उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला इन दिनों जाली करंसी (Fake Currency) के एक बड़े नेटवर्क का केंद्र बनता नजर आ रहा है। अभी हाल ही में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ रुपये से अधिक के नकली नोट मिलने का मामला पूरी तरह से शांत भी नहीं हुआ था कि अब जिले में नकली सिक्कों का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ है। जांच एजेंसियों और पुलिस की मुस्तैदी के बीच नकली सिक्कों की इस बड़ी खेप के पकड़े जाने से पूरे जिले और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
सहारनपुर सिटी कोतवाली पुलिस और जिले की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) टीम ने एक संयुक्त अभियान चलाते हुए लाखनौर इलाके से भारी मात्रा में 20 रुपये के नकली सिक्कों की खेप बरामद की है। पुलिस ने मौके से कुल 1 लाख 20 हजार रुपये के जाली सिक्के जब्त किए हैं। जाली करंसी के इस अवैध कारोबार के लगातार सामने आने से स्थानीय व्यापारी और आम नागरिक भी दहशत में हैं।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
सहारनपुर पुलिस के उच्चाधिकारियों के मुताबिक, पिछले कई दिनों से जिले के विभिन्न बाजारों में नकली सिक्कों की सप्लाई होने की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। इस इनपुट के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस और एसओजी की टीम ने संयुक्त रूप से मामले की जांच शुरू की और अपना सूचना तंत्र सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को लाखनौर इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की भनक लगी। पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए संदेह के आधार पर दो युवकों को हिरासत में लिया।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›हिरासत में लिए गए आरोपियों की पहचान कुलदीप और विपिन के रूप में हुई है, जो सहारनपुर की आवास विकास कॉलोनी के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जब पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इन्हीं आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने 20 रुपये के नकली सिक्कों की यह बड़ी खेप बरामद की है।
मोटे कमीशन का लालच और खपाने का तरीका
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने जाली करंसी को बाजार में खपाने के अपने पूरे 'मॉडस ऑपरेंडी' (काम करने के तरीके) का भी खुलासा किया है। आरोपियों ने बताया कि उन्हें इन नकली सिक्कों को बाजार में चलाने के लिए एक तय और मोटा कमीशन मिलता था। मुख्य आरोपी कुलदीप ने पुलिस को जानकारी दी कि तस्करों द्वारा करीब 4,000 रुपये के नकली 20 रुपये के सिक्कों की एक पूरी थैली तैयार की जाती थी।
इस थैली को बाजार में फुटकर दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यापारियों को सप्लाई किया जाता था। 4,000 रुपये के सिक्के खपाने के एवज में इन आरोपियों को 400 रुपये (यानी 10 प्रतिशत) का सीधा कमीशन मिलता था। बाजार में हमेशा खुले पैसों (रेजगारी) की किल्लत रहती है, जिसका फायदा ये तस्कर उठाते थे। खुले पैसों की जरूरत के चलते स्थानीय दुकानदार बिना ज्यादा जांच-पड़ताल किए इन सिक्कों को बड़े आराम से स्वीकार कर लेते थे और इस तरह नकली सिक्के आम लोगों की जेब तक पहुंच जाते थे।
PNB करेंसी चेस्ट कांड से जुड़ रहे हैं तार?
सहारनपुर पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि आखिर 1.20 लाख रुपये के इन नकली सिक्कों की सप्लाई चेन कहां से जुड़ी है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि ये सिक्के किस शहर या राज्य से सहारनपुर लाए गए और इनकी ढलाई कहां की जा रही थी। इसके साथ ही, पुलिस इस बात की भी गंभीरता से पड़ताल कर रही है कि क्या इस नकली सिक्कों के नेटवर्क का संबंध हाल ही में हुए 17 करोड़ रुपये के 'पीएनबी करेंसी चेस्ट कांड' से तो नहीं है। बैक-टू-बैक हुई इन दो बड़ी घटनाओं ने जांच एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। यह भी खंगाला जा रहा है कि इससे पहले आरोपियों ने कितनी बार ऐसी खेप शहर में पहुंचाई है।
PNB कांड में NIA की कार्रवाई जारी, हाउस कीपर गिरफ्तार
दूसरी तरफ, सहारनपुर के बहुचर्चित PNB करेंसी चेस्ट मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की कार्रवाई भी लगातार जारी है। इस बड़े जाली नोट कांड में एनआईए ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए ताजा आरोपी का नाम विशाल है, जो बैंक में पार्ट-टाइम हाउस कीपर के तौर पर काम करता था। विशाल के कब्जे से जांच एजेंसी ने 20,200 रुपये की नकदी भी बरामद की है।
बताया जा रहा है कि गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के बालेली गांव का रहने वाला विशाल इस पूरे खेल में शामिल था। उस पर आरोप है कि उसने करेंसी चेस्ट में रखे असली नोटों के बंडलों से करीब 4,33,900 रुपये की रकम चोरी की थी और हेराफेरी में सहयोग किया था। गौरतलब है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में एनआईए इससे पहले पीएनबी करेंसी चेस्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी अमित को भी गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां दोनों मामलों की कड़ियों को जोड़ने और जाली करंसी के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए सघन अभियान चला रही हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.