विशेष संवाददाता: निशांत कुमार गौड़-धामपुर, बिजनौर (विशेष धार्मिक रिपोर्ट): भारत भूमि आदिकाल से ही देवी-देवताओं की उपासना, धर्म, कर्म और अटूट आस्था का केंद्र रही है। इसी धार्मिक परंपरा और सनातन संस्कृति की एक अद्भुत और भव्य झलक उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर नगर में देखने को मिली। शुक्रवार की शाम धामपुर के लिए किसी बड़े त्योहार से कम नहीं थी, क्योंकि यहाँ जगत जननी मातेश्वरी की आराधना में एक ऐसा अलौकिक समां बंधा, जिसने हर किसी को माँ जगदम्बा की भक्ति में सराबोर कर दिया।READ ALSO:-खत्री समाज का महाकुंभ: मेरठ में 'खत्री युवा शक्ति संघ' ने ऐतिहासिक उत्साह के साथ मनाई आराध्य देव अरूट महाराज जी की जयंती
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नगर की प्रसिद्ध और पुरानी धार्मिक संस्था 'नवदुर्गा जागरण पार्टी' द्वारा माता रानी की कृपा से अपना 50वां वार्षिकोत्सव यानी 'स्वर्ण जयंती महोत्सव' अत्यंत हर्षोल्लास, भव्यता और धूमधाम के साथ मनाया गया। धामपुर के पंजाबी कॉलोनी के ठीक सामने स्थित विशाल 'शुभम मंडप' में आयोजित इस भगवती जागरण में श्रद्धा का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरा पंडाल 'जय माता दी' और 'सांचे दरबार की जय' के गगनभेदी उद्घोषों से गुंजायमान हो उठा।
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स्वर्ण जयंती महोत्सव: 50 वर्षों की अनवरत सेवा और समर्पण

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किसी भी धार्मिक संस्था द्वारा लगातार 50 वर्षों तक एक ही उत्साह और श्रद्धा के साथ धार्मिक आयोजन करना अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। नवदुर्गा जागरण पार्टी ने अपना यह स्वर्ण जयंती महोत्सव आयोजित कर धामपुर के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। आधी सदी (50 साल) का यह सफर आयोजकों की माँ जगदम्बा के प्रति उस अगाध श्रद्धा को दर्शाता है, जो समय के साथ और भी अधिक प्रगाढ़ होती गई है। इस 50वें विशाल जागरण को यादगार बनाने के लिए आयोजक मंडल ने महीनों पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं, जिसका सुखद परिणाम इस भव्य आयोजन के रूप में सभी के सामने आया।
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कार्यक्रम का विस्तृत विवरण एक नज़र में:

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    आयोजन का नाम: 50वां विशाल भगवती जागरण (स्वर्ण जयंती महोत्सव)
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    आयोजक: नवदुर्गा जागरण पार्टी, धामपुर
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    पावन तिथि: 29 मई 2026, दिन शुक्रवार
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    पवित्र समय: शाम 5:00 बजे से रात्रि 11:00 बजे तक
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    भव्य स्थान: शुभम मंडप, पंजाबी कॉलोनी के सामने, धामपुर, जिला बिजनौर
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शुभम मंडप का अलौकिक नजारा: सतरंगी रोशनी और फूलों की महक

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इस विशेष अवसर पर शुभम मंडप को किसी राजमहल की तरह सजाया गया था। पंडाल के प्रवेश द्वार से लेकर माता रानी के मुख्य दरबार तक, हर जगह रंग-बिरंगी सतरंगी लाइटें और आकर्षक तोरण द्वार लगाए गए थे। माता का दरबार (भवन) विशेष रूप से मंगाए गए विदेशी और देशी फूलों, गुलाब, गेंदा और चमेली की लड़ियों से सजाया गया था। दरबार की भव्यता देखते ही बन रही थी, मानों साक्षात वैष्णो देवी का दरबार धामपुर की धरती पर उतर आया हो। फूलों की भीनी-भीनी महक और धूप-दीप की सुगंध से पूरे पंडाल का वातावरण इतना पवित्र और शुद्ध हो गया था कि वहां कदम रखते ही भक्तों को असीम शांति की अनुभूति हो रही थी।
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भजनों की अमृत वर्षा और गुरुपौत्र मास का विशेष महत्व

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कार्यक्रम की शुरुआत शाम 5 बजे पूरे विधि-विधान के साथ गणपति वंदना और नवग्रह पूजन से हुई। आयोजकों ने बताया कि यह कोई साधारण जागरण नहीं था, बल्कि 'गुरुपौत्र मास' के अत्यंत पवित्र और शुभ अवसर के अंतर्गत माता रानी की यह विशेष चौकी लगाई गई थी। शास्त्रों में इस मास में की गई देवी उपासना का विशेष महत्व बताया गया है, जिससे घर-परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
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गणपति वंदना के पश्चात बाहर से आमंत्रित सुप्रसिद्ध भजन गायकों ने मंच संभाला और फिर शुरू हुआ भजनों की अमृत वर्षा का वह दौर, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। "चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है...", "पहाड़ों वाली माता...", और "तूने मुझे बुलाया शेरावालिये..." जैसे भजनों पर गायक कलाकारों ने अपनी ऐसी सुरीली तान छेड़ी कि पंडाल में बैठे श्रद्धालु अपनी जगह पर खड़े होकर तालियां बजाने और नृत्य करने पर मजबूर हो गए। देर रात तक गायक अपनी मधुर आवाज में माता की भेंटें (भजन) गाते रहे और भक्तगण माँ की भक्ति में लीन होकर झूमते रहे। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में माता की भक्ति का एक समान उत्साह देखने को मिल रहा था।
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भारी संख्या में उमड़े श्रद्धालु, सपरिवार लिया धर्मलाभ

