी और 29 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है।\r\n \r\n
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पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल में बाढ़ का खतरा
\r\n\r\nपूर्वोत्तर भारत की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां भारी बारिश सीधे नदियों के जलस्तर को बढ़ाती है।
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- \r\n अरुणाचल प्रदेश: 27 अगस्त से 1 सितंबर तक व्यापक बारिश। 27 और 30 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट।\r\n \r\n
- \r\n असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा: इन सभी राज्यों में 28 अगस्त (कुछ जगहों पर 27 अगस्त) से 1 सितंबर तक मूसलाधार बारिश होगी। विशेषकर 30 अगस्त को यहां अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rain) की चेतावनी है। 27 से 30 अगस्त तक इन सभी राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर अलर्ट भी जारी किया गया है।\r\n \r\n
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पश्चिम और दक्षिण भारत: तटीय इलाकों में तेज हवाओं का जोर
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- \r\n पश्चिम भारत: कोंकण और गोवा में 27 अगस्त से 1 सितंबर तक व्यापक बारिश होने की पूरी संभावना है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। 27 अगस्त को मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी है।\r\n \r\n
- \r\n दक्षिण भारत: केरल और माहे में 27 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। तटीय कर्नाटक (27 अगस्त-1 सितंबर) और लक्षद्वीप (27-28 अगस्त) में व्यापक बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 27 अगस्त को, तथा तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 27 से 30 अगस्त के दौरान 40 से 50 किमी (बढ़कर 60 किमी तक) प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की प्रबल आशंका है।\r\n \r\n
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अंडमान में 70 किमी की रफ्तार से तूफान और मछुआरों के लिए सख्त निर्देश
\r\n\r\nअंडमान और निकोबार द्वीप समूह का मौसम बेहद उग्र रहने वाला है। यहां 26-27 अगस्त को 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी आंधी चलने की चेतावनी है, जिसके झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। 28 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान भी यहां 60 किमी की रफ्तार से हवाएं और बारिश जारी रहेगी।
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मछुआरों के लिए रेड अलर्ट (Fishermen Warning): मौसम विभाग ने समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को एक सख्त एडवाइजरी जारी की है:
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- \r\n अरब सागर, सोमालिया तट, ओमान तट, पश्चिमी-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 31 अगस्त तक बिल्कुल न जाएं।\r\n \r\n
- \r\n दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में भी 31 अगस्त तक प्रवेश करने से सख्त मना किया गया है।\r\n \r\n
- \r\n म्यांमार और थाईलैंड तटों के पास 29 से 31 अगस्त के बीच मौसम काफी खतरनाक रहेगा, इसलिए वहां से भी दूरी बनाए रखें।\r\n \r\n
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(मौसम से जुड़ी पल-पल की अपडेट और सुरक्षा निर्देशों के लिए कृपया IMD की आधिकारिक वेबसाइट और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते रहें।)