गाजियाबाद: दिल्ली से सटे गाजियाबाद के मोदीनगर कस्बे में गुरुवार शाम किन्नरों के बीच चल रही गैंगवार ने एक खूनी अंजाम ले लिया। दूसरे किन्नर गुट से जुड़े एक ड्राइवर की बीच-बाजार में दुकान से खींचकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और अकेले सिर में 5 गोलियां उतार दीं। महज 4 दिन पहले ही मृतक को कचहरी में विरोधी गुट ने धमकी दी थी कि "तुम्हारा अंतिम समय आ गया है।"READ ALSO:-बिजनौर: महिला से दुष्कर्म कर बनाया आपत्तिजनक वीडियो, ब्लैकमेल करने वाला दूसरा आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़ा
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यह पूरी घटना एक पुरानी रंजिश का नतीजा है। मृतक ड्राइवर अहसान (48) खुद एक हत्या के मामले में 20 दिन पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था और उसे अपनी जान का खतरा था, जिस वजह से वह घर छोड़कर मोहिउद्दीनपुर में किराए पर रह रहा था।
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कैसे दिया गया वारदात को अंजाम? गुरुवार शाम करीब 5 बजे, अहसान अपनी मालकिन निशा किन्नर के साथ मोदीनगर की विश्वकर्मा बस्ती स्थित अपने पुराने घर की सफाई करने आया था। वह घर के मेन गेट पर अपने साथियों से बात कर रहा था, तभी दरवाजा खटखटाने की आवाज आई। अहसान जैसे ही दरवाजे पर पहुंचा, वहां 5-6 हथियारबंद लोग खड़े थे। खतरा भांपकर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने दरवाजा तोड़ दिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
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जान बचाने के लिए अहसान सड़क की ओर भागा, लेकिन हमलावरों ने उसके पैर में गोली मार दी। जब वह लंगड़ाते हुए एक परचून की दुकान में घुसने लगा, तो बदमाशों ने उसे बालों से पकड़कर बाहर खींचा और सड़क के बीचों-बीच उसके सिर में एक के बाद एक 5 गोलियां मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस दौरान 10 से ज्यादा राउंड फायरिंग हुई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। किन्नर निशा ने किसी तरह पड़ोसी के घर छिपकर अपनी जान बचाई। हत्या के बाद हमलावर पैदल ही हथियार लहराते हुए फरार हो गए।
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क्या है गैंगवार की जड़? पुलिस के अनुसार, यह पूरा विवाद मोदीनगर में बधाई मांगने वाले इलाके के बंटवारे को लेकर निशा किन्नर और पूजा किन्नर के गुटों के बीच चल रहा है। इसी साल मार्च 2025 में पूजा किन्नर के ढोलक वादक अलबख्श की हत्या हुई थी, जिसका आरोप निशा किन्नर के ड्राइवर अहसान पर लगा था। पुलिस ने अहसान को 10 मार्च को जेल भेज दिया था और वह 25 सितंबर को ही जमानत पर बाहर आया था। माना जा रहा है कि पूजा किन्नर का गुट अलबख्श की हत्या का बदला लेने के लिए अहसान के जेल से बाहर आने का ही इंतजार कर रहा था।
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"संभलकर रहना, तेरा समय आ गया है" मृतक अहसान की पत्नी फरजाना ने रोते हुए बताया, "जेल से छूटने के बाद हम जान के डर से जगह-जगह छिपकर रह रहे थे। 12 अक्टूबर को जब अहसान कचहरी में तारीख पर गया था, तो पूजा किन्नर के पक्ष ने उसे घेरकर धमकी दी थी- 'तेरा समय कभी भी आ सकता है, संभलकर रहना।' इसके बाद से मेरे पति बहुत डरे हुए थे। हत्या से एक दिन पहले हमारे घर की रेकी भी की गई थी।"
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घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी ग्रामीण और एसीपी मोदीनगर मौके पर पहुंचे। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि हत्या के खुलासे के लिए 3 टीमें लगा दी गई हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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