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इस स्वर्ण जयंती महोत्सव में केवल धामपुर से ही नहीं, बल्कि आस-पास के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों से भी हजारों की संख्या में माता रानी के भक्तों ने सपरिवार शिरकत की। पंडाल खचाखच भरा हुआ था, लेकिन इसके बावजूद भक्तों के अनुशासन और सेवादारों की बेहतरीन व्यवस्था के कारण कहीं भी कोई अव्यवस्था नहीं हुई। भक्तों ने माता की पावन ज्योति के दर्शन किए, अपनी मनोकामनाएं मांगी और माँ जगदम्बा का आशीर्वाद ग्रहण कर अपने जीवन को धन्य किया। माता के जयकारों से आसपास का पूरा इलाका गूंजता रहा, जिससे पूरे शहर में एक सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
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गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

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इस मंगलमय और ऐतिहासिक अवसर पर धामपुर और जिले के कई वरिष्ठ राजनेताओं, समाजसेवियों और गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर माता का आशीर्वाद लिया।
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    मुख्य अतिथि (Chief Guests): कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिष्ठित सामाजिक और राजनीतिक व्यक्तित्व श्री प्रियंकर राणा जी एवं श्री अशोक कटारिया जी ने शिरकत की। आयोजक मंडल ने फूल-मालाओं और माता की चुनरी ओढ़ाकर उनका भव्य स्वागत किया। मुख्य अतिथियों ने माता की पावन ज्योति के समक्ष शीश नवाया और समाज में सुख-शांति एवं भाईचारे की कामना की।
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    विशिष्ट अतिथि (Special Guests): इस विशाल जागरण में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री भूपेन्द्र चौहान 'बॉबी', चौधरी रवि कुमार सिंह, श्री आशीष शर्मा, श्रीमती क्षमा हेमलता चौहान, श्रीमती आकांक्षा चौहान और श्री जयपाल चौहान सहित कई अन्य गणमान्य लोगों ने अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। सभी अतिथियों ने नवदुर्गा जागरण पार्टी के इस 50 वर्षों के अनवरत प्रयास और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाले इस धार्मिक कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
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आयोजक मंडल का अथक प्रयास और आभार

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कोई भी आयोजन बिना एक मजबूत और समर्पित टीम के सफल नहीं हो सकता। 50वें विशाल जागरण को इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचाने और इसे पूरी तरह से निर्विघ्न संपन्न कराने का पूरा श्रेय 'नवदुर्गा जागरण पार्टी' के सेवादारों और आयोजक मंडल को जाता है, जिन्होंने दिन-रात एक कर इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की और उसे धरातल पर उतारा।
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आयोजक व निवेदक मंडल के प्रमुख सदस्य:

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    सरदार अमरजीत सिंह सलूजा
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    सरदार हरप्रीत सिंह सलूजा
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    सरदार सतीश गुप्ता
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    सरदार मनप्रीत सिंह सलूजा
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    रितेश पंचाल
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    सरदार हरवीर सिंह सलूजा
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    पिक्कू पंचाल
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    एवं समस्त जगदम्बा भक्त परिवार
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कार्यक्रम के अंतिम चरण में आयोजक मंडल के सदस्यों (विशेषकर सलूजा और पंचाल परिवार) ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों, भजन गायकों, मीडिया बंधुओं, पुलिस-प्रशासन (जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी) और विशेष रूप से भारी संख्या में पधारे सभी श्रद्धालुओं का हृदय से आभार (धन्यवाद) व्यक्त किया। उन्होंने संकल्प लिया कि माता रानी की कृपा से यह धार्मिक यात्रा भविष्य में भी इसी प्रकार अनवरत चलती रहेगी।
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महाआरती और विशाल भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन

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रात 11 बजे, पूरे विधि-विधान के साथ माता रानी की भव्य 'महाआरती' और 'तारा रानी की कथा' का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी भक्तों ने अपने हाथों में दीप प्रज्वलित कर माता की आरती उतारी। महाआरती के इस विहंगम दृश्य ने सभी के मनों में भक्ति और भावुकता का संचार कर दिया।
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आरती के पश्चात माता का विशेष प्रसाद (हलवा-चना और छप्पन भोग) का वितरण शुरू हुआ। इसके साथ ही एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया था, जहाँ हजारों लोगों ने कतारबद्ध और अनुशासित तरीके से बैठकर माता का महाप्रसाद ग्रहण किया।
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अंततः, धामपुर में आयोजित जगत जननी मातेश्वरी का यह 50वां विशाल स्वर्ण जयंती जागरण न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान के रूप में, बल्कि समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में बांधने वाले एक सफल और ऐतिहासिक महाकुंभ के रूप में संपन्न हुआ, जिसकी गूंज और सुखद यादें धामपुर वासियों के दिलों में लंबे समय तक तरोताजा रहेंगी।
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