दिल्ली में हुए एक घातक ब्लास्ट में मेरठ के 32 वर्षीय मोहसिन की मौत के बाद, उनके अंतिम संस्कार को लेकर परिवार में एक बड़ा और मार्मिक विवाद खड़ा हो गया। मोहसिन के शव को दिल्ली से मेरठ लाया गया, लेकिन उनकी पत्नी सुल्ताना शव को वापस दिल्ली ले जाने पर अड़ गईं। इसे लेकर पत्नी सुल्ताना का अपनी सास संजीदा और देवर नदीम से करीब 6 घंटे तक हाई-वोल्टेज झगड़ा चला। यह हृदय विदारक घटना दर्शाती है कि त्रासदी के समय भी भावनात्मक और वैवाहिक संबंध कितने जटिल हो सकते हैं।READ ALSO:-बिजनौर में दरिंदगी की इंतिहा: पहले किया रेप, फिर पीड़िता की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर कीं वायरल! पुलिस ने आरोपी को दबोचा
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रोजी-रोटी की तलाश में दिल्ली गए थे मोहसिन

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मोहसिन मूलरूप से मेरठ के न्यू इस्लामनगर की गली नंबर-28 के रहने वाले थे।
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    दिल्ली प्रवास: लगभग 2 साल पहले, वह बेहतर रोजी-रोटी की तलाश में अपनी पत्नी सुल्ताना, 10 साल की बेटी हिफजा और 8 साल के बेटे आहद के साथ दिल्ली चले गए थे।
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    दिल्ली का ठिकाना: वह दिल्ली में जामा मस्जिद स्थित पत्ता मोहल्ले में किराए के मकान में रहते थे। यहीं उनकी ससुराल भी है। वह दिल्ली में ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे।
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    त्रासदी: सोमवार शाम को मोहसिन ई-रिक्शा से सवारियां लेकर लाल किला की तरफ गए थे। इसी दौरान लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में वह चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई।
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मेरठ में 6 घंटे का हंगामा

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मोहसिन के भाई नदीम को दिल्ली में मौत की खबर मिली। वह मोहसिन का शव लेकर मंगलवार सुबह मेरठ आ गए, जिससे परिवार में चीख-पुकार मच गई।
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    पत्नी का दावा और विरोध: मोहसिन का शव मेरठ पहुंचने के करीब 3 घंटे बाद उनकी पत्नी सुल्ताना भी वहां पहुंच गई। उन्होंने मेरठ में शव दफनाने से इनकार कर दिया और शव को दिल्ली ले जाने पर अड़ गईं।
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    भावुक टकराव: अंतिम संस्कार के स्थान को लेकर सुल्ताना का अपनी सास संजीदा और देवर नदीम से ज़ोरदार झगड़ा हुआ। सास संजीदा ने बहू सुल्ताना के पैर पकड़कर बेटे के शव को मेरठ में दफनाने को कहा, तो सुल्ताना ने भी सास के पैर पकड़कर पति का शव दिल्ली ले जाने की गुजारिश की।
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    सहमति: करीब 6 घंटे तक चले इस हंगामे के बाद, आखिर में परिवार ने दिल्ली में ही मोहसिन का अंतिम संस्कार करने पर सहमति जताई। इसके बाद सुल्ताना शव को वापस दिल्ली ले गईं।
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परिवार का दर्द और आरोप

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इस घटना पर परिवार के दोनों पक्षों का दर्द और गुस्सा सामने आया।
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    मां संजीदा का दर्द: मां संजीदा ने रोते हुए कहा कि मोहसिन ने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए दिल्ली जाने का फैसला किया था, जिसके लिए उन्होंने मना किया था। उन्होंने कहा, "इंसानियत के दुश्मनों ने सब कुछ तबाह कर दिया।"
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    पत्नी सुल्ताना का आरोप: पत्नी सुल्ताना ने आरोप लगाया कि सुबह उनकी बिना इजाजत के ही मोहसिन के घरवाले शव लेकर मेरठ चले आए। उन्होंने कहा, "न मुझे बुलाया, न ही मेरे बच्चों को बुलाया। मैं यहां अंतिम संस्कार नहीं करने दूंगी।"
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    रिश्तेदारों का संदेह: मोहसिन के रिश्तेदार मोहम्मद यूसुफ ने इस विवाद पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि सुल्ताना पैसों के लालच में या किसी अन्य लालच में ऐसा कर रही है।
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 परिवार पर संकट

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मोहसिन की मौत से परिवार पर गहरा संकट आ गया है। वह 9 भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे और अपने परिवार का सहारा थे। उनके पिता रफीक ने कहा कि उनका बेटा अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर बड़ा आदमी बनाना चाहता था, लेकिन उसकी मौत ने सारे सपने तोड़ दिए।
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