भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती से भड़के गंगानगर के निवासियों ने रात 10 बजे से तड़के 2:30 बजे तक किया हाई-वोल्टेज प्रदर्शन। महापौर को साथ लेकर बिजली घर पहुंचे आक्रोशित लोग।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​मेरठ। मई के महीने में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मेरठ के पॉश इलाके गंगानगर में पिछले कई दिनों से जारी गंभीर बिजली संकट (Electricity Crisis) को लेकर स्थानीय निवासियों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से त्रस्त सैकड़ों नागरिकों ने एकजुट होकर आधी रात को एक बड़ा आंदोलन छेड़ दिया।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​आक्रोशित जनता ने न सिर्फ गंगानगर स्थित बिजली घर पर धावा बोला, बल्कि क्षेत्र के महापौर (Mayor) का घेराव कर उन्हें भी आधी रात को अपने साथ बिजली घर चलने पर मजबूर कर दिया। रात 10 बजे से शुरू हुआ यह हाई-वोल्टेज ड्रामा तड़के 2:30 बजे तक यानी करीब साढ़े चार घंटे तक लगातार जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी है कि यदि शनिवार रात 10 बजे तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो इससे भी बड़ा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​आधी रात को सड़क पर उतरी जनता, महापौर का हुआ घेराव

\r\n\r\n
​गंगानगर और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बिजली की आंख-मिचौली ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। भीषण गर्मी और उमस के कारण घरों में लगे एसी-कूलर तो दूर, पंखे भी नहीं चल पा रहे हैं। इस समस्या से नाराज स्थानीय नागरिकों ने बीती रात (21-22 मई) को एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​रात करीब 10 बजे भारी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सड़कों पर उतर आए। लोगों का गुस्सा उस समय सातवें आसमान पर पहुंच गया जब उन्होंने सीधे महापौर का घेराव कर दिया। नागरिकों ने महापौर को घेरकर क्षेत्र की बदहाल विद्युत व्यवस्था पर तीखे सवाल दागे। जनता के भारी दबाव और आक्रोश को देखते हुए महापौर को भी तुरंत एक्शन मोड में आना पड़ा। महापौर खुद प्रदर्शनकारियों के साथ पैदल और वाहनों के काफिले के साथ गंगानगर स्थित मुख्य बिजली घर पहुंचे।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​बिजली घर पर साढ़े चार घंटे चला 'हाई-वोल्टेज' धरना

\r\n\r\n
​जब महापौर के साथ जनता का हुजूम गंगानगर बिजली घर पहुंचा, तो वहां हड़कंप मच गया। बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी आधी रात को इतनी बड़ी संख्या में लोगों और जनप्रतिनिधि को एक साथ देखकर सख्ते में आ गए।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ​समय: रात 10:00 बजे से तड़के 02:30 बजे तक।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​स्थान: गंगानगर मुख्य बिजली घर, मेरठ।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​मुख्य मांग: अघोषित कटौती पर तुरंत रोक, जर्जर तारों और ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर को बदलना, और निर्बाध बिजली आपूर्ति।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​धरने पर बैठे लोगों का कहना था कि बिजली न होने के कारण न तो रात में लोग सो पा रहे हैं और न ही सुबह के समय पानी की आपूर्ति हो पा रही है। बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों का स्वास्थ्य इस बिजली संकट के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। महापौर की मौजूदगी में नागरिकों ने बिजली घर के भीतर ही दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​मौके पर ही शुरू हुआ काम, अफसरों ने लिया तत्काल एक्शन

\r\n\r\n
​महापौर के कड़े रुख और जनता के भारी आक्रोश को देखते हुए बिजली विभाग के आला अधिकारी भी आधी रात को ही मौके पर पहुंचने के लिए मजबूर हुए। महापौर ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जनता को इस भीषण गर्मी में परेशान होने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​इसके बाद, बिजली घर पर ही अधिकारियों, महापौर और स्थानीय सम्मानित नागरिकों के बीच एक आपातकालीन बैठक हुई। समस्या के तत्काल समाधान के लिए तकनीकी टीमों को तुरंत अलर्ट किया गया और फाल्ट व ओवरलोडिंग को दूर करने के लिए मौके पर ही कार्य शुरू कराया गया। खुद महापौर और प्रदर्शनकारी नागरिकों की निगरानी में देर रात तक मरम्मत का कार्य चलता रहा, जिसके बाद कुछ क्षेत्रों की लाइन को अस्थायी रूप से सुचारू किया जा सका।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​24 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम: 'कल रात 10 बजे तक सुधरो, वरना फिर होगा.....

\r\n\r\n
​साढ़े चार घंटे तक चले इस लंबे संघर्ष के बाद, तड़के करीब 2:30 बजे बिजली विभाग के अधिकारियों ने लिखित और मौखिक रूप से आश्वासन दिया कि क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया जाएगा।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​हालांकि, प्रदर्शनकारी नागरिक सिर्फ कोरे आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने अधिकारियों और महापौर के सामने एक बेहद सख्त अल्टीमेटम रख दिया है। जनता ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि:
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
\r\n
​"हम विभाग को पूरे 24 घंटे का समय दे रहे हैं। कल रात (शनिवार) 10:00 बजे तक यदि गंगानगर का यह बिजली संकट पूरी तरह से दूर नहीं हुआ और निर्बाध सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो हम दोबारा इससे भी बड़ा धरना देंगे। इस बार न सिर्फ बिजली घर ठप किया जाएगा, बल्कि सड़कों पर उतरा भी  जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।"
\r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​इस कड़े अल्टीमेटम और अधिकारियों द्वारा जल्द से जल्द तकनीकी खामियों को पूरी तरह ठीक करने के मजबूत आश्वासन के बाद ही तड़के 2:30 बजे नागरिकों ने अपना धरना समाप्त किया और वापस अपने घरों को लौटे।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​मेरठ के गंगानगर की इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि अब जनता बिजली कटौती को लेकर चुप बैठने वाली नहीं है। भीषण गर्मी में बिजली विभाग की लापरवाही के खिलाफ आम लोगों का इस तरह आधी रात को सड़क पर उतरना और महापौर का घेराव करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है। अब देखना यह होगा कि बिजली विभाग इस 24 घंटे के अल्टीमेटम को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या आज रात तक गंगानगर के निवासियों को इस भयंकर बिजली संकट से हमेशा के लिए निजात मिल पाती है या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन