पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजधानी कहे जाने वाले और क्रांतिधरा मेरठ में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आसमान से बरसती आफत, घने कोहरे की सफेद चादर और हड्डियों को गला देने वाली बर्फीली हवाओं (Cold Wave) ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया है। सूर्य देवता के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं और जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है।READ ALSO:-जनवरी 2026: नए साल के जश्न के बीच बैंकिंग की 'टेंशन'; महीने के 31 में से 16 दिन लटके रहेंगे ताले! चेक क्लीयरेंस से कैश तक हो सकती है किल्लत
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इस हाड़ कंपाने वाली ठंड और बच्चों के स्वास्थ्य पर मंडराते खतरे को देखते हुए मेरठ जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग (Basic Education Department) ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहत भरा फैसला लिया है। मेरठ के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने ताजा आदेश जारी करते हुए जिले के सभी स्कूलों में नर्सरी से कक्षा 8 तक के बच्चों के लिए अवकाश को दो दिनों के लिए और बढ़ा दिया है। इस फैसले ने उन हजारों अभिभावकों को बड़ी राहत दी है, जो इस कड़ाके की ठंड में अपने बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर बेहद चिंतित थे।
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छुट्टियों का नया कैलेंडर: अब कब खुलेंगे स्कूल?

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मेरठ के बीएसए द्वारा जारी किए गए ताजा आदेश ने स्कूली बच्चों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। पिछले हफ्ते से जारी छुट्टियों के सिलसिले को अब और विस्तार मिल गया है। अगर हम कैलेंडर पर नजर डालें, तो बच्चों को एक प्रकार का 'मिनी विंटर वेकेशन' मिल गया है।
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छुट्टियों का पूरा गणित कुछ इस प्रकार है:

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    27 दिसंबर 2025 (शनिवार): गुरु गोविंद सिंह जयंती के उपलक्ष्य में पहले से ही अवकाश घोषित था।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    28 दिसंबर 2025 (रविवार): साप्ताहिक अवकाश होने के कारण स्कूल बंद रहे।
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  4. \r\n
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    29 दिसंबर 2025 (सोमवार): बीएसए के ताजा आदेशानुसार, ठंड के कारण अवकाश घोषित किया गया है।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    30 दिसंबर 2025 (मंगलवार): बीएसए के आदेशानुसार, ठंड के कारण अवकाश घोषित किया गया है।
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  8. \r\n
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री-ओपनिंग डेट (Re-opening Date): यदि मौसम ने करवट ली और धुंध व कोहरे से थोड़ी राहत मिली, तो छोटे बच्चों (कक्षा 8 तक) के स्कूल अब सीधे 31 दिसंबर 2025 (बुधवार) को खुलेंगे। हालांकि, अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे 30 दिसंबर की शाम को मौसम और प्रशासन के अगले आदेशों पर नजर बनाए रखें, क्योंकि यदि ठंड का प्रकोप ऐसे ही जारी रहा, तो प्रशासन छुट्टियों को आगे भी बढ़ा सकता है।
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किन स्कूलों पर लागू होगा यह 'शीतकालीन आदेश'?

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अक्सर छुट्टियों के आदेश को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच असमंजस की स्थिति रहती है कि आदेश केवल सरकारी स्कूलों के लिए है या प्राइवेट के लिए भी। इस बार बीएसए ने अपने आदेश में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट (Crystal Clear) कर दी है। यह अवकाश जिले में संचालित होने वाले हर उस शिक्षण संस्थान पर लागू होगा, जहां कक्षा 8 तक की पढ़ाई होती है।
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आदेश की परिधि में निम्नलिखित स्कूल आएंगे:

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  • \r\n
    यूपी बोर्ड (UP Board): जिले के सभी सरकारी (परिषदीय), सहायता प्राप्त (Aided) और वित्तविहीन विद्यालय।
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  • \r\n
  • \r\n
    सीबीएसई (CBSE): जिले के सभी प्रतिष्ठित कॉन्वेंट, पब्लिक और इंग्लिश मीडियम स्कूल।
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  • \r\n
  • \r\n
    आईसीएसई (ICSE): सभी बोर्डिंग और डे-स्कूल।
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  • \r\n
  • \r\n
    मदरसे: अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त सभी मदरसों पर भी यह नियम अनिवार्य रूप से लागू होगा।
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  • \r\n
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बीएसए ने सख्त लहजे में कहा है कि नर्सरी से कक्षा 8 तक की कोई भी क्लास फिजिकल मोड (Physical Mode) में नहीं चलेगी। स्कूल प्रबंधन ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प चुन सकते हैं, लेकिन बच्चों को स्कूल बुलाने की अनुमति कतई नहीं होगी।
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कक्षा 9 से 12: सीनियर छात्रों के लिए बदला समय

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जहाँ एक तरफ छोटे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए घरों में रहने की हिदायत दी गई है, वहीं दूसरी तरफ कक्षा 9 से 12वीं तक के छात्रों के लिए स्थिति थोड़ी अलग है। चूँकि जनवरी-फरवरी में बोर्ड परीक्षाएं (Board Exams) और प्री-बोर्ड प्रस्तावित हैं, इसलिए प्रशासन ने सीनियर कक्षाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया है, लेकिन उन्हें 'कोल्ड वेव' से बचाने के लिए समय में बड़ा बदलाव (Time Change) किया है।
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सीनियर विंग के लिए नए दिशा-निर्देश:

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  • \r\n
    नो हॉलिडे (No Holiday): कक्षा 9 से 12वीं तक के छात्रों के लिए 29 और 30 दिसंबर को अवकाश नहीं है। उनकी पढ़ाई जारी रहेगी।
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  • \r\n
  • \r\n
    नया समय (New Timings): इन कक्षाओं का संचालन अब सुबह की कड़ाके की ठंड में नहीं होगा। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे सुबह 10:00 बजे से पहले स्कूल न खोलें और दोपहर 3:00 बजे तक छुट्टी कर दें।
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  • \r\n
  • \r\n
    यूनिफॉर्म में छूट: प्रशासन ने स्कूलों से अपील की है कि वे बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म के साथ अतिरिक्त गर्म कपड़े (जैकेट, टोपी, मफलर) पहनने की अनुमति दें, भले ही वे स्कूल के ड्रेस कोड का हिस्सा न हों।
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  • \r\n
  • \r\n
    हीटर की व्यवस्था: स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे कक्षाओं में ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाज़ करें। खिड़कियां और दरवाजे ठीक से बंद हों ताकि बर्फीली हवाएं सीधे बच्चों को न लगें।
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मौसम का हाल: क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?

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मेरठ में पिछले 48 घंटों से मौसम का मिजाज बेहद तल्ख बना हुआ है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों में दिख रहा है।
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  1. \r\n
    तापमान में गिरावट: मेरठ का न्यूनतम तापमान सामान्य से 5-6 डिग्री नीचे लुढ़क गया है। रात और सुबह के समय तापमान 4°C से 6°C के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    गलन वाली सर्दी: धूप न निकलने के कारण 'मैक्सिमम टेंपरेचर' (Maximum Temperature) भी काफी नीचे आ गया है, जिससे दिन भर गलन महसूस हो रही है। इस स्थिति को मौसम विज्ञान की भाषा में 'कोल्ड डे' (Cold Day) कंडीशन कहा जाता है।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    विजिबिलिटी का संकट: सुबह के समय घना कोहरा (Dense Fog) छाया रहता है, जिससे विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह जाती है। ऐसे में स्कूल बसों और वैन के संचालन में सड़क हादसों का जोखिम बहुत बढ़ जाता है। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए यह फैसला अनिवार्य हो गया था।
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  6. \r\n
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय: 'बच्चों के लिए घातक है यह ठंड'

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मेरठ मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञों (Pediatricians) ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। डॉक्टरों का कहना है कि मौजूदा मौसम बच्चों के लिए, विशेषकर 10 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए, बेहद खतरनाक है।
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  • \r\n
    निमोनिया का खतरा: इस मौसम में बच्चों को 'कोल्ड डायरिया' और निमोनिया होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
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  • \r\n
  • \r\n
    सांस की तकलीफ: कोहरे और प्रदूषण (Smog) का मिश्रण अस्थमा से पीड़ित बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
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  • \r\n
  • \r\n
    हाइपोथर्मिया: सुबह की ठंडी हवाओं के संपर्क में आने से शरीर का तापमान तेजी से गिर सकता है, जिसे हाइपोथर्मिया कहते हैं।
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  • \r\n
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डॉक्टरों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि छुट्टियों के दौरान बच्चों को बेवजह घर से बाहर न निकलने दें। उन्हें गर्म तासीर वाली चीजें जैसे गुड़, खजूर, और सूप दें और शरीर को पूरी तरह गर्म कपड़ों से ढककर रखें।
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प्रशासन की चेतावनी: "नियम तोड़ा तो रद्द होगी मान्यता"

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मेरठ बीएसए ने अपने आदेश में स्पष्ट चेतावनी जारी की है। अक्सर देखा जाता है कि कुछ निजी स्कूल प्रशासन के आदेशों को दरकिनार कर चोरी-छिपे स्कूल खोल लेते हैं या 'एक्स्ट्रा क्लास' के नाम पर बच्चों को बुलाते हैं।
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इस बार आदेश में कहा गया है:

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"यदि 29 और 30 दिसंबर को जिले का कोई भी स्कूल (कक्षा 8 तक) खुला पाया गया, तो इसे जिला प्रशासन के आदेश की अवहेलना माना जाएगा। ऐसे स्कूलों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की जा सकती है और विभागीय स्तर पर उनकी मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।"
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प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि उनके बच्चे का स्कूल उन्हें बुलाने का दबाव बनाता है, तो वे इसकी शिकायत तुरंत बीएसए कार्यालय या डीएम ऑफिस के कंट्रोल रूम में करें।
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सुरक्षा ही प्राथमिकता

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मेरठ में पड़ रही यह भीषण ठंड फिलहाल राहत देने के मूड में नहीं है। ऐसे में, दो दिनों का यह अवकाश बच्चों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। पढ़ाई जरूरी है, लेकिन स्वास्थ्य और जीवन उससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है। प्रशासन का यह कदम स्वागत योग्य है, लेकिन अब जिम्मेदारी अभिभावकों की है कि वे इस 'विंटर ब्रेक' का सदुपयोग करें और बच्चों को घर पर ही सुरक्षित रखकर उनकी पढ़ाई जारी रखें।
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उम्मीद है कि 31 दिसंबर तक मौसम साफ होगा और बच्चे नए साल के स्वागत के लिए उत्साह के साथ स्कूल लौट सकेंगे। तब तक के लिए, रजाई में रहें, सुरक्षित रहें और गर्म रहें।
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