मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में साइबर अपराधियों (Meerut Cyber Fraud) का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को जिले में एक ही दिन में साइबर ठगी के सात अलग-अलग मामले सामने आए, जिनमें पीड़ितों को कुल 54.55 लाख रुपये की चपत लगाई गई है। ठगों ने लोगों को फंसाने के लिए लोन, ऑनलाइन ट्रेडिंग और घर बैठे कमाई जैसे लुभावने वादे किए थे। सभी पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।Read also:-Meerut News: ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में 'काले धन' का खेल! 1200 करोड़ जीते, 320 करोड़ की GST डकारी; DGGI ने दबोचा
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सस्ता लोन और शून्य ब्याज का लालच
\r\n\r\nसाइबर ठग अब आम लोगों की आर्थिक जरूरतों का फायदा उठा रहे हैं। सरधना की रहने वाली समीना को एक अनजान व्यक्ति ने बैंक अधिकारी बनकर फोन किया। ठग ने उन्हें झांसा दिया कि उन्हें बिना किसी ब्याज (0% Interest) के पांच लाख रुपये का लोन मिल सकता है।
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समीना झांसे में आ गईं और अपनी बैंक डिटेल्स और दस्तावेज साझा कर दिए। इसके बाद 'प्रोसेसिंग फीस' और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर ठग ने समीना से ही उल्टे 7 लाख रुपये अपने खाते में जमा करा लिए। जब समीना ने लोन लेने से मना किया और अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया।
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1400 रुपये की खरीदारी में गंवाए 12 लाख
\r\n\r\nदबथला निवासी मनप्रीत कौर के साथ हुई घटना ने ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों की चिंता बढ़ा दी है। उन्हें व्हाट्सएप पर एक अनजान लिंक मिला, जिसमें सस्ते उत्पाद का ऑफर था। मनप्रीत ने महज 1400 रुपये का सामान खरीदने के लिए उस लिंक पर क्लिक किया।
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लिंक पर क्लिक करते ही उनका मोबाइल और बैंक खाता हैकर्स के नियंत्रण में आ गया। देखते ही देखते साइबर अपराधियों ने उनके खाते से 46 अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए और कुल 12.66 लाख रुपये उड़ा लिए। जब तक मनप्रीत को इसकी भनक लगी, उनका खाता खाली हो चुका था।
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ट्रेडिंग और घर बैठे कमाई (Work From Home) का झांसा
\r\n\r\nतीसरा बड़ा मामला खरखौदा के मोहित त्यागी के साथ हुआ। उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच दिया गया। शुरुआत में उन्हें डिजिटल डैशबोर्ड पर मुनाफा दिखाया गया, जिससे उत्साहित होकर उन्होंने 7.39 लाख रुपये निवेश कर दिए। जब उन्होंने मुनाफे की रकम निकालने की कोशिश की, तो उनका ट्रेडिंग अकाउंट लॉक कर दिया गया।
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वहीं, ब्रह्मपुरी निवासी मयंक बंसल को टेलीग्राम (Telegram) के जरिए 'वर्क फ्रॉम होम' और प्रीपेड टास्क का झांसा दिया गया। शुरुआत में उन्हें छोटे टास्क के बदले पैसे दिए गए ताकि भरोसा जीता जा सके। इसके बाद बड़े निवेश के नाम पर उनसे 8.36 लाख रुपये ठग लिए गए। पैसे ट्रांसफर होते ही ठगों ने टेलीग्राम ग्रुप और कॉन्टैक्ट्स डिलीट कर दिए।
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हैकिंग और अन्य मामले
\r\n\r\nअस्सा निवासी शिवम ने एक सेवा के लिए केवल 3010 रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया था। भुगतान करते ही उनका सिस्टम हैक हो गया और ठगों ने उनके खाते से 5.66 लाख रुपये अन्य खातों में ट्रांसफर कर लिए। इसके अलावा, एक अन्य व्यक्ति से भी उच्च लाभ (High Return) का वादा करके 8.32 लाख रुपये की ठगी की गई।
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पुलिस की कार्रवाई और सलाह
\r\n\r\nमेरठ साइबर क्राइम पुलिस ने इन सभी सात मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए हैं और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
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साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि मेरठ में साइबर ठगी (Meerut Cyber Fraud) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस ने आम जनता को सलाह दी है कि:
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- \r\n किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।\r\n \r\n
- \r\n टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर आए निवेश के प्रस्तावों पर भरोसा न करें।\r\n \r\n
- \r\n बैंक अधिकारी कभी भी फोन पर ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगते।\r\n \r\n
- \r\n ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।\r\n \r\n
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डिजिटल होती दुनिया में सावधानी ही सुरक्षा है। मेरठ की ये घटनाएं यह दर्शाती हैं कि जरा सी लापरवाही से लाखों का नुकसान हो सकता है। प्रशासन अपनी कार्रवाई कर रहा है, लेकिन नागरिकों को भी अपनी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक होना होगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.