उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। शहर के लोहियानगर थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात अचानक उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सड़क किनारे हो रहे एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। हापुड़ रोड स्थित संतोष मेडिकल हॉस्पिटल के ठीक सामने हुई इस दुघर्टना में मेरठ में जीएसटी सिपाही को गोली लगने से पूरे पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। घायल सिपाही को तुरंत ही गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय सेल टैक्स अधिवक्ता और कुछ किन्नरों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है।READ ALSO:-यूपी में कुदरत का तांडव: आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने से 24 घंटे में 100 लोगों की मौत, बरेली में टिन शेड के साथ 50 फीट हवा में उड़ा शख्स; 51 जिलों में फिर अलर्ट
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घटना की शुरुआत: अंडे की ठेली पर किन्नरों का अचानक हंगामा
\r\n\r\nदेर रात की यह घटना उस समय की है जब शहर की अधिकांश सड़कें सूनी हो जाती हैं और पुलिस गश्त पर होती है। पुलिस द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात जीएसटी (GST) विभाग में तैनात सिपाही गौरव शर्मा अपने एक साथी के साथ लोहियानगर थाना क्षेत्र में हापुड़ रोड पर सड़क किनारे लगी एक अंडे की ठेली पर खाना खा रहे थे। सब कुछ बिलकुल सामान्य चल रहा था कि तभी अचानक वहां कुछ किन्नर (Transgenders) पहुंच गए।
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किन्नरों का ठेली वाले या वहां मौजूद किसी अन्य व्यक्ति से किसी अज्ञात बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते यह बहसबाजी एक बड़े हंगामे में तब्दील हो गई और सड़क पर चीख-पुकार मचने लगी। रात के सन्नाटे में इस भारी शोर-शराबे ने आसपास के निवासियों की नींद तोड़ दी और लोगों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया।
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कैसे लगी मेरठ में जीएसटी सिपाही को गोली?
\r\n\r\nजब सड़क पर हंगामा अपने चरम पर पहुंच गया था, तभी पास में ही रहने वाले सेल टैक्स अधिवक्ता (Sales Tax Advocate) संजय गोयल शोर सुनकर अपने घर से बाहर आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अधिवक्ता संजय गोयल ने सड़क पर जमा भीड़ को हटाने और बिगड़ती स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।
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जब किन्नरों का हंगामा उनके समझाने पर भी शांत नहीं हुआ, तो भीड़ को तितर-बितर करने और डराने के उद्देश्य से अधिवक्ता गोयल ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल ली। उन्होंने हवा में फायरिंग (Warning Shot) कर दी। पहली गोली हवा में चलने के बाद मौके पर कुछ पलों के लिए भारी भगदड़ मच गई। लेकिन असल हादसा तब हुआ जब अधिवक्ता ने दूसरी बार फायर किया। बताया जा रहा है कि दूसरी गोली सीधे सड़क से टकराई और वहां से उछलकर (Ricochet) सीधे वहीं खड़े सिपाही की ओर चली गई। यह मेरठ में जीएसटी सिपाही को गोली लगने का मुख्य कारण बना। गोली सिपाही गौरव शर्मा के पैर में जाकर धंस गई, जिससे वह घायल होकर वहीं सड़क पर गिर पड़े।
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अधिवक्ता ने पेश की मिसाल, खुद पहुंचाया संतोष मेडिकल हॉस्पिटल
\r\n\r\nगोली चलने और मेरठ में जीएसटी सिपाही को गोली लगने के तुरंत बाद वहां मौजूद किन्नर घबराकर मौके से फरार हो गए। इस गंभीर हादसे के बाद अधिवक्ता संजय गोयल मौके से भागे नहीं, बल्कि उन्होंने एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाते हुए स्वयं घायल सिपाही गौरव शर्मा को तुरंत पास के ही संतोष मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
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इतना ही नहीं, अधिवक्ता ने स्वयं ही इस पूरे घटनाक्रम की सूचना लोहियानगर थाना पुलिस को फोन पर दी। यह इस पूरे प्रकरण का एक महत्वपूर्ण पहलू है कि गोली दुर्घटनावश लगी और हथियार के मालिक ने खुद ही पीड़ित को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।
