देश की सर्वोच्च अदालत में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सुनवाई के दौरान एक वकील ने देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई पर जूता फेंक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी वकील ने जूता फेंकते हुए नारा लगाया – “सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”। हालांकि जूता सीजेआई तक नहीं पहुंचा और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत आरोपी को काबू में कर लिया।
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सुप्रीम कोर्ट में मचा हड़कंप
\r\n\r\nघटना सुप्रीम कोर्ट की कोर्ट नंबर 1 में सुबह करीब 11:30 बजे हुई, जब CJI बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली बेंच में याचिकाओं की मेंशनिंग चल रही थी। तभी अचानक एक अधिवक्ता खड़ा हुआ और ऊंची आवाज़ में नारेबाजी करते हुए जूता उछाल दिया।
\r\n\r\nसुरक्षा कर्मियों ने आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर कोर्ट परिसर से बाहर किया। बताया जा रहा है कि आरोपी वकील की पहचान राकेश किशोर (Rakesh Kishore) के रूप में हुई है, जो सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन का पंजीकृत सदस्य है।
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CJI बोले – "मुझे फर्क नहीं पड़ता"
\r\n\r\nघटना के बाद कोर्ट में कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया। लेकिन CJI गवई ने पूरे संयम के साथ कहा –
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n> “मुझे ऐसी चीज़ों से कोई फर्क नहीं पड़ता। हम विचलित नहीं हैं, अपनी कार्यवाही जारी रखें।”\r\n
इसके बाद कोर्ट ने सामान्य रूप से सुनवाई फिर शुरू कर दी।
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क्यों फेंका जूता?
\r\n\r\nपुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी वकील हाल ही में CJI गवई की एक टिप्पणी से नाराज था। दरअसल, कुछ दिन पहले खजुराहो मंदिर में विष्णु प्रतिमा से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था –
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n> “अगर आप भगवान विष्णु के भक्त हैं तो प्रार्थना करें, अदालत इस पर क्या कर सकती है?”\r\n
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इस टिप्पणी को सोशल मीडिया पर कुछ संगठनों ने “सनातन धर्म का अपमान” बताते हुए विरोध जताया था। संभवतः उसी विवाद से नाराज होकर वकील ने आज यह हरकत की।
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आरोपी की गिरफ्तारी
\r\n\r\nदिल्ली पुलिस ने आरोपी वकील को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि वह पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर धार्मिक पोस्ट साझा कर रहा था।
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कौन हैं CJI बी.आर. गवई?
\r\n\r\nपूरा नाम: भूषण रामकृष्ण गवई (B. R. Gavai)
\r\n\r\nजन्म: 24 नवंबर 1960, अमरावती (महाराष्ट्र)
\r\n\r\nपिता: आर. एस. गवई (पूर्व राज्यपाल एवं सांसद)
\r\n\r\nकरियर: बॉम्बे हाईकोर्ट के जज से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का सफर
\r\n\r\nमुख्य न्यायाधीश बने: 14 मई 2025 को भारत के 52वें CJI बने
\r\n\r\nविशेष पहचान: वे भारत के दलित समुदाय से आने वाले दूसरे CJI हैं
\r\n\r\nन्यायिक विचारधारा:“रूल ऑफ लॉ” के प्रबल समर्थक और तर्कसंगत फैसलों के लिए प्रसिद्ध
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सोशल मीडिया पर भी चर्चा
\r\n\r\nघटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर “#CJI_Gavai” और “#SanatanKaApmaan” ट्रेंड करने लगा। कई यूजर्स ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, वहीं कुछ ने न्यायपालिका के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की।