राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण (Air Pollution) के बढ़ते खतरे को देखते हुए आज, 1 नवंबर 2025 से BS-3 (भारत स्टेज-3) मानक वाले वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के बॉर्डरों पर, खासकर गाजियाबाद और नोएडा में, इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है। गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने जगह-जगह चेकिंग पॉइंट बनाए हैं, जिससे Delhi-NCR में वाहनों की लंबी लाइनें लग गई हैं। कई ड्राइवर चालान और वाहन सीज होने के डर से रास्ते से ही वापस लौट रहे हैं।READ ALSO:-भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में आएगा 'महाबूम': 2030 तक दोगुना हो जाएगा REIT मार्केट, 19.7 ट्रिलियन रुपये पहुंचने का अनुमान
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CAQM के आदेश पर लागू हुई नो-एंट्री
\r\n\r\nदिल्ली में प्रदूषण के 'बेहद खराब' (Very Poor) या 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में पहुंचने के बाद, सेंट्रल एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमिशन (CAQM) द्वारा यह कदम उठाया गया है।
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- \r\n मुख्य कारण: एडिशनल एआरटीओ प्रवर्तन मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि CAQM के आदेश के अनुसार, गुड्स व्हिकल (मालवाहक) और पुराने यात्री वाहनों से होने वाले हाई पॉल्युशन एमिशन (High Pollution Emission) को रोकने के लिए यह रोक लगाई गई है।\r\n \r\n
- \r\n बीएस मानक: बीएस मानक वाहनों में प्रदूषण मापने का एक पैमाना है। बीएस-3 मानक वाले वाहन (जो मुख्य रूप से 2010 के बाद बने थे) अब दिल्ली में प्रतिबंधित कर दिए गए हैं, क्योंकि उनकी समय सीमा लगभग पूरी हो चुकी है।\r\n \r\n
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बॉर्डर पर लगी वाहनों की लंबी लाइनें
\r\n\r\nगाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने वाले मुख्य रास्तों पर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया है।
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- \r\n चेकिंग पॉइंट: गाजीपुर बॉर्डर (यूपी गेट), आनंद विहार, लोनी बॉर्डर, सूर्यनगर, तुलसी निकेतन और सोनिया विहार जैसे मुख्य प्रवेश द्वारों पर चेकिंग चल रही है।\r\n \r\n
- \r\n वापसी का डर: BS-3 वाहनों को बॉर्डर से ही वापस लौटाया जा रहा है। Delhi-Meerut Expressway पर रात के समय वाहन चालकों ने दिल्ली में वाहन सीज होने के डर से कई किलोमीटर पहले ही अपनी गाड़ियों को एक तरफ रोक दिया, जिसके कारण एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं।\r\n \r\n
- \r\n कार्रवाई: एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक सच्चिदानंद और एआरटीओ मनोज मिश्रा की निगरानी में सात टीमें इस अभियान में जुटी हैं।\r\n \r\n
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ड्राइवर खुद जिम्मेदार
\r\n\r\nप्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस रोक की सूचना पहले ही वाहन मालिकों को दी जा चुकी है।
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- \r\n अधिकारियों का बयान: अधिकारियों का कहना है कि BS-3 वाहनों को लिस्ट बनाकर उनके मालिकों को मैसेज भेजे जा चुके हैं।\r\n \r\n
- \r\n ड्राइवरों को चेतावनी: ट्रैफिक पुलिस ने कहा है कि वाहन चालक अपनी जिम्मेदारी समझें, क्योंकि उन्हें पता होता है कि उनकी गाड़ी का उत्सर्जन मानक (Emission Standard) क्या है। BS-3 वाहनों को लेकर दिल्ली में एंट्री करने का कोई प्रयास न करें, अन्यथा वाहन सीज कर चालान किया जाएगा।\r\n \r\n

प्रवेश के लिए अनुमति:
\r\n\r\nदिल्ली में केवल निम्नलिखित वाहनों को ही एंट्री दी जा रही है:
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- \r\n भारत स्टेज-4 (BS-4) या उससे ऊपर के अपग्रेडेड वाहन।\r\n \r\n
- \r\n सीएनजी (CNG), एलएनजी (LNG) और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV)\r\n \r\n
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प्रदूषण नियंत्रण की चुनौती
\r\n\r\nदिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता (Air Quality) लगातार खराब श्रेणी में बनी हुई है। इस रोक से Pollution पर लगाम कसने की उम्मीद है, लेकिन बॉर्डर पर चेकिंग के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। परिवहन विभाग और पुलिस ने यात्रियों से सहयोग करने और प्रतिबंधित वाहनों का उपयोग दिल्ली में प्रवेश के लिए न करने की अपील की है।
Sabse pehle comment karne wale banein.