मेरठ: गढ़मुक्तेश्वर के एक डिग्री कॉलेज में लाइब्रेरियन के पद पर कार्यरत लोकेश पाल (50) की छह दिन से जारी तलाश शुक्रवार को एक दुखद अंत के साथ समाप्त हो गई। जिस सैर पर वह गए थे, वहां से कभी लौटकर नहीं आए और उनका शव मेरठ छावनी क्षेत्र के एक नाले में मिला। उनके बेटे ने शव की पहचान की, जिसके बाद परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।READ ALSO:-मेरठ में अतिक्रमण पर 'तू डाल-डाल, मैं पात-पात': पुलिस हटाती है, व्यापारी फिर सजा लेते हैं दुकानें, जाम में फंस रही एम्बुलेंस
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एक सैर जो कभी पूरी नहीं हुई
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लोकेश पाल 7 सितंबर की शाम करीब 4 बजे अपने मेडिकल थाना क्षेत्र के कालियागढ़ी स्थित घर से निकले थे। उन्होंने अपने परिजनों को बताया था कि वह सीसीएसयू (चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय) परिसर में घूमने जा रहे हैं। लेकिन शाम ढलने और रात होने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। काफी तलाश के बाद उन्होंने मेडिकल थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने लगातार उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका।
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नाला बना लाश का ठिकाना, एटीएम ने खोला राज
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शुक्रवार सुबह राहगीरों ने छावनी क्षेत्र के नाले में एक शव पड़ा देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को नाले से बाहर निकाला। तलाशी के दौरान मृतक के लोवर से पंजाब नेशनल बैंक का एक एटीएम कार्ड बरामद हुआ। एटीएम कार्ड से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने शव की पहचान लोकेश पाल के रूप में की। इसके बाद मेडिकल थाना पुलिस को गुमशुदगी के बारे में सूचित किया गया। सूचना मिलते ही परिजन मोर्चरी पहुंचे, जहां उनके बेटे अक्षय ने शव की शिनाख्त की।
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मौत पर गहराया रहस्य, पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
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लोकेश पाल की मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। उनके परिवार में अचानक हुई इस मौत से कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उनका कहना है कि मौत की असली वजह का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, यह साफ नहीं है कि यह कोई हादसा था, आत्महत्या या फिर इसके पीछे कोई और वजह है।
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