मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में तापमान में गिरावट आते ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'खतरनाक' स्तर पर पहुंच गया है, जिससे शहर की हवा जहरीली हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मानक से 10 गुना और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सुरक्षित मानक से 33 गुना ज्यादा प्रदूषित हवा के कारण लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।READ ALSO:-बिजनौर में गुलदार का खौफ! 3 दिन से लापता युवक पर हमला कर ली जान, गले पर मिले पंजे के गहरे निशान; गांव में पसरा मातम
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मेरठ शहर शनिवार को उत्तर प्रदेश का पांचवां सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि एनसीआर (National Capital Region) के आसपास के शहर प्रदूषण की सूची में पहले चार स्थानों पर रहे।
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AQI 'घातक' स्तर पर, PM 2.5 बना जहर
\r\n\r\nशनिवार को दोपहर एक बजे पल्लवपुरम में वायु गुणवत्ता सूचकांक 391 और जयभीमनगर में 381 रिकॉर्ड किया गया। यह 400 के आसपास का AQI मानव स्वास्थ्य के लिए घातक स्थिति का संकेत देता है।
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- \r\n सबसे खराब समय: शुक्रवार रात 9 बजे से शनिवार सुबह 11 बजे तक, PM 2.5 का मान 410 से अधिक बना रहा। सुबह 8 बजे से 11 बजे तक, जब बच्चे स्कूल जाते हैं और लोग काम के लिए बाहर निकलते हैं, यह उच्चतम सीमा (500 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) तक पहुंच गया।\r\n \r\n
- \r\n तुलना: हवा की गुणवत्ता CPCB के सुरक्षित मानक से 10 गुना और WHO के सुरक्षित मानक से 33 गुना अधिक प्रदूषित रही है।\r\n \r\n
- \r\n शाम की स्थिति: शाम 4 बजे मेरठ का AQI 369 दर्ज किया गया, जबकि ग्रेटर नोएडा (418), नोएडा (397), और गाजियाबाद (392) जैसे एनसीआर के शहर और भी खराब स्थिति में थे। यह दर्शाता है कि मेरठ प्रदूषण खतरनाक श्रेणी में बना हुआ है।\r\n \r\n
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सीजन की सबसे ठंडी रात और प्रदूषण का गठजोड़
\r\n\r\nप्रदूषण का यह बढ़ता स्तर सीधे तौर पर गिरते तापमान से जुड़ा हुआ है। 5 नवंबर के बाद से रात के तापमान में गिरावट आने के साथ ही हवा जहरीली होती गई है।
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- \r\n तापमान की गिरावट: शुक्रवार की रात इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही। न्यूनतम तापमान पहली बार 10C से कम यानी 9.7C} रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.4C कम था।\r\n \r\n
- \r\n कोहरे की स्थिति: रात में आर्द्रता (Humidity) का प्रतिशत बढ़कर 88% तक पहुंच गया, और हवा की रफ्तार कम होने से कोहरा पड़ने की स्थितियाँ बन रही हैं।\r\n \r\n
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सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के विज्ञानी प्रोफेसर यूपी शाही ने बताया कि आने वाले दिनों में भी न्यूनतम तापमान सामान्य से 2C से 4C कम बना रहेगा और बरसात की कोई संभावना नहीं है। इसका अर्थ है कि प्रदूषण या स्माग के प्रकोप से फिलहाल राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
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लोगों के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा सलाह
\r\n\r\nमेरठ प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है:
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- \r\n मास्क अनिवार्य: लोगों को बिना मास्क लगाए घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n मॉर्निंग वॉक बंद करें: सुबह की सैर (मॉर्निंग वॉक) और बाहरी शारीरिक गतिविधियों को कुछ दिनों के लिए बंद कर देना चाहिए, क्योंकि यह वही समय होता है जब प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक होता है।\r\n \r\n
- \r\n संवेदनशील समूह: बच्चों, बुजुर्गों, और सांस या हृदय रोगों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और डॉक्टर की सलाह पर ही घर से बाहर निकलना चाहिए।\r\n \r\n
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मेरठ में तापमान में गिरावट के साथ मेरठ प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जहां AQI 391 तक दर्ज किया गया है और PM 2.5 का स्तर विश्व मानक से 33 गुना ज्यादा है। न्यूनतम तापमान 9C रिकॉर्ड किया गया, और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदूषण से राहत नहीं मिलने की चेतावनी दी है। नागरिकों को अपनी सुरक्षा के लिए मास्क पहनने और बाहरी गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है।
Sabse pehle comment karne wale banein.