उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में दीपावली के बाद से ही वायु प्रदूषण का स्तर (Air Pollution) लगातार चिंताजनक बना हुआ है। शनिवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बढ़कर 322 तक पहुँच गया, जो 'लाल श्रेणी' यानी 'बहुत खराब' (Very Poor) स्तर में आता है। इस आंकड़े के साथ, मेरठ दिल्ली-एनसीआर (NCR) का छठा सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया है। तापमान में गिरावट के साथ जहरीली होती हवा ने निवासियों के लिए सांस लेना मुश्किल कर दिया है, जिस पर चिकित्सकों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।READ ALSO:-खाकी पर 'गंभीर दाग'! यूपी पुलिस के सिपाही पर युवक से 'अनैतिक कृत्य' का आरोप, हरिद्वार ले जाकर पिलाई नशीली शराब
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20 दिन में सिर्फ दो दिन सामान्य हवा

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प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर पर पहुंचने की मुख्य वजह ग्रेप सिस्टम (GRAP) के तहत सख्त पाबंदियों का सही से लागू न हो पाना है।
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    सामान्य स्तर से बाहर: पिछले 20 दिनों के भीतर नवंबर के केवल दो दिनों में ही प्रदूषण का स्तर सामान्य (Satisfactory) रहा था। इसके बाद फिर से यह 'खराब' और 'बहुत खराब' श्रेणी की ओर बढ़ गया है।
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    ठोस कदम की कमी: शहरवासी और विशेषज्ञ लगातार प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन धूल उड़ाने वाले निर्माण कार्य, कूड़ा जलाने और वाहनों के धुएं पर लगाम नहीं लग पा रही है।
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शहर के विभिन्न हिस्सों का AQI

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मेरठ के अलग-अलग निगरानी केंद्रों पर AQI की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
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क्षेत्र
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AQI
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स्थिति
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पल्लवपुरम
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325
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बहुत खराब (Very Poor)
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बेगमपुल
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318
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बहुत खराब (Very Poor)
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दिल्ली रोड
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320
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बहुत खराब (Very Poor)
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गंगानगर
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305
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बहुत खराब (Very Poor)
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मेरठ का औसत
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322
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\r\n
बहुत खराब
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NCR में प्रदूषण का हाल (गुरुवार, AQI):

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शहर
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AQI
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शहर
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AQI
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\r\n
दिल्ली
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366
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ग्रेटर नोएडा
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342
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नोएडा
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\r\n
363
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हापुड़
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\r\n
343
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गाजियाबाद
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348
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मेरठ
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322
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बुलंदशहर
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\r\n
310
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मुजफ्फरनगर
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287
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बागपत
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283
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-
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-
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तापमान में आई गिरावट और स्मॉग का खतरा

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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वैधशाला के अनुसार, अधिकतम तापमान 28.7°C और न्यूनतम तापमान 13.1°C दर्ज किया गया।
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    डॉक्टर की चेतावनी: कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि आने वाले दिनों में ठंड में इजाफा होगा। ठंड के कारण प्रदूषण के कण नीचे बैठ सकते हैं, जिससे दृश्यता (Visibility) कम होगी और स्मॉग (धुंध) और कोहरे का खतरा बढ़ेगा। स्मॉग स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
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चिकित्सकों की सलाह

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चिकित्सकों ने इस जहरीली हवा से बचने के लिए नागरिकों को सख्त एहतियात बरतने की सलाह दी है:
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  1. \r\n
    आउटडोर गतिविधि सीमित करें: सुबह-सुबह या देर शाम खुले में व्यायाम (Exercise) या सैर करने से बचें।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    संवेदनशील लोगों का बचाव: बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा (Asthma) मरीजों को जितना संभव हो, घर के अंदर ही रहने की सलाह दी जाती है।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    घर में हवा साफ रखें: घरों में प्राकृतिक एयर प्यूरीफायर पौधे, जैसे एलोवेरा या स्नेक प्लांट लगाएं, या एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    साझा परिवहन: व्यक्तिगत वाहन का प्रयोग कम करें और साझा परिवहन (Shared Transport) को प्राथमिकता दें।
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  8. \r\n
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प्रशासन से सख्त कदम की मांग

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मेरठ और NCR के शहरवासी अब प्रशासन से तत्काल और सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि हवा में घुलते जहर को रोका जा सके। Pollution नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने और ग्रेप के नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है।
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