मेरठ। मेरठ नगर निगम में पुराने और नए गृहकर को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को भाजपा पार्षदों ने नगर आयुक्त सौरभ गंगवार को एक ज्ञापन सौंपकर साफ चेतावनी दी कि भवन स्वामी किसी भी सूरत में पिछले साल का बढ़ा हुआ गृहकर नहीं देंगे। उन्होंने मांग की है कि नया गृहकर केवल वित्तीय वर्ष 2025-26 से ही लागू किया जाए।
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नए गृहकर पर लगे तत्काल रोक
\r\n\r\nपार्षदों ने उस जीआईएस सर्वे पर भी सवाल उठाए, जिसके आधार पर नया गृहकर तय किया गया है। उनका कहना है कि इस सर्वे में भारी भ्रष्टाचार हुआ है और इसलिए इस पर आधारित नए गृहकर पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। पार्षद अनुज वशिष्ठ, अजय चंद्रा, राजीव गुप्ता और अन्य पार्षदों ने एकजुट होकर कहा कि नगर निगम बोर्ड की बैठक में पुराने गृहकर से ही वसूली का प्रस्ताव पारित हुआ था, जिसके बाद भवन स्वामियों ने नया टैक्स देना बंद कर दिया है।
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छूट के नियमों को स्पष्ट करने की मांग
\r\n\r\nपार्षदों ने गृहकर में मिलने वाली छूट के नियमों को भी स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने बताया कि नियमावली के तहत भवन स्वामियों को 20% की छूट मिलती है, और 20 साल से पुराने भवनों पर भी छूट का प्रावधान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निगम को इन्हीं नियमों के तहत वसूली करनी चाहिए। पार्षदों ने यह भी मांग की कि नए गृहकर के बिल के साथ स्वकर निर्धारण प्रपत्र दिया जाए और सभी वार्डों में कैंप लगाकर प्रपत्र भरवाए जाएं।
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नगर आयुक्त ने दिया आश्वासन
\r\n\r\nपार्षदों की मांगों को सुनने के बाद नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने आश्वासन दिया कि उनके प्रस्ताव को शासन को भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल, नया गृहकर 2025-26 से ही लागू किया जाएगा। पार्षदों ने मांग की है कि आपत्तियों का समाधान होने के बाद ही नई वसूली शुरू की जाए।
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Sabse pehle comment karne wale banein.