खबरीलाल डेस्क

नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ विरोध अब बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुका है। राजधानी काठमांडू समेत कई हिस्सों में सोमवार को उग्र प्रदर्शन हुए। भीड़ ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के घर पर हमला कर आगजनी कर दी। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 19 लोगों की मौत हो गई और 400 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालात काबू से बाहर होते देख सरकार ने अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है।

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मंत्री पद से इस्तीफ़े

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इस संकट के बीच सरकार पर दबाव बढ़ गया है। खबर है कि गृहमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री समेत कुल चार मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दे दिया है। इससे सत्ताधारी दल के भीतर भी असंतोष खुलकर सामने आ गया है।

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Nepal protest

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शिक्षा संस्थान बंद, सीमा पर अलर्ट

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सुरक्षा कारणों से निजी स्कूलों ने दो दिन का शोक अवकाश घोषित किया है। विश्वविद्यालयों की परीक्षाएँ भी स्थगित कर दी गई हैं।

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भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी (SSB) को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बिहार के कई ज़िलों में सीमा को सील कर दिया गया है और काठमांडू जाने वाली बस सेवाएँ रोक दी गई हैं।

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प्रधानमंत्री की सर्वदलीय बैठक

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हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। इस बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने शाम 6 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है। ओली ने सुरक्षा बलों से संयम बरतने की अपील की और कहा कि सरकार स्थिति सामान्य करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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Protest in nepal

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आंदोलन की पृष्ठभूमि

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नेपाल सरकार ने हाल ही में फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और X (ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सख्त शर्तें लागू कर दी थीं। स्थानीय कार्यालय और टैक्स नियम पूरे न करने पर प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक कर दिया गया था। इस फैसले के विरोध में खासकर युवाओं ने सड़कों पर उतरकर आंदोलन शुरू किया, जिसे “Gen-Z आंदोलन” कहा जा रहा है।