उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) शहर में मंगलवार की रात एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। रात के करीब 11:30 बजे थे और सड़कें धीरे-धीरे सूनी हो रही थीं। तभी ब्रह्मपुरी मेट्रो स्टेशन (Brahmapuri Metro Station) के पास एक तेज रफ्तार XUV/स्कॉर्पियो कार से अचानक एक लड़की की दिल दहला देने वाली चीखें गूंजने लगीं। ऐसा लगा मानो बदमाशों ने किसी फिल्मी स्टाइल में एक लड़की को अगवा कर लिया हो।READ ALSO:-यूपी में मौसम का 'डबल रोल': कहीं आंधी-बारिश तो कहीं झुलसाती लू, जानिए कब मिलेगी असली राहत और क्या है मानसून का अपडेट
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लड़की कार के खुले दरवाजे से लगातार मदद की गुहार लगा रही थी। 'बचाओ-बचाओ' की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद कुछ स्कूटी सवार युवकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना उस कार का पीछा करना शुरू कर दिया। सड़क पर करीब 3 किलोमीटर तक एक खौफनाक चेजिंग (Chase) हुई, जिसने शहर में दहशत का माहौल बना दिया। लेकिन, जब इस मामले की सूचना पुलिस को मिली और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले गए, तो कहानी में एक ऐसा मोड़ आया जिसने सबको हैरान कर दिया।
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आइए, सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि आखिर मंगलवार की उस खौफनाक रात मेरठ की सड़कों पर क्या हुआ था और पुलिस की जांच में क्या बड़ा खुलासा हुआ है।
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चश्मदीद की जुबानी: "पीछे से आवाज आई, देखो लेडीज उठा ली..."

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इस पूरी घटना के मुख्य चश्मदीद सरस्वती लोक के रहने वाले रोहित कपूर हैं, जो ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष भी हैं। रोहित ने उस खौफनाक मंजर का आंखों देखा हाल बयां किया। उन्होंने बताया कि मंगलवार की देर रात वह अपने एक साथी एकांश गोयल के साथ ट्रांसपोर्ट नगर स्थित अपने ऑफिस से काम खत्म करके घर लौट रहे थे।
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रोहित के मुताबिक, "रात का वक्त था और हम स्कूटी से जा रहे थे। जब हम ब्रह्मपुरी मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचे, तो वहां एक कार पहले से खड़ी थी। हमने सामान्य तरीके से उस कार को क्रॉस किया। तभी अचानक पीछे से कुछ लोगों के चिल्लाने की आवाज आई - 'देखो, लेडीज उठा ली... पकड़ो-पकड़ो!'"
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 Meerut Girl Kidnap Scare | Kali Scorpio Flees to Partapur, Scooty Chase

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इससे पहले कि रोहित और उनका साथी कुछ समझ पाते, एक बेहद तेज रफ्तार गाड़ी (स्कॉर्पियो/XUV) उनके ठीक बगल से गुजरी। बदमाशों ने अपनी कार इतनी तेजी से भगाई कि वे हड़बड़ी में रोहित की स्कूटी को टक्कर मारते-मारते बचे।
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खुले गेट से आ रही थीं चीखें, 3 किलोमीटर तक चला मौत का पीछा

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कार के झटके से रोहित की स्कूटी हल्की स्लिप हो गई, लेकिन उन्होंने खुद को किसी तरह संभाला। रोहित बताते हैं कि जब उन्होंने मुड़कर देखा तो उस तेज रफ्तार कार का गेट खुला हुआ था और अंदर से एक लड़की लगातार 'बचाओ-बचाओ' चिल्ला रही थी। वह मदद के लिए तड़प रही थी।
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यह देखकर रोहित और उनके साथी ने तुरंत हिम्मत जुटाई और अपनी स्कूटी से उस तेज रफ्तार कार का पीछा करना शुरू कर दिया।
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    खतरनाक चेजिंग: रोहित और एकांश ने करीब 3 किलोमीटर तक अपनी जान जोखिम में डालकर उस स्कॉर्पियो का पीछा किया। इस दौरान उन्होंने सबूत के तौर पर अपने मोबाइल से वीडियो भी बनाने की कोशिश की।
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    कार का नंबर: पीछा करते वक्त रोहित ने गाड़ी का नंबर पढ़ने की कोशिश की। उन्होंने देखा कि कार का नंबर DL... 7060 था, लेकिन गाड़ी की रफ्तार इतनी तेज थी कि वे बीच के नंबर नहीं पढ़ सके।
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    फरार हुए बदमाश: आरोपी इतने बेखौफ थे कि वे कार का गेट खुला छोड़कर ही गाड़ी दौड़ाते रहे। जब स्कूटी सवार रिठानी (Rithani) इलाके तक पहुंचे, तो कार की रफ्तार बहुत ज्यादा हो गई और वह गाड़ी परतापुर (Partapur) की दिशा में तेजी से निकल गई। जब गाड़ी बहुत दूर हो गई, तब जाकर रोहित को रुकना पड़ा।
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इसके तुरंत बाद, बिना कोई देरी किए, रोहित ने पुलिस कंट्रोल रूम को इस 'अपहरण' की वारदात की सूचना दी। लड़की के किडनैप होने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और रातों-रात वायरलेस सेट घनघनाने लगे।
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पुलिस की एंट्री और कहानी में आया ट्विस्ट: CCTV ने खोला राज

