गाजियाबाद (रिपोर्ट): उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। रिश्तों को शर्मसार करने वाले और इंसानियत को कंपा देने वाले एक खौफनाक मामले में पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। अपनी ही 4 साल की सगी भांजी के साथ बर्बरता, दुष्कर्म और फिर उसकी निर्मम हत्या करने वाले मुख्य आरोपी मोहम्मद जसीम उर्फ छोटू को गाजियाबाद पुलिस ने एक भीषण मुठभेड़ (Encounter) में मार गिराया है। इस खूंखार दरिंदे पर पुलिस प्रशासन की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इस सफल ऑपरेशन को एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह और एसीपी क्राइम के नेतृत्व वाली एक विशेष पुलिस टीम ने अंजाम दिया है।READ ALSO:-यूपी में स्मार्ट मीटर के खिलाफ उपभोक्ताओं की बड़ी जीत: स्थापना पर तत्काल रोक, अब 'जीरो बैलेंस' पर भी 3 दिन तक रोशन रहेंगे घर
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यह घटना केवल एक अपराध नहीं था, बल्कि यह समाज के उस ताने-बाने पर एक सीधा प्रहार था जहाँ एक बच्चा अपने परिवार के बीच खुद को सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस करता है। इस वारदात के बाद पूरे गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में भारी आक्रोश था, जिसे देखते हुए पुलिस ने दरिंदे को पकड़ने के लिए दिन-रात एक कर दिया था।
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रिश्तों का कत्ल: जब रक्षक ही भक्षक बन गया
\r\n\r\nयह दिल दहला देने वाली घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक और चेतावनी है। जानकारी के अनुसार, आरोपी मोहम्मद जसीम उर्फ छोटू रिश्ते में उस 4 साल की मासूम बच्ची का सगा मामा लगता था। जिस उम्र में बच्चियां दुनिया को समझना शुरू करती हैं, उस उम्र में इस मासूम को अपने ही मामा की दरिंदगी का शिकार होना पड़ा। आरोपी ने पहले बच्ची के साथ हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए दुष्कर्म किया और फिर अपना गुनाह छिपाने के लिए उस नन्ही जान की बेरहमी से हत्या कर दी।
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इस घटना के खुलासे के बाद से ही पीड़ित परिवार सदमे में था और स्थानीय लोगों में भयंकर गुस्सा उबल रहा था। हर कोई इस दरिंदे के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहा था। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल प्रभाव से आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी थीं।
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पुलिस महकमे में हड़कंप और 50 हजार का इनाम
\r\n\r\nमासूम के साथ हुई इस अमानवीय घटना के बाद गाजियाबाद पुलिस पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई थी। आरोपी जसीम वारदात को अंजाम देने के बाद से ही लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा था। उसकी फरारी को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।
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एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह और एसीपी क्राइम को इस मोस्ट वांटेड अपराधी को सलाखों के पीछे धकेलने का जिम्मा सौंपा गया था। क्राइम ब्रांच और स्वात (SWAT) टीम ने मिलकर पूरे इलाके में मुखबिरों का जाल बिछा दिया था। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और जमीनी खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस जसीम के हर कदम को ट्रैक करने की कोशिश कर रही थी।
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मुखबिर की सटीक सूचना और टीला मोड़ पर घेराबंदी
\r\n\r\nपुलिस की कड़ी मेहनत उस समय रंग लाई जब एक गुप्त और पुख्ता सूचना प्राप्त हुई। मुखबिर से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को पता चला कि जसीम अपने कुछ संदिग्ध साथियों के साथ गाजियाबाद के टीला मोड़ थाना क्षेत्र में मौजूद है और किसी वारदात या वहां से भागने की फिराक में है।
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इस सूचना को बिल्कुल भी हल्के में न लेते हुए, पुलिस टीम को तत्काल एक्टिव किया गया। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया और अलग-अलग जगहों पर बैरिकेडिंग लगाकर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया। पुलिस की टीमें हर आने-जाने वाले वाहन और संदिग्ध व्यक्ति पर पैनी नजर रख रही थीं।
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बनथला नहर कट के पास आमना-सामना और फायरिंग
\r\n\r\nचेकिंग के दौरान ही बनथला नहर कट के पास पुलिस टीम को एक संदिग्ध व्यक्ति अपने कुछ साथियों के साथ आता हुआ दिखाई दिया। हुलिए के आधार पर जब पुलिस और स्वात टीम को शक हुआ कि यह वही 50 हजार का इनामी जसीम उर्फ छोटू है, तो उन्होंने उसे रुकने का इशारा किया।
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लेकिन, अपने आप को चारों तरफ से खाकी वर्दी और हथियारों से घिरा देखकर जसीम घबरा गया। सरेंडर करने या रुकने के बजाय, इस शातिर अपराधी ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। उसने भागने की नीयत से पुलिस वालों पर सीधे गोलियां दागीं।
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जवाबी कार्रवाई में ढेर हुआ 50 हजार का इनामी
\r\n\r\nपुलिस ने पहले तो उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन जब अपराधी की तरफ से लगातार फायरिंग होती रही, तो पुलिस को भी आत्मरक्षा में गोलियां चलानी पड़ीं। दोनों तरफ से हुई इस ताबड़तोड़ फायरिंग में पुलिस की गोली जसीम को जा लगी और वह वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
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इस भीषण मुठभेड़ में गाजियाबाद पुलिस के दो जांबाज कॉन्स्टेबल भी अपराधियों की गोली का शिकार होकर घायल हो गए। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए घायल अपराधी जसीम और अपने दोनों घायल पुलिसकर्मियों को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
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अस्पताल पहुंचने पर आपातकालीन वार्ड में मौजूद डॉक्टरों की टीम ने घायल मोहम्मद जसीम उर्फ छोटू का परीक्षण किया, जिसके बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, घायल हुए दोनों पुलिस कॉन्स्टेबलों को तत्काल प्रभाव से उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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फरार साथियों की तलाश में कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी
\r\n\r\nमुठभेड़ के दौरान जसीम के साथ कुछ और संदिग्धों के होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि जसीम के वो दो साथी कौन थे जो उसके साथ देखे गए थे? क्या उनका भी इस जघन्य वारदात में कोई हाथ था, या वे जसीम को फरारी काटने में मदद कर रहे थे?
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घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम को बुलाकर तमाम साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस की कई टीमें इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन (सर्च अभियान) चला रही हैं ताकि जसीम के फरार साथियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।
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उत्तर प्रदेश पुलिस का सख्त संदेश
\r\n\r\nयह एनकाउंटर उत्तर प्रदेश सरकार और यूपी पुलिस की उस 'जीरो टॉलरेंस नीति' (Zero Tolerance Policy) का एक और सीधा उदाहरण है, जो अपराधियों और महिलाओं/बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए लागू की गई है। गाजियाबाद पुलिस ने इस त्वरित कार्रवाई से यह साफ संदेश दे दिया है कि समाज में दहशत फैलाने वाले और मासूमों के साथ दरिंदगी करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है। मासूम बच्ची के परिवार को भले ही उनकी बेटी वापस न मिल सके, लेकिन कातिल मामा के इस खौफनाक अंत से उन्हें और समाज को न्याय मिलने की एक तसल्ली जरूर मिली है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की आगे की कानूनी कागजी कार्रवाई में जुटी हुई है और इलाके में शांति व सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
Sabse pehle comment karne wale banein.