दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) में वायु प्रदूषण (Air Pollution) के बढ़ते स्तर को देखते हुए गाजियाबाद जिला प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा निर्णय लिया है। 1 नवंबर से उत्तर प्रदेश की सीमा से भारत स्टेज-3 (BS-3) मानक के किसी भी वाहन को दिल्ली की सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। गाजियाबाद के आरटीओ विभाग ने आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि यह कदम राष्ट्रीय राजधानी की हवा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशानुसार उठाया जा रहा है।Read also:-सहारनपुर में एक हफ्ते में 3 बच्चियों से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार: 'फिल्मी अंदाज' में शिकार करता था सलमान उर्फ सल्लू, 60 CCTV फुटेज से खुला राज
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वाणिज्यिक वाहनों से उच्च प्रदूषण उत्सर्जन

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यह सख्त प्रतिबंध मुख्य रूप से उन वाणिज्यिक और परिवहन वाहनों पर लगाया जा रहा है, जिनसे उच्च प्रदूषण उत्सर्जन होता है।
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    लागू करने का कारण: गाजियाबाद के एआरटीओ प्रवर्तन मनोज कुमार मिश्रा ने पुष्टि की है कि यह फैसला CAQM, नई दिल्ली के आदेश पर लिया गया है, जिसका उद्देश्य दिल्ली में प्रवेश करने वाले पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है।
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    छूट की श्रेणी: इस प्रतिबंध से केवल भारत स्टेज-4 (BS-4) मानक के वाहन, सीएनजी (CNG), एलएनजी (LNG), और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) ही मुक्त रहेंगे।
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1 नवंबर से सख्त निगरानी

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गाजियाबाद जिला प्रशासन ने 1 नवंबर से इस नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है।
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    प्रतिबंधित वाहन: 1 नवंबर से BS-4 वाहन, सीएनजी, एलएनजी, ईवी वाहनों के अतिरिक्त अन्य श्रेणी के समस्त परिवहन व वाणिज्यिक माल वाहनों के प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
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    निगरानी के केंद्र: गाजियाबाद व नोएडा के दिल्ली बॉर्डर पर परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चलाकर सख्त निगरानी बरतेगी। गाजियाबाद से दिल्ली की सीमा 44 किमी लंबाई में टच होती है, जबकि नोएडा से दिल्ली की सीमा 6 किमी लंबाई में स्पर्श करती है।
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    अस्थायी छूट: CAQM ने पूर्व में आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले गैर-भारत स्टेज 4 मानक के परिवहन वाहनों को 31 अक्टूबर की रात्रि तक दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति दी थी, लेकिन यह छूट अब समाप्त हो रही है।
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ADCP ट्रैफिक की चेतावनी

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गाजियाबाद के एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक सच्चिदानंद ने स्पष्ट किया कि BS-3 में बाइकें, बुलेट बाइक, ट्रक, कार, और बसें शामिल हैं। यह प्रतिबंध पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती से लागू होगा।
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    N G T का आदेश: डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेश के अनुसार, डीजल से चलने वाले 10 साल और पेट्रोल से चलने वाले 15 साल पुराने वाहन दिल्ली में पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं।
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    सख्त कार्रवाई: नियम तोड़ने पर वाहनों को सीज किया जाएगा। एनजीटी का ₹5,000 का जुर्माना लगेगा, और कागजों की कमी होने पर अलग से जुर्माना कोर्ट द्वारा लगाया जाएगा।
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    सीज होने पर मुश्किल: एडिशनल डीसीपी ने चेतावनी दी है कि एक बार वाहन सीज होने पर उसे आसानी से छुड़ाना संभव नहीं होगा।
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NCR में प्रदूषण नियंत्रण

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यह निर्णय Delhi NCR की Air Quality को सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इससे पुराने BS-3 वाहनों के मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन की इस सख्ती से उम्मीद है कि Delhi Pollution में कुछ कमी आएगी।
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