उत्तर प्रदेश के मेरठ में शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट का इलाका आज (मंगलवार) को सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा। बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स पर आवास एवं विकास परिषद् की बुलडोजर कार्रवाई के बाद व्यापारियों ने 'व्यापार बचाओ आंदोलन' शुरू कर दिया है। मंगलवार को 'मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी-नहीं चलेगी' और 'व्यापारियों पर अत्याचार बंद करो' जैसे नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया गया। इस आंदोलन को अब जिले भर के राजनीतिक और व्यापारिक संगठनों का खुला समर्थन मिल रहा है।READ ALSO:-मेरठ: बेगम पुल पर 'ट्रैफिक टेरर'! व्यापारियों ने DM-SSP को लिखा पत्र, कहा- ट्रैफिक पुलिस की नाक के नीचे टूट रहा 'नो-टेम्पो जोन' का नियम
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30 साल पुरानी कानूनी लड़ाई

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यह विरोध प्रदर्शन 25 अक्टूबर 2025 को हुए अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद शुरू हुआ है, जिसने सेंट्रल मार्केट में 22 दुकानों वाले कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त कर दिया।
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    निर्माण का इतिहास: सेंट्रल मार्केट में आवासीय भूखंड संख्या 661/6 पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण वर्ष 1990 में शुरू हुआ था।
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    अधिकारियों की अनदेखी: 19 सितंबर, 1990 को आवास एवं विकास परिषद ने निर्माण रोकने का नोटिस दिया था, लेकिन निर्माण नहीं रुका और अवैध दुकानों की संख्या 30 के पार पहुँच गई।
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    कोर्ट का आदेश: कानूनी लड़ाई के बाद, 23 मार्च 2005 को न्यायालय ने कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया। तमाम कानूनी दांवपेंच के बाद, नवंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने ध्वस्तीकरण के आदेश को बरकरार रखा।
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90 दुकानों पर मंडराया खतरा, आंदोलन में राजनीतिक समर्थन

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22 दुकानों के ध्वस्त होने के बाद अब सेंट्रल मार्केट के 31 प्रतिष्ठानों की 90 दुकानों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है, जिन्हें परिषद् ने पहले ही खाली करने का नोटिस भेजा है।
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    व्यापार बचाओ आंदोलन: शेष दुकानों पर कार्रवाई की सुगबुगाहट के बाद, सेंट्रल मार्केट से 'व्यापार बचाओ आंदोलन' की मुहिम शुरू हो गई है।
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    राजनीतिक समर्थन: सपा विधायक अतुल प्रधान के समर्थन के ऐलान के बाद, मंगलवार को कांग्रेस नेत्री रीना शर्मा समेत कई राजनीतिक और व्यापारिक संगठन विरोध में उतर आए।
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    केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी: पैदल मार्च के दौरान महिलाओं ने 'मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी' के नारे लगाए, जिसमें ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए सीधे केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया। लगातार तीसरे दिन सेंट्रल मार्केट का बाजार बंद रहा।
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व्यापारियों के गंभीर आरोप

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आंदोलन से जुड़े व्यापारियों ने अधिकारियों और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
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    कारोबारी चंद्र प्रकाश गोयल: उन्होंने कहा, "आवास एवं विकास परिषद् के उन अफसरों पर कार्रवाई होनी चाहिए, जिनके समय में यह अवैध निर्माण हुए। उन्होंने अपने स्वार्थ में भोले-भाले व्यापारियों को इतनी बड़ी मुसीबत में डाला है।"
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    किराये की महिला दुकानदार: उन्होंने भावुक होकर कहा कि, "सरकार का कोई भी नुमाइंदा अभी तक उनके बीच नहीं आया। सरकार को लिखित में आश्वस्त करना चाहिए कि उनकी दुकानों को कोई नुकसान नहीं होगा।"
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    कांग्रेस नेत्री रीना शर्मा: उन्होंने केंद्र सरकार पर हस्तक्षेप न करने का आरोप लगाते हुए कहा, "व्यापारियों का व्यापार छीना गया तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।"
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उत्पीड़न न रुका तो मेरठ बंद

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व्यापारी नेता आशु शर्मा ने इस विरोध को आवास एवं विकास परिषद् के खिलाफ रोष बताया।
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    चेतावनी: उन्होंने चेतावनी दी है, "सरकार की नीतियाँ व्यापारी विरोधी हैं। अगर यह उत्पीड़न नहीं रुका तो मेरठ बंद का ऐलान किया जाएगा।"
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    आगे की कार्रवाई: आवास विकास परिषद् की टीम ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है और अब अन्य 90 दुकानों को गिराने का काम किया जाएगा, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ने की आशंका है।
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