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लड़की के अपहरण की सूचना मिलते ही मेरठ पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। रात में ही चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया और उस 'DL... 7060' नंबर वाली दिल्ली पासिंग स्कॉर्पियो कार की तलाश में पुलिस की गाड़ियां दौड़ने लगीं।
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पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल यानी ब्रह्मपुरी मेट्रो स्टेशन और उसके आसपास के रास्तों के CCTV कैमरे खंगालने शुरू किए। सभी को लग रहा था कि यह एक सरेआम किडनैपिंग का मामला है, लेकिन शुरुआती जांच में जो बात सामने आई, उसने पूरी थ्योरी को ही पलट कर रख दिया।
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क्या दिखा सीसीटीवी कैमरे में? मेरठ के एसपी सिटी (SP City) विनायक गोपाल भोसले ने इस मामले की जानकारी देते हुए एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने रूट के कई CCTV फुटेज चेक किए हैं।
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    पहले से कार में मौजूद थी महिला: फुटेज से यह साफ हुआ है कि वह स्कॉर्पियो कार थाना टीपी नगर (TP Nagar) क्षेत्र से होते हुए गुजरी थी। सबसे अहम बात यह है कि उस कार में एक महिला और एक बच्चा पहले से ही मौजूद थे।
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    सड़क से जबरन नहीं उठाया गया: पुलिस के मुताबिक, जो अफवाह फैली थी कि कुछ बदमाश आए और सड़क से चलती हुई लड़की को घसीट कर कार में डाल लिया, वह बात CCTV फुटेज में प्रथम दृष्टया (Prima Facie) पूरी तरह से गलत साबित हुई है। किसी भी महिला को सड़क से खींचकर गाड़ी में डालने की घटना फुटेज में नहीं दिखी है।
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    आपसी विवाद या झगड़ा: जांच में पता चला है कि जब वह कार ब्रह्मपुरी मेट्रो स्टेशन के पास रुकी या धीमी हुई, तब कार का दरवाजा खुला। उस समय आसपास मौजूद लोगों ने गाड़ी के अंदर से तेज आवाजें, वाद-विवाद और झगड़े की आवाजें सुनी थीं। उसी झगड़े और चीख-पुकार को सुनकर वहां मौजूद लोगों को लगा कि लड़की का अपहरण किया जा रहा है और उन्होंने 'पकड़ो-पकड़ो' चिल्लाना शुरू कर दिया।
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पुलिस का कड़ा एक्शन: 4 टीमें गठित, SWAT की पैनी नजर

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भले ही शुरुआती जांच में यह मामला जबरन अपहरण (Kidnapping) का न लगकर किसी पारिवारिक या आपसी विवाद (Family Dispute) का लग रहा हो, लेकिन मेरठ पुलिस इस मामले में कोई कोताही नहीं बरत रही है। आधी रात को सड़क पर इस तरह के हंगामे और महिला की सुरक्षा को पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया है।
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    टीमें बनाई गईं: एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए टीपी नगर और ब्रह्मपुरी थाने की पुलिस को मिलाकर कुल चार विशेष टीमें गठित की गई हैं।
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    SWAT टीम मोर्चे पर: पुलिस की रेगुलर टीमों के अलावा जिले की स्पेशल वेपन एंड टैक्टिक्स (SWAT) टीम को भी इस गाड़ी की तलाश के काम में लगा दिया गया है।
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    कार की तलाश जारी: पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि जब तक वह स्कॉर्पियो कार, उसमें मौजूद वह महिला और अन्य लोग मिल नहीं जाते, तब तक इस मामले का पूरी तरह से पटाक्षेप नहीं किया जा सकता। कार की बरामदगी के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आखिर उस रात गाड़ी के अंदर क्या हुआ था, महिला कौन थी और वह क्यों चिल्ला रही थी।
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सतर्कता जरूरी, पर अफवाहों से बचें

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मेरठ की यह घटना दो महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर करती है। पहला, रोहित और एकांश जैसे जागरूक नागरिकों की सतर्कता काबिले तारीफ है। रात के अंधेरे में किसी अजनबी की चीख सुनकर अपनी जान जोखिम में डालकर पीछा करना और पुलिस को सूचना देना एक जिम्मेदार नागरिक की निशानी है।
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लेकिन दूसरा पहलू यह भी है कि बिना पूरी बात जाने फैलाई गई 'किडनैपिंग' की बात से शहर में बेवजह दहशत फैल सकती है। फिलहाल, मेरठ पुलिस मुस्तैदी से उस कार की तलाश कर रही है। अब पूरे शहर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस कब उस कार को बरामद करती है और इस रहस्यमयी घटना के पीछे की असली कहानी क्या निकलकर सामने आती है।
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