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लोहियानगर थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच के निर्देश
\r\n\r\nगोलीबारी की सूचना मिलते ही लोहियानगर थाना पुलिस की टीम दलबल के साथ संतोष मेडिकल हॉस्पिटल और घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर सबसे पहले घायल सिपाही के प्राथमिक बयान दर्ज किए और डॉक्टरों से उसकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली।
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मेरठ के एसपी सिटी (SP City) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के कड़े निर्देश दिए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सेल टैक्स अधिवक्ता संजय गोयल की लाइसेंसी पिस्टल को फौरन जब्त (Confiscate) कर लिया है। अब इस पिस्टल की बैलिस्टिक जांच (Ballistic Test) कराई जाएगी ताकि यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो सके कि गोली वाकई सड़क से टकराकर (Ricochet) लगी थी या इसके पीछे की परिस्थिति कुछ और थी।
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घटना का सच जानने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस
\r\n\r\nचूंकि यह घटना हापुड़ रोड के मुख्य मार्ग पर स्थित संतोष हॉस्पिटल के ठीक सामने घटित हुई है, इसलिए पुलिस अब घटनास्थल और आसपास लगे तमाम व्यावसायिक और निजी सीसीटीवी कैमरों (CCTV Cameras) की फुटेज खंगालने में जुट गई है। सीसीटीवी फुटेज इस बात का सबसे बड़ा और पुख्ता सबूत होगी कि रात के समय किन्नरों ने किस बात पर हंगामा किया था, और लाइसेंसी हथियार से गोली चलने की असली वजह क्या थी। इसके अलावा पुलिस उन किन्नरों की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है जो घटना के समय वहां मौजूद थे और हंगामा कर रहे थे।
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लाइसेंसी हथियारों का सार्वजनिक उपयोग: कानूनी पहलू
\r\n\r\nमेरठ में जीएसटी सिपाही को गोली लगने की इस ताजा घटना ने एक बार फिर लाइसेंसी हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन और उनके इस्तेमाल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कानून के जानकारों के अनुसार, आत्मरक्षा (Self-defense) के दायरे से बाहर सार्वजनिक स्थान पर हवाई फायरिंग करना आर्म्स एक्ट के तहत अपराध की श्रेणी में आ सकता है, खासकर तब जब इससे किसी निर्दोष नागरिक या सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी की जान जोखिम में पड़ जाए। हालांकि, अंतिम निर्णय पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट और न्यायालय पर निर्भर करेगा।
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संक्षेप में कहा जाए तो, मेरठ में जीएसटी सिपाही को गोली लगने का यह पूरा घटनाक्रम देर रात सड़क पर हुई एक मामूली बहस का गंभीर और अनपेक्षित नतीजा है। मेरठ पुलिस प्रशासन इस मामले में पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहा है और एसपी सिटी के सीधे पर्यवेक्षण में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। राहत की बात यह है कि घायल सिपाही गौरव शर्मा की हालत अब खतरे से बाहर है और उनका इलाज जारी है। पुलिस को जल्द ही सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान और बैलिस्टिक जांच रिपोर्ट के आधार पर इस मामले की पूरी तस्वीर साफ करनी होगी। यह घटना सभी हथियार लाइसेंस धारकों के लिए एक सबक भी है कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों का इस्तेमाल अत्यधिक जिम्मेदारी और संयम की मांग करता है।
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मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र में हापुड़ रोड स्थित संतोष हॉस्पिटल के सामने बुधवार देर रात किन्नरों के हंगामे को शांत कराने के प्रयास में एक सेल टैक्स अधिवक्ता की लाइसेंसी पिस्टल से गोली चल गई। यह गोली दुर्घटनावश वहां अंडे की ठेली पर खड़े जीएसटी विभाग के सिपाही गौरव शर्मा के पैर में लग गई। घटना के बाद अधिवक्ता ने स्वयं घायल सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराया और पुलिस को सूचित किया। फिलहाल सिपाही का इलाज चल रहा है। पुलिस ने अधिवक्ता की लाइसेंसी पिस्टल जब्त कर ली है और मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
Sabse pehle comment karne wale